मिथुन राशिफल – Mithun Rashifal 2026 – 24 July to 31 July
का, की, कू, घ, ङ, छ — मृगशिरा नक्षत्र (प्रथम चरण)
के, को, हा — आर्द्रा नक्षत्र
हि — पुनर्वसु नक्षत्र
24 जुलाई से 31 जुलाई तक
दिनांक 24, 25 सुखों में बढ़ोतरी होगी। आप समय रहते सारा कार्य कर लेंगे। इस समय रुकावट तो खूब रहेगी किन्तु आप सारी बाधाओं को पार करते हुए आगे बढेंगे। यह समय हंसी-खुशी एवं मनोरंजन से भरपूर होगा। 26, 27, 28 को सप्तमस्थ चन्द्रमा सुख शांतिदायक रहेगा। अपने निजी सपनों और महत्वाकांक्षाओं को पूरे करने का समय है। मित्र और परिवार का साथ रहेगा। मित्रों के प्रेम से आप हर समस्याओं से उभर जाएंगे। संतान संबंधी परेशानियां दूर होंगी। 29, 30 को वाहन या इलेक्ट्रिक उपकरण खराब हो सकता है। जिससे समस्या बढ़ेगी। घर में या ऑफिस में नौकर से संबंधित परेशानियां आएंगी। आपको सब्र रखना होगा। दिनांक 31 को सरकारी नौकरी वाले जातकों के लिए समय अच्छा है।
ग्रह स्थिति
मासारम्भ में सूर्य मिथुन राशि का लग्न में, बुध+बृहस्पति+शुक्र कर्क राशि का द्वितीय भाव में, केतु सिंह राशि तृतीय भाव में, चन्द्रमा धनु राशि का सप्तम भाव में, राहु कुंभ राशि का नवम भाव में, शनि मीन राशि का दशम भाव में, मंगल वृषभ राशि का बारहवे भाव में स्थित है।
मिथुन राशि की शुभ-अशुभ तारीख़ें
| 2026 | शुभ तारीख़ें | सावधानी रखने योग्य अशुभ तारीख़ें |
| जनवरी | 3, 4, 6, 7, 25, 26, 30, 31 | 1, 9, 10, 18, 19, 20, 28 |
| फरवरी | 3, 4, 21, 22, 23, 26, 27 | 5, 6, 7, 15, 16, 17, 24, 25 |
| मार्च | 2, 3, 21, 22, 25, 26, 27, 29, 30,31 | 5, 6, 14, 15, 16, 23, 24 |
| अप्रैल | 17, 18, 22, 23, 25, 26, 27 | 1, 2, 10, 11, 12, 20, 28, 29, 30 |
| मई | 15, 16, 19, 20, 23, 24 | 8, 9, 10, 17, 18, 26, 27 |
| जून | 11, 12, 15, 16, 19, 20 | 4, 5, 6, 14, 22, 23 |
| जुलाई | 8, 9, 12, 14, 16, 17, 18 | 1, 2, 3, 11, 19, 20, 28, 29, 30 |
| अगस्त | 5, 6, 9, 10, 13, 14 | 7, 8, 16, 17, 25, 26, 27 |
| सितम्बर | 1, 2, 6, 7, 9, 10, 28, 29 | 3, 4, 12, 13, 21, 22, 23 |
| अक्टूबर | 3, 4, 7, 8, 25, 26, 27, 30, 31 | 1, 9, 10, 11, 28, 29 |
| नवम्बर | 3, 4, 22, 23, 26, 27, 30 | 6, 7, 15, 16, 17, 24, 25 |
| दिसम्बर | 1, 19, 20, 24, 25, 27, 28, 29 | 3, 4, 12, 13, 14, 22, 30, 31 |
मिथुन राशि का वार्षिक भविष्यफल
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यह साल मिथुन राशि के जातकों के लिए अजीविका में उपलब्धियों का साल है। काम-काज व व्यापार में निरंतर परिस्थितियां उपलब्धिपूर्ण रहेगी। नए-नए कार्यों की प्रवृत्ति बनेगी तथा पुराने कामों को भी नवीन ढंग से नवीन तकनीक के साथ करेंगे । स्वास्थ्य में मामूली उतार-चढ़ाव रहेंगे लेकिन खान-पान, व्यवस्थित दिनचर्चा, योग,
