MP में सरकारी भवनों का नया मॉडल: Green Building Technology से निर्माण, फ्लायऐश से बनेंगी सड़कें - Haribhoomi
मध्यप्रदेश में सरकारी भवनों के निर्माण में Green Building Technology को बढ़ावा दिया जाएगा। सड़क निर्माण में फ्लायऐश आधारित सीमेंट और नई तकनीक का इस्तेमाल भी होगा। भोपाल में अभियंता दिवस समारोह के दौरान PWD और CSIR-AMPRI के बीच इस संबंध में MOU हुआ।
भोपाल में अभियंता दिवस समारोह में CM मोहन यादव ने सरकारी भवनों में Green Building Technology अपनाने की बात कही।
- Published: 15 Sep 2026, 05:28 PM IST
- Last Updated: 15 Sep 2026, 05:28 PM IST
भोपाल। मध्यप्रदेश में अब सरकारी भवनों के निर्माण में ग्रीन बिल्डिंग टेक्नोलॉजी को बढ़ावा दिया जाएगा। वहीं सड़क निर्माण में फ्लायऐश आधारित सीमेंट और नई तकनीक के इस्तेमाल पर भी काम होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय अभियंता दिवस समारोह में यह बात कही। कार्यक्रम में CSIR-AMPRI भोपाल और मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग के बीच इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण को लेकर MOU भी हुआ।
PWD और CSIR-AMPRI के बीच हुआ MOU
समारोह में CSIR-AMPRI भोपाल और मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग के बीच अधोसंरचना निर्माण के लिए समझौता हुआ। इसके तहत फ्लायऐश आधारित सीमेंट से सड़क निर्माण की तकनीक पर काम किया जाएगा। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि आगे चलकर सीमेंट के बिना कांक्रीट सड़क बनाने की तकनीक भी विकसित करने पर काम होगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में बनने वाले सरकारी भवनों को ग्रीन बिल्डिंग टेक्नोलॉजी के आधार पर विकसित किया जाएगा। सरकार तकनीक और नवाचार के जरिए अधोसंरचना को नई दिशा देने पर जोर दे रही है।
‘इंजीनियर में इंजन शब्द का आभास’
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंजीनियर शब्द सुनते ही उन्हें इंजन का आभास होता है। इंजन का अर्थ है अपनी पूरी ताकत और क्षमता लगाकर संचालन करना। उन्होंने कहा कि इंजीनियरों की मेहनत और तकनीकी क्षमता से ही मजबूत अधोसंरचना तैयार होती है।
उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन संरचनाएं आज भी इंजीनियरिंग और कला-कौशल का उदाहरण हैं। अजंता-एलोरा, कैलाश मंदिर और मंदसौर के धर्मराजेश्वर जैसे निर्माण हमारी पुरानी तकनीकी क्षमता और कला साधना को दर्शाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज खूबसूरत भवनों और मजबूत संरचनाओं में इंजीनियरों की कला साधना दिखाई देती है। उन्होंने इंजीनियरों से तकनीक के साथ नवाचार करते हुए प्रदेश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
PWD को बताया देश का बेहतर विभाग बनाने की दिशा में आगे
मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि विभाग तकनीक के साथ नवाचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग खुद फंड जुटाकर अधोसंरचना तैयार कर रहा है, यह बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने रानी दुर्गावती, सम्राट विक्रमादित्य और राजा भोज के योगदान को भी याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार हमेशा नए और नवाचारी विचारों को आगे बढ़ाने में सहयोग करेगी।
‘इंजीनियरिंग समस्याओं का समाधान निकालने की क्षमता’
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश के सभी विभाग विकास की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इसमें PWD के इंजीनियरों की टीमवर्क की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का उल्लेख करते हुए कहा कि इंजीनियरिंग सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि समस्याओं का समाधान निकालने की क्षमता है। इंजीनियरों के लिए खोजी स्वभाव, अनुभव और परफेक्शन महत्वपूर्ण हैं।
मंत्री ने बताया कि पिछले 9 महीने में प्रदेश के करीब 85% इंजीनियरों को प्रशिक्षण दिया गया है। मुख्यमंत्री ने भोपाल में इंजीनियरों के प्रशिक्षण के लिए संस्थान शुरू करने का संकल्प लिया है।
MP में 2 लाख करोड़ रुपए के काम का लक्ष्य
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि MP-RDC अगले एक साल में करीब 2 लाख करोड़ रुपए लागत के कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अधोसंरचना निर्माण में गुणवत्ता को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि गुणवत्ता हमारी पहचान, नवाचार हमारी शक्ति, तकनीक हमारा भविष्य और विकसित मध्यप्रदेश हमारा संकल्प है। PWD के कई नवाचारों को देश के दूसरे राज्यों ने भी अपनाया है।
सड़क सुरक्षा और ब्लैक स्पॉट पर भी फोकस
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह ने कहा कि विभाग ने लोक कल्याण के साथ नवाचारों को जोड़ा है। सड़कें किसानों को बाजार, युवाओं को स्कूल और महिलाओं को रोजगार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण में रोड सेफ्टी और आधुनिक तकनीक से जुड़े विशेषज्ञों की सलाह ली जा रही है। पिछले 9 महीने में ब्लैक स्पॉट से होने वाली दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में तुलनात्मक रूप से कमी आई है।
बेहतर काम करने वाले इंजीनियरों का सम्मान
अभियंता दिवस समारोह में बेहतर काम करने वाले इंजीनियरों और अधिकारियों को सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वालों में ईश्वर सिंह चंदेली, मानवेंद्र सिंह सेंगर, मनीष कुमार शर्मा, अर्चित लाहौटी, अमन अग्रवाल, नितिन अग्रवाल, नितिन बरसैया, राजेश दायमा, शशांक शर्मा, हर्षिता वार्ष्णेय, दीपक नामदेव, साहित्य तिवारी, अनिल श्रीवास्तव, पुष्कल प्रताप, मोहन किशोर, महेंद्र डोलिