Monsoon Update: कमजोर मानसून से बढ़ी किसानों की चिंता, 372 जिलों में सामान्य से कम बारिश; 68 जिले सबसे ज्यादा प्रभावित

देशभर में मानसून की कमजोर रफ्तार ने खेती-किसानी की चिंता बढ़ा दी है। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, देश के 372 जिलों में मानसून सामान्य से कमजोर दर्ज किया गया है, जबकि 68 जिले सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं। बारिश की कमी का सीधा असर खरीफ फसलों की बुवाई और कृषि गतिविधियों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

हालांकि, मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार 20 जुलाई तक देशभर में व्यापक और सामान्य बारिश की संभावना कम है।

कई जिलों में बारिश की कमी से बढ़ी परेशानी

मानसून का समय पर सक्रिय होना खेती के लिए बेहद जरूरी माना जाता है। देश के ज्यादातर हिस्सों में खरीफ फसलों की बुवाई मानसूनी बारिश पर निर्भर रहती है। ऐसे में बारिश की कमी से किसानों की चिंता बढ़ गई है।

सरकार के अनुसार, बड़ी संख्या में जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। खासकर उन इलाकों में ज्यादा परेशानी है, जहां खेती पूरी तरह मानसून पर निर्भर है।

आंकड़ों के मुताबिक, 68 जिलों में मानसून की स्थिति सबसे कमजोर बनी हुई है। इन क्षेत्रों में बारिश की कमी के कारण खेतों में नमी की समस्या पैदा हो रही है।

कई किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं ताकि फसलों की बुवाई और रोपाई का काम तेजी से आगे बढ़ सके।

IMD ने कई राज्यों में जारी किया अलर्ट

मौसम विभाग ने भले ही व्यापक बारिश की संभावना कम जताई है, लेकिन कुछ राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

IMD के अनुसार, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र, गुजरात समेत कई राज्यों में आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

कुछ इलाकों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है।

किसानों की नजर मानसून की चाल पर

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की स्थिति आने वाले दिनों में खेती की दिशा तय करेगी। अगर जल्द अच्छी बारिश होती है तो फसलों को फायदा मिल सकता है, लेकिन लंबे समय तक बारिश की कमी रहने पर उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ जाएगी।

किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे मौसम विभाग के अपडेट के आधार पर कृषि कार्यों की योजना बनाएं।

20 जुलाई तक राहत के सीमित आसार

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में कुछ क्षेत्रों में बारिश हो सकती है, लेकिन पूरे देश में मानसून के व्यापक रूप से सक्रिय होने के संकेत फिलहाल कमजोर हैं।

अब सभी की नजर मानसून की आगे की चाल पर टिकी हुई है। अगर आने वाले दिनों में बारिश का वितरण बेहतर होता है तो किसानों को राहत मिल सकती है, लेकिन मौजूदा स्थिति ने कृषि क्षेत्र की चिंता जरूर बढ़ा दी है।