प्राणयाम, शारीरिक व्यायाम से आप स्वास्थ्य में कई चीजों को व्यवस्थित कर लेंगे। सातवें स्थान में मंगल के कारण जीवन साथी का स्वास्थ्य डावाडोल रह सकता है। आर्थिक रूप से इस साल आप काफी सक्षम व संतोष जनक स्थिति में रहेंगे।
इस साल शनि कर्म स्थान में है, अतः आपसे परिश्रम व मेहनत शनि खूब कराएंगा। मेहनत व परिश्रम फलप्रद भी रहेंगे। कोर्ट-केस या जो सरकारी विषय काफी लम्बे समय से अटक रहा था, वह किसी प्रभावशाली व्यक्तित्व की सहायता से हल हो जायेगा। नौकरी में पदोन्नति की संभावना है। बारहवां चंद्रमा वर्षारंभ में पैसा तो दिलायेगा, लेकिन खर्चा भी रहेगा। धन की आई चलाई रहेगी, पैसा पास में संचय नहीं होगा। 2 जून से पूर्व घर के किसी वरिष्ठ सदस्य या बुजुर्ग व्यक्ति का स्वास्थ्य गड़बड़ा जाएगा, उन्हें लेकर अस्पताल भी भागना पड़ सकता है। जहां तक अध्ययन का प्रश्न है। मिथुन राशि के जातक वैसे भी अध्ययनशील प्रवृत्ति के होते हैं, तथा 2 जून के पश्चात् बृहस्पति अपनी उच्च राशि में आयेंगे, अतः विद्यार्थियों की मेहनत रंग लाएगी। अध्ययन व शिक्षा में एकाग्रचित्तता बनेगी। इस वर्ष 'चतुष्ग्रह युति सातवें स्थान में है। अतः भीगदार व पार्टनर की हर हरकत गतिविधि व कार्यकलाप पर नजर रखें। जीवन साथी से कभी कभार वर्ष के मध्य या उत्तरार्द्ध में हल्के-फुल्के मतभेद रह सकते हैं। मित्रों की मदद के लिए आप तत्पर व तैयार रहेंगे। नौकरी पेशा व्यक्तियों को इस प्रमोशन व पदोन्नति के योग स्पष्ट रूप से बन रहे हैं। कुछ नवीन कार्यों की प्रवृत्ति रहेगी। अप्रैल से अगस्त के मध्य आप किसी रिश्तेदार की बात से परेशान हो जाएंगे। इस साल शुक्र वर्षारंभ में सप्तम स्थान में है। प्रेम-प्रसंगों में सफलता मिलेगी। प्रेम-प्रसंग व प्रेम सम्बन्ध अपने मुकाम तक पहुंचेंगे। इस वर्ष 27 जुलाई से 11 दिसम्बर के मध्य शनि के वक्रत्व काल में ऐसी कोई बात उजागर हो सकती है जिसे आप गप्त व गोपनीय रखना चाहते थे। इस समय काल में माता-पिता या घर के किसी सदस्य का स्वास्थ्य गड़बड़ हो सकता है। इस समय रुपयों, पैसों के मामले में किसी पर भी भरोसा नहीं करें। पूरी निष्ठा, पूरी ईमानदारी से अपने काम को अंजाम दें। आपके काम की शिकायत हो सकती है।
शारीरिक सुख एवं स्वास्थ्य:-
स्वास्थ्य की दृष्टि से यह साल अच्छा है, पुराने रोग व कष्ट से मुक्ति मिलेगी। हालांकि मौसमी बीमारियों का हमला हो सकता है, पत्नी या परिवार में किसी वरिष्ठ सदस्य का गिरता हुआ स्वास्थ्य आपकी चिंता का कारण बन सकता है। व्यस्तताओं के बीच आप अपने लिए समय निकालेंगे। योग, व्यायाम, खान-पान व सुव्यवस्थित दिनचर्चा से आप अपने आपको चुस्त व दुरूस्त रखने का प्रयास करेंगे। साल का उत्तरार्द्ध पूर्वाद्ध की अपेक्षा स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से ज्यादा अच्छा रहेगा। ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज व डायबीटिज जैसी दीर्घकालिक बीमारियों के लिए अपने स्वास्थ्य का नियमित परीक्षण करवाते रहें। यात्राओं में खान-पान का ध्यान रखें।
