कौन हैं सौरव दत्ता? नेशनल अवॉर्ड के लिए MP से इकलौते शिक्षक का चयन, राष्ट्रपति मुर्मू करेंगी सम्मानित

Aug 24, 2026 02:44 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) भोपाल के बायोलॉजिकल साइंसेज विभाग के प्रोफेसर सौरव दत्ता के लिए बड़ी उपलब्धि है। इस उपलब्धि से ना सिर्फ उन्होंने संस्थान का मान बढ़ाया है, बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है।

Who is Sourav Datta Only Teacher from Madhya pradesh Selected for National Award President Murmu to Honour Him

कौन हैं प्रोफेसर दत्ता?

भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) भोपाल के बायोलॉजिकल साइंसेज विभाग के प्रोफेसर सौरव दत्ता के लिए बड़ी उपलब्धि है। इस उपलब्धि से ना सिर्फ उन्होंने संस्थान का मान बढ़ाया है, बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। दरअसल, उन्हें साल 2026 के प्रतिष्ठित ‘नेशनल अवार्ड टू टीचर्स-HEI’ के लिए चुना गया है। खास बात यह है कि इस साल मध्य प्रदेश से इस राष्ट्रीय सम्मान के लिए चुने जाने वाले वह इकलौते शिक्षक हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 5 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित शिक्षक दिवस समारोह में उन्हें यह पुरस्कार प्रदान करेंगी।

क्यों दिया जाता है यह सम्मान

‘नेशनल अवार्ड टू टीचर्स-HEI’ उच्च शिक्षण संस्थानों के उन शिक्षकों को दिया जाता है, जिन्होंने शिक्षण, रिसर्च, छात्र मार्गदर्शन और अकादमिक इनोवेशन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। प्रोफेसर दत्ता का चयन देशभर के शिक्षकों के बीच हुई प्रक्रिया के बाद किया गया है।

प्रोफेसर दत्ता की खासियत

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रोफेसर दत्ता का काम केवल क्लासरूम में पढ़ाने तक सीमित नहीं है। वे छात्रों को पढ़ाने के साथ-साथ उनके अकादमिक विकास, रिसर्च और मेंटरशिप पर भी ध्यान देते हैं। छात्रों को किसी विषय को सिर्फ याद करने के बजाय उसके पीछे की वजह समझने और सवाल पूछने के लिए प्रोत्साहित करना उनके शिक्षण का अहम हिस्सा है।

रिसर्च आधारित पढ़ाई पर जोर

प्रोफेसर दत्ता के काम की एक खास बात यह है कि रिसर्च और शिक्षण को साथ लेकर चलना है। वे छात्रों को पढ़ाई के दौरान वैज्ञानिक शोध और अकादमिक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास करते हैं। इससे छात्रों में क्रिटिकल थिंकिंग यानी तार्किक और विश्लेषणात्मक सोच विकसित करने में मदद मिलती है। बायोलॉजिकल साइंसेज के क्षेत्र में उनकी रिसर्च लीडरशिप और छात्रों के मार्गदर्शन को भी इस सम्मान के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। उनके प्रयासों से संस्थान में शोध और अकादमिक चर्चा का माहौल मजबूत हुआ है।

IISER भोपाल ने दी बधाई

प्रोफेसर दत्ता के चयन पर IISER भोपाल ने खुशी जताई और उन्हें बधाई दी। संस्थान ने उनके चयन को शिक्षा और रिसर्च के प्रति IISER भोपाल के प्रति समर्पण का प्रमाण बताया। बता दें कि हायर एजुकेशन के क्षेत्र में इस पुरस्कार को शिक्षकों के प्रमुख राष्ट्रीय सम्मानों में गिना जाता है। प्रोफेसर दत्ता की यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत अकादमिक करियर के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि IISER भोपाल और मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा जगत के लिए भी गौरव की बात है। बता दें कि 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में होने वाला सम्मान समारोह प्रोफेसर दत्ता की इस उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान देगा। साथ ही, उनका यह सम्मान छात्रों और अन्य शिक्षकों को बेहतर शिक्षण, रिसर्च और नवाचार के लिए प्रेरित करने का काम करेगा।