अखिलेश यादव अगर किसी कुत्ते के गले में भी घंटी बांध दें...सपा MLC का अजीबो-गरीब बयान

सपा एमएलसी लाल बिहारी यादव. (फाइल फोटो)
आजमगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान सपा एमएलसी लाल बिहारी यादव का अजीबो गरीब बयान सामने आया है. लाल बिहारी यादव ने कहा कि ‘अखिलेश यादव किसी कुत्ते के गले में भी घंटी बांध दें तो हम सभी को उसी को वोट देना है. वहीं अब सपा एमएलसी का वीडियो वायरल होने के बाद उनके इस तर्क की चर्चाएं तेज है.
बता दें कि आगामी एमएलसी के चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी बैठक कर रही थी. कार्यक्रम में सपा संसद धर्मेंद्र यादव सहित तमाम बड़े नेता मौजूद रहे. 2027 विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षकों को अपने पक्ष में करने का सपा ने प्लान तैयार किया है. आजमगढ़ के नेहरू हाल में शिक्षकों को संबोधित करते हुए शिक्षक एमएलसी लाल बिहारी यादव का बयान वायरल हो रहा है.
अनैतिक और अवैध काम करने का दबाव
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के तहत ईमानदार अधिकारियों पर अनैतिक और अवैध काम करने का दबाव बनाया जा रहा है.अखिलेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में अधिकारियों पर कथित दबाव के कई तरीकों का जिक्र किया.उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों को कमीशन के जरिए भ्रष्टाचार करने, बीजेपी कार्यकर्ताओं को लाभ पहुंचाने के लिए निविदाओं में हेरफेर करने, तबादलों और तैनातियों को कारोबार बनाने तथा चंदा रसीद के जरिए वसूली में मदद करने के लिए मजबूर किया जा रहा है.
विपक्षी नेताओं के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज करने, हिरासत में मौत के मामलों को दबाने, राजनीतिक विरोधियों की फर्जी मुठभेड़ कराने और मुठभेड़ की धमकी देकर धन उगाही करने के लिए भी अधिकारियों पर दबाव डाला जा रहा है.उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समुदायों के खिलाफ अत्याचार के मामलों को छिपाने, कारोबारियों से वसूली करने, दुष्कर्म और अपहरण के मामलों को दबाने तथा बीजेपी कार्यकर्ताओं के कथित अतिक्रमण को नजरअंदाज करने के लिए अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है.
अधिकारियों पर डाला जा रहा दबाव
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सरकार अधिकारियों पर राज्य की सीमाओं के पार सामानों की आवाजाही में मदद करने, मिलावटी उत्पादों को असली बताने और किसानों, मजदूरों, महिलाओं तथा युवाओं के कथित उत्पीड़न को नजरअंदाज करने का दबाव डाल रही है.उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों से छुआछूत के मामलों को दबाने, मंदिरों में चोरी (अयोध्या) के मामलों में प्राथमिकी दर्ज नहीं करने और प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए मामले छिपाने को कहा जा रहा है.
दिव्या मित्तल ने किया इस्तीफे का ऐलान
अखिलेश ने अपने पोस्ट में कहा, ऐसे अनगिनत मामले हैं, जहां बीजेपी सरकार अधिकारियों पर अनैतिक और अवैध कार्य करने का दबाव बनाती है, जिसके कारण उन्हें इस्तीफा देने तक के लिए मजबूर होना पड़ता है.उन्होंने कहा, ईमानदार अधिकारियों के बिना शासन और प्रशासन नहीं चल सकता. सपा प्रमुख की यह टिप्पणी 2013 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की अधिकारी दिव्या मित्तल के इस्तीफा देने की घोषणा के बाद आई है.

A K Upadhyay
अवनीश उपाध्याय को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल से अधिक वर्षों का अनुभव है. डिजिटल कंटेंट पर बेहतरीन पकड़. राजनीति और अपराध से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी. लंबे समय तक हाईपरलोकल में काम करने की वजह से जमीन से जुड़ी खबरों की बेहतर समझ. पढ़ने, लिखने और घूमने का शौक. पूर्वांचल यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में स्नातक की पढ़ाई और इसी दौरान कई टीवी चैनल में काम किया.
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