व्यापार, व्यवसाय व धन:-
इस साल आपको कहीं से रुका हुआ व फंसा हुआ पैसा प्राप्त होने के योग आता है। व्यापार व कारोबार में आप पूरे जोश खरोश से लग जाएंगे, अपनी योग्यता व काबिलियत का भरपूर इस्तेमाल व उपयोग करेंगे। शनि दशम में वर्ष पर्यंत है, काम-काज में मेहनत ज्यादा करायेगा, लेकिन जितनी ज्यादा मेहनत व परिश्रम परिणाम व लाभ भी उतना ही सुखद रहेगा। व्यावसायिक प्रतिद्वन्दीयों व प्रतिस्पधियों से सावधान रहें, वे आपके विरुद्ध कोई गुप्त योजना या साजिश रच सकते हैं। आपका पूरा ध्यान काम की गुणवत्ता पर रहेगा। काम और परिवार के बीच में आप बेहतर सामजस्य स्थापित करेंगे। चन्द्रमा जरूर वर्षारंभ में बारहवा है। अतः पैसा जितनी तीव्रता से आयेगा, उतनी ही तीव्रता से खर्च भी होगा। कुछ सामुहिक गतिविधियों, समाजसेवा, जनसेवा के प्रकल्पों में भी आपका पैसा खर्च होगा। दीर्घकालिक महत्व के काम होंगे। सम्पत्ति संबंधी या बटवारे से सम्बन्धित विवाद का निपटारा आपसी सहमति से होगा। किसी भी कागज पर बिना पढ़े हस्ताक्षर नहीं करें। व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए आप नए-नए व्यापारिक व व्यावसायिक अनुबंधन करेंगे। सम्पति के रख रखाव पर खर्चा होगा, साथ ही इस वर्ष भूमि, भवन, वाहन आदि खरीदने के योग बनते है। आपकी राशि पर बुध का प्रभाव है, तथा बुध व्यापार कुशल होते हैं, परंतु निर्णय क्षमता में कई कुछ बार कभी देखी जा सकती है। ढीले व देरी से लिए गए निर्णयों का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
घर, परिवार, संतान व रिश्तेदार:-
काम-काज में व्यस्तता के चलते आप यह महसूस करेंगे कि रिश्ते आपसे पीछे छुट गए। पति-पत्नी में आपसी सामंजस्य बहुत ही बढ़िया रहेगा। दोनों एक दूसरे की भावना और मतंव्य को समझकर आचरण व व्यवहार करेंगे। मंगल- बृहस्पति में वर्षारंभ में दृष्टि सम्बन्ध है। अतः भाईयों से विवाद रह सकता है, जो समय रहते किसी वरिष्ठ व्यक्ति की मध्यस्थता से सुलझ जायेगा। संतान का व्यवहार आपकी चिंता का कारण बनेगा। शुक्र वर्षारंभ में शत्रुक्षेत्री है। अतः संतान पर खर्चा भी होगा। संतान की शिक्षा, अध्ययन आदि पर खर्चा होगा। रिश्तेदारों से मदद की उम्मीद नहीं की जा सकती। हालांकि रिश्तेदार जरूर आपसे मदद की उम्मीद लगाए बैठेंगे। घर के वरिष्ठ सदस्य का आशीर्वाद प्राप्त होगा। जीवनसाथी व परिवार के लोगों से नैतिक व भावनात्मक संबल प्राप्त होगा।
विद्याध्यन, पढ़ाई व करियर :-
