मुजफ्फरपुर नगर निगम कर्मियों की हड़ताल का दूसरा दिन: MLC वंशीधर ब्रजवासी ने दिया समर्थन, शहर में 200 टन से ज्यादा कचरे का लगा ढेर - Muzaffarpur News

मुजफ्फरपुर3 घंटे पहले

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संयुक्त मोर्चा के‎ अशोक कुमार सिंह का कहना है कि महज दो मांग है। ‎समान काम के लिए समान वेतन और एनजीओ से ‎जितने स्टाफ नगर निगम में विभिन्न पदों पर रखे गए हैं,‎उन्हें निगमकर्मी घोषित किया जाएगा। - Dainik Bhaskar

संयुक्त मोर्चा के‎ अशोक कुमार सिंह का कहना है कि महज दो मांग है। ‎समान काम के लिए समान वेतन और एनजीओ से ‎जितने स्टाफ नगर निगम में विभिन्न पदों पर रखे गए हैं,‎उन्हें निगमकर्मी घोषित किया जाएगा।

मुजफ्फरपुर में नगर निगम के संविदा कर्मियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। बिहार के सभी नगर निकायों के संविदाकर्मी अपनी मांगों को लेकर मुजफ्फरपुर नगर निगम कार्यालय में सैकड़ों की संख्या में डटे हुए हैं। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द से जल्द मांगें पूरी करने की अपील की।

दरअसल, गुरुवार को समान काम, समान वेतन और एनजीओ से रखे गए स्टाफ को निगमकर्मी ‎घोषित करने की मांग को लेकर पूरे शहर में ‎साफ-सफाई ठप कर दी गई थी। बाबा गरीबनाथ मंदिर‎ इलाके से लेकर पूरे शहर में कहीं से भी कचरा नहीं‎ उठा। तकरीबन 200 टन कचरा से शहर बजबजा रहा ‎है।

वहीं, गुरुवार को नगर आयुक्त ‎ऋतुराज प्रताप सिंह ने श्रावणी मेले जैसे स्थिति को ‎देखते हुए अंचल निरीक्षकों के साथ आपात बैठक की थी।

शुक्रवार को दूसरे दिन एक बार फिर से निगम कर्मियों ने हड़ताल जारी रखी। इस दौरान मुजफ्फरपुर के एमएलसी वंशीधर ब्रजवासी भी प्रदर्शनकारी निगम कर्मियों के समर्थन में शामिल हुए। उन्होंने कर्मियों की मांगों को जायज ठहराते हुए उनके आंदोलन को अपना समर्थन दिया।

हड़तालकर्मी निगम कर्मियों से मुलाकात करने पहुंचे एमएलसी व्रजवासी।

हड़तालकर्मी निगम कर्मियों से मुलाकात करने पहुंचे एमएलसी व्रजवासी।

निगमकर्मियों ने कहा- अपने अधिकारों के लिए उग्र प्रदर्शन को भी हमलोग तैयार

अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे संविदा कर्मियों का कहना है कि वे शहर की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अपना पूरा समय देते हैं। वे निर्धारित 8 घंटे की ड्यूटी से अधिक 12 घंटे तक काम करने में भी संकोच नहीं करते।

कर्मियों ने आरोप लगाया कि बिहार सरकार का नगर आवास एवं विकास विभाग उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।

कर्मियों ने यह भी कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए आगे चलकर उग्र प्रदर्शन करने को भी तैयार हैं।

शहर के इन इलाकों में कचरे का लगा ढेर

सबसे बदतर स्थिति शहर के ‎मोतीझील, मिठनपुरा, सरैयागंज समेत तमाम बड़े इलाके‎ में है। मोतीझील फ्लाईओवर के निकट कचरे का ढेर ‎जमा है। इमलीचट्टी सरकारी बस स्टैंड के गेट पर तीन ‎से चार हाईवा कचरा पड़ा रहा। बिहार लोकल बॉडीज ‎इम्पाइज फेडरेशन एवं बिहार राज्य स्थानीय निकाय की‎ ओर से संयुक्त रूप से राज्यव्यापी स्तर पर आंदोलन ‎शुरू किया गया है।

संयुक्त मोर्चा के‎ अशोक कुमार सिंह का कहना है कि महज दो मांग है। ‎समान काम के लिए समान वेतन और एनजीओ से ‎जितने स्टाफ नगर निगम में विभिन्न पदों पर रखे गए हैं,‎उन्हें निगमकर्मी घोषित किया जाएगा।

वहीं, मेयर निर्मला साहू ने बताया कि राज्यव्यापी आंदोलन है। सरकार ‎तक अपने स्तर से भी‎ मांग पहुंचा रहे हैं। ‎सावन का महीना‎ साफ-सफाई के लिए ‎काफी अहम है।‎ यूनियन नेताओं से ‎बातचीत कर इसका ‎समाधान सरकार को ‎निकालना होगा।

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