पूर्व MLA दुड़ाराम का हार का दर्द फिर छलका: बोले- मैंने पूरे हलके को बराबर समझा, लेकिन आप लोगों ने हरा दिया - Fatehabad (Haryana) News

फतेहाबाद के पूर्व विधायक दुड़ाराम का साल 2024 के विधानसभा चुनाव में मिली हार का दर्द एक बार फिर छलका। इस बार उन्होंने भट्‌टू क्षेत्र से मिली हार का दर्द ब्यां किया। इस दौरान उन्होंने अपने पांच साल के विधायक कार्यकाल के दौरान करवाए गए काम भी गिनवाए। सा

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पूर्व विधायक दुड़ाराम रविवार को भट्‌टू की रामानंद कालोनी में आयोजित तीन दिवसीय धार्मिक महोत्सव के समापन समारोह में भाग लेने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं तो हमेशा आपके बीच सुख-दुख का साथी रहा, आपने ही साथी नहीं माना।

उन्होंने लोगों से कहा- आप रिकॉर्ड उठाकर देखो एमएलए के रूप में मैंने कितना काम करवाया। आप पेन-कॉपी लेकर बैठ जाना, हर गांव का रिकॉर्ड उठाकर देखना। गांवों में खेतों के रास्ते, नाले, जलघर, बरसाती पानी निकासी की लाइन बिछवाने, मनरेगा स्कीम से पैसा भेजने जैसे खूब काम करवाए। मैंने हलके को बराबर समझा।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोग।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोग।

मन में फर्क होता तो भट्‌टू में सीवरेज क्यों डलवाता

दुड़ाराम ने कहा कि फतेहाबाद हलके के एक गांव में सीवरेज लाइन लगनी थी, वो भी मैंने भट्‌टू में ही लगवाई। मेरे मन में फर्क होता तो मैं यहां क्यों सीवरेज डलवाता। पहले दो-दो दिन बाद पानी आता था, लेकिन भट्‌टू मंडी में वाटर वर्क्स बनवाया, अब रोजाना पानी आता है। और आप लोगों ने मुझे 1800 वोटों से हरा दिया। आप काम देखो, मैंने क्या नहीं किया। मैंने पूरे हलके को बराबर समझा।

22 साल की उम्र से उतार-चढ़ाव देखे

दुड़ाराम ने कहा कि प्रजातंत्र है, आपको वोट देने का अधिकार है। एमएलए नहीं बना तो भी मुख्यमंत्री नायब सैनी बने हैं। मैं एमएलए बनता तो भी उनको ही सीएम बनना था। नुकसान हलके और इलाके को हुआ है। 1979 में चौधरी भजनलाल मुख्यमंत्री बने थे, तब 22 साल का था। तब से बहुत उतार-चढ़ाव देखे हैं। अब मौका था कि इस इलाके की और भी ज्यादा सेवा करता।

मात्र 2252 वोटों से हार गए थे दुड़ाराम

दुड़ाराम फतेहाबाद की राजनीति में पिछले 40 साल से सक्रिय हैं। साल 2002 में सबसे पहले उपचुनाव लड़ा, जिसमें हार गए। फिर साल 2005 में कांग्रेस की टिकट पर जीतकर पहली बार विधायक बने। फिर साल 2009 व साल 2014 में लगातार दो बार हार गए।

इसके बाद साल 2019 में बीजेपी में शामिल होकर टिकट ले आए और जीतकर विधायक बने। मगर मंत्री पद नहीं मिल पाया। साल 2024 में कांग्रेस के बलवान दौलतपुरिया से 2252 वोटों से हार गए।