2 जून तक देवगुरु बृहस्पति आपकी राशि में चलायमान रहेंगे, अतः विद्याध्यन व करियर पर आप पूरी तरह से एकाग्रचित व संजीदा होंगे। नौकरी शुदा व्यक्तियों के लिए जरूर थोड़ा चुनौतीपूर्ण समय है, लेकिन आप सभी चुनौतियों से पार पा लेंगे। अगर आप राजकीय सेवा में हैं, तो आपको रुपयों पैसों के लेन देन में ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए। कानूनी पढ़ाई व प्रोफेशनल कोर्सेज की तैयारी कर रहें, विद्यार्थियों को अनुकूल फल मिलेंगे। 2 जून के बाद देवगुरु बृहस्पति आपकी राशि से हट जाएंगे अतः वहां से अध्ययन में कुछ ढीले से ही परिणाम मिलेंगे। फेसबुक, व्हाट्सएप्प व यूट्युब जैसी साइट्स पर जाकर आप समय नष्ट करेंगे। अध्ययन पर और ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है।
प्रेम प्रसंग व मित्र:-
इस साल प्रेम प्रसंगों के मामले में आप भाग्यशाली रहेंगे। परंतु प्रेम संबंधों में मर्यादा व सीमाओं का ध्यान रखें। अमर्यादित प्रेम संबंध आने वाले समय में मुसीबत का कारण बन सकते हैं। किसी जरूरतमंद मित्र की तरफ आप बिना किसी अपेक्षा के मदद का हाथ बढ़ाएंगे। वहीं मित्र भी आपकी सहायता व सहयोग के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। आपकी मौकापरस्त व मतलबी मित्रों से सावधान रहना चाहिए।
वाहन, खर्च व शुभकार्य:-
इस वर्ष पुराने वाहन की मरम्मत व मैनेटेनेंस करवा कर आप परेशान हो जाएंगे। अतः मंगल की वर्षारंभ में आपकी राशि पर दृष्टि के प्रभाव से नया वाहन खरीदने की प्लानिंग व योजना बना सकते हैं। बेतहाशा खर्चे भी होंगे। फिजुलखर्ची व व्यर्थ के खर्चों को नियत्रित करने की आवश्यकता है। जहां तक शुभकार्य व मांगलिक प्रसंग की बात है। बृहस्पति आपकी राशि में गतिशील है, अतः घर में संतान के विवाह, सगाई आदि होने के योग हैं। हालांकि रिश्तेदार बनते हुए सगाई आदि के मामले में विघ्न पैदा करेंगे।
हानि, कर्ज व अनहोनी:-
इस वर्ष किसी अनहोनी की आशंका या संभावना नहीं है। फिर भी वाहन चलाने में सावधानी रखें। बच्चों के हाथ में वाहन नहीं दें। घर, वाहनादि की खरीद के लिए कर्ज लेना पड़ सकता है। रुपया पैसों के मामले में किसी पर भी भरोसा नहीं करें। शनि 27 जुलाई से 11 दिसम्बर के मध्य शनि के वक्रत्व काल में घर के किसी वरिष्ठ सदस्य माता-पिता के स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव रह सकते हैं। प्रोपर मेडिकल चैकअप करवाते रहें।
यात्राएं :-
वर्ष के मध्य में कुछ परिवार को लेकर यात्राओं के योग बनेंगे। हालांकि यात्राएं कुछ खास उपलब्धि हासिल नहीं होगी। परिवार के सदस्यों के साथ कहीं घूमने-फिरने या तीर्थ यात्रा का कार्यक्रम बना सकते हैं।
वर्ष की शुभता बढ़ाने के लिए बुधवार को गणेश मंदिर के दर्शन करें। 5» रती का पन्ना रत्न कनिष्ठिका उंगली में या बुधयंत्र में जड़वाकर गले में धारण करें। बुधवार को गाय को हरा चारा खिलावें । ॐ बुं बुधाय नमः मंत्र की 1 माला नित्य करें।
