MP Assembly: पहले दिन कांग्रेस का हंगामा, खाद की कमी, NEET पेपर लीक और UCC को लेकर सरकार पर बोला हमला - Haribhoomi
मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन कांग्रेस ने खाद की कमी, किसानों की समस्याओं, सरकारी खरीद में कथित गड़बड़ी, NEET पेपर लीक और UCC को लेकर विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया।
MP विधानसभा के पहले दिन कांग्रेस का हंगामा
- Published: 20 Jul 2026, 03:28 PM IST
- Last Updated: 20 Jul 2026, 03:28 PM IST
भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को कांग्रेस ने किसानों के मुद्दों, खाद की कथित कमी, सरकारी खरीद में अनियमितताओं, NEET पेपर लीक और समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में विरोध प्रदर्शन कर राज्य सरकार पर किसान विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया।
कृषि मंत्री के मुखौटे पहनकर पहुंचे
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और राज्य के कृषि मंत्री के मुखौटे पहनकर पहुंचे। कांग्रेस का आरोप था कि प्रदेश के कई इलाकों में किसानों को समय पर खाद नहीं मिल रही है। साथ ही सरकारी खरीद में गड़बड़ियां हो रही हैं और फसल नुकसान का पर्याप्त मुआवजा भी किसानों को नहीं दिया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कांग्रेस विधायकों ने सरकार से किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की। उनका कहना था कि सरकार को किसानों से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से काम करना चाहिए।
#WATCH | Bhopal, Madhya Pradesh | Congress MLAs stage a protest against the state government over issues relating to farmers at the State Assembly premises pic.twitter.com/6GbJNiWk2N
— ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) July 20, 2026
केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग
इस दौरान कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने NEET पेपर लीक का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि देश में सरकारी परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कराई जानी चाहिए। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि NEET पेपर लीक जैसी घटनाओं के बाद देश को नई शिक्षा नीति की जरूरत है।
जयवर्धन सिंह ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार UCC लागू करने की बात कर रही है तो पहले "यूनिफॉर्म एजुकेशन कोड" लागू करना चाहिए, ताकि हर युवा को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले तथा सभी सरकारी परीक्षाएं निष्पक्ष तरीके से आयोजित हों।
वहीं कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने भी UCC पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि किसी भी देश में समान नागरिक संहिता तभी प्रभावी हो सकती है, जब वहां राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक समानता पहले से मौजूद हो। उनके मुताबिक यदि समाज में बराबरी नहीं है तो केवल विवाह, तलाक या लिव-इन जैसे विषयों पर कानून बनाना मूल समस्याओं का समाधान नहीं है।
उन्होंने कहा कि जब सभी नागरिकों को कानून के जरिए समान अवसर और समान अधिकार वास्तव में मिलेंगे, तभी समान नागरिक संहिता का उद्देश्य पूरा होगा।
विधानसभा के पहले दिन विपक्ष ने साफ संकेत दिया कि वह किसानों, शिक्षा और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार को लगातार घेरने की रणनीति अपनाएगा। वहीं सरकार की ओर से UCC समेत कई महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश किए जाने की तैयारी है।