मिथुन राशि की चारित्रिक विशेषताएं
मिथुन राशि का स्वामी बुध है, अतः मिथुन राशि के जातक (व्यक्ति) विनम्र, उदार व हास्यप्रिय प्रवृत्ति के होते हैं। बुध के प्रभाव के कारण ऐसा जातक बुद्धिमान होता है। इनमें स्वाभिमान का भाव भी परिलक्षित होता है। मिथुन राशि का चिह्न स्त्री-पुरुष का जोड़ा है। अतः इस राशि के लोग विपरीत लिंगी के प्रति सहज ही आकर्षित होते हैं। ऐसा व्यक्ति शास्त्र कर्म को जानने वाला, संदेश, वचन में निपुण, बातचीत में होशियार, चतुर बुद्धि, हास्य करने वाला विनोदी व दूसरे के भावों को आसानी से समझने वाला मनुष्य होता है। सारावली तो मिथुन राशि के जातक के बारे में यहां तक कहती है-
मिथुनादिमे दृगाणे पृथत्तमाडो धनान्वितः प्रांशुः । कितवो गुणी विलासी, नृपाप्तमानो वचस्वी स्यात्॥ अर्थात् मिथुन राशि का व्यक्ति मोटे मस्तक वाला, धनी, ऊंचा, वाचाल, धूर्त, गुणी, विलासी, राजा से सम्मान प्राप्त करने वाला और बेहतरीन वक्ता होता है।
मिथुन राशि में उत्पन्न जातक विनम्र, उदार एवं हास्य प्रवृत्ति के होते हैं तथा बुद्धिमता के भाव उनके चेहरे से परिलक्षित होते हैं। इनमें स्वाभिमान का भाव विद्यमान रहता है तथा वे भौतिक सुख-साधनों एवं धनैश्वर्य से सम्पन्न रहते हैं। वे कार्यों को अत्यन्त ही सोच-समझकर सम्पन्न करते हैं, सरकार या उच्चाधिकारी वर्ग से उनका सम्पर्क बना रहता है, संगीत एवं कला के प्रति इनकी रुचि रहती है तथा नवीन सिद्धांतों या मूल्यों का प्रतिपादन करने में समर्थ रहते हैं। इसके अतिरिक्त गणित, लेखन या संपादन के क्षेत्र में इनको सफलता प्राप्त होती है। अतः इसके प्रभाव से आपका शारीरिक स्वास्थ्य उत्तम रहेगा तथा मानसिक संतुष्टि भी बनी रहेगी। अपने समस्त सांसारिक महत्त्व के कार्यों को आप बुद्धिमतापूर्वक सम्पन्न करेंगे। साथ ही जीवन में स्वपरिश्रम एवं योग्यता से आपको भौतिक सुख-संसाधनों की प्राप्ति होगी तथा धनैश्वर्य से सुसम्पन्न होकर अपना जीवन व्यतीत करेंगे।
यह द्विस्वभाव राशि है, अतः इस राशि वाले व्यक्ति प्रत्येक वस्तु के दोनों पहलुओं पर बहुत अच्छी तरह सोच-विचार कर फिर निर्णायात्मक कदम उठाते हैं। यह राशि दिवाबली मध्यम संतति और शिथिल शरीर का प्रतिनिधित्व करती है। इस राशि के व्यक्तियों को क्रोध कम आता है, प्रायः ये शान्त व गम्भीर स्वभाव के होते हैं। यदि ये क्रोधित हो जाएं, तो क्रोध शान्त होने पर पश्चाताप प्रकट करते हैं। इस राशि का चिह्न 'गदा व वीणा सहित पुरुष-स्त्री की जोड़ी' है। अत: इस राशि वाले व्यक्ति संगीत-वाद्य आदि कलाओं में रुचि रखते हैं।
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मिथुन राशि के लोग यदि अच्छे की सोहबत में रहते हैं, तो अच्छे परिणाम देते हैं, वहीं ख़राब की सोहबत में ऐसे लोग ख़राब हो जाते हैं। नपुंसक बुध के प्रभाव से मिथुन राशि के लोगों पर संगत का असर ज़्यादा होता है। ये लोग शीघ्र ही दूसरे लोगों के प्रभाव व आकर्षण केन्द्र में आ जाते हैं, जो इनकी सबसे बड़ी कमज़ोरी है।
मित्रों के प्रति आपके मन में पूर्ण निष्ठा रहेगी तथा सरकारी कार्यों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अपना सहयोग प्रदान करेंगे। आपका व्यक्तित्व आकर्षक होगा तथा वाणी में भी मधुरता रहेगी। साथ ही शांत, विनम्र एवं हास्य प्रवृत्ति के कारण अन्य जनों को प्रभावित तथा आकर्षित करने में समर्थ रहेंगे। कला एवं संगीत के प्रति आप रुचिशील रहेंगे। प्रयत्न के इस क्षेत्र में मान-प्रतिष्ठा भी प्राप्त हो सकती है। लेखन, गणित, सम्पादन या व्यापार संबंधी कार्यों में आप उन्नति प्राप्त करके समाज में प्रतिष्ठित व्यक्ति के रूप में स्वयं को स्थापित करने में समर्थ रहेंगे।
यदि आपका जन्म मिथुन राशि में 'मृगशिरा नक्षत्र' के 3, 4 चरण (का, की) अक्षरों में है, तो आपका जन्म 7 वर्ष की मंगल की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-सर्प, गण-देव, वर्ण-शूद्र, युज्जा-पूर्व, हंसक-वायु, नाड़ी-मध्य, पाया-सोना और वर्ग बिलाव है। इस नक्षत्र का प्राकृतिक स्वभाव विद्याध्ययनी और शिल्पी है। इस राशि वाले बालक बहुत ही चतुर व सुन्दर होते हैं। प्रायः ये मध्यम कद के छरहरे बदन के होते हैं। आर्थिक दृष्टिकोण से मितव्ययी एवं सोच-विचारकर खर्च करने वाले होते हैं। इनकी प्रगति में निरन्तर बाधाएं आती रहती हैं तथा इनका जीवन परिवर्तनमय रहता है। ‘Change is Charm of Life' के सिद्धांत का प्रतिपादन करने वाले ये व्यक्ति प्रायः एक धंधे को छोड़कर दूसरे धंधे में हाथ डालते हुए देखे गए हैं।
यदि आपका जन्म मिथुन राशि में 'आर्द्रा नक्षत्र' के (कु, घ, ङ, अक्षरों में है, तो आपका जन्म 18 वर्ष की राहु की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-श्वान, गण-मनुष्य, वर्ण-शूद्र, युज्जा- मध्य, हंसक-वायु, नाड़ी-आद्य, पाया-चांदी का एवं प्रथम तीन चरण- बिलाव एवं अंतिम चरण सिंह वर्ग का है। आर्द्रा नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति क्रय-विक्रय में निपुण होते हैं। आर्द्रा नक्षत्र का स्वामी रुद्र होने से इनमें संहारक शक्ति विशेष होती है।
यदि आपका जन्म मिथुन राशि के 'पुनर्वसु नक्षत्र' के प्रथम तीन चरणों (के, को, हा) में हुआ है, तो आपका जन्म 16 वर्ष की बृहस्पति की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-मार्जार, गण-देव, वर्ण-शूद्र, युज्जा-मध्य, हंसक-वायु, नाड़ी-आद्य, पाया-चांदी, प्रथम दो चरण-बिलाव एवं तृतीय चरण - हिरण वर्ण का है। पुनर्वसु नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति धन एकत्रित करने में निपुण होते हैं। अपनी इन्द्रियों व इच्छाओं पर इनका विशेष नियंत्रण होता है।
आपका व्यक्तित्व भी आकर्षक होगा। फलतः अन्य लोग आपसे प्रभावित तथा आकर्षित रहेंगे। जीवन में समस्त सांसारिक सुखों का उपयोग करने में आप सफल होंगे तथा धनैश्वर्य एवं वैभव से भी सुसम्पन्न रहेंगे। आप एक विद्वान पुरुष होंगे, फलतः अपनी विद्वता से समाज में मान-सम्मान एवं प्रतिष्ठा अर्जित करेंगे।
धर्म के प्रति भी आपके मन में श्रद्धा का भाव विशेष होगा, निष्ठापूर्वक आप धार्मिक कार्यकलापों को सम्पन्न करेंगे। साथ ही अवसरानुकूल सामाजिक जनों के मध्य उदारता तथा दानशीलता के भाव का भी प्रदर्शन करेंगे, फलतः सामाजिक प्रभाव तथा प्रतिष्ठा में सतत वृद्धि होती रहेगी। मर्म के आप ज्ञाता होंगे तथा गूढ़-से-गूढ़ विषय को हल करने में समर्थ होंगे।
व्यापार के प्रति आपकी विशेष रुचि होगी, इनके द्वारा आप धनवान एवं विख्यात होंगे। संगीत एवं कला में भी आप समयानुसार अपनी रुचि का प्रदर्शन करते रहेंगे। आप सांसारिक ऐश्वर्य से युक्त होंगे तथा सामान्यतया आपका जीवन सुख एवं प्रसन्नता से युक्त ही रहेगा। इस प्रकार आप शांत, उदार, हास्य प्रवृत्ति युक्त एवं विद्वान पुरुष होंगे तथा जीवन में समस्त सुखों को अर्जित करके प्रसन्नतापूर्वक उनका उपयोग करेंगे।
बुध हरित वर्ण का है, यह हल्के रंग की किरण फेंकता है। आपका शुभ रत्न 'पन्ना' है तथा बुधवार आपके लिए अनुकूल परिस्थितियों का परिचायक है। बुध की और अधिक शुभता प्राप्त करने के लिए आप रत्नजड़ित बुध यंत्र भी गले में धारण करें।
उपाय:- मिथुन राशि में उत्पन्न व्यक्तियों को विष्णु पूजन, यज्ञ व विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना चाहिए। बुध का रत्न 'पन्ना' या 'ओनेक्स' धारण करें। मूंग की दाल का अत्यधिक सेवन करें। जबरजद या मरगज भी धारण किया जा सकता है। बुधवार का व्रत करना भी मिथुन राशि के लोगों के लिए लाभप्रद रहता है।
मिथुन राशि की प्रमुख विशेषताएं
- राशि – मिथुन
- राशि चिन्ह – स्त्री-पुरुष का जोड़ा (हाथ में गदा/व स्त्री-पुरुष रूप)
- राशि स्वामी – बुध
- राशि तत्त्व – वायु तत्त्व
- राशि स्वरूप – द्विस्वभाव
- राशि दिशा – पश्चिम
- राशि लिंग व गुण – पुरुष (कुमार)
- राशि जाति – शूद्र
- राशि प्रकृति व स्वभाव – क्रूर स्वभाव, त्रिधातु प्रकृति
- राशि का अंग – कंधा
- अनुकूल रत्न – पन्ना
- अनुकूल रंग – हरा
- शुभ दिवस – बुधवार
- अनुकूल देवता – गणपति
- व्रत / उपवास – बुधवार
- अनुकूल अंक – 5
- अनुकूल तारीखें – 5, 14, 23
- मित्र राशियां – मेष, तुला, कुंभ, सिंह, कन्या
- शत्रु राशियां – कर्क
- व्यक्तित्व – चतुर, चंचल, बुद्धिमान
- सकारात्मक तथ्य – कुशल व्यापारी, वाक्पटु, संवाद में निपुण
- नकारात्मक तथ्य – चंचलता, आत्मकेंद्रित, निर्णय में अस्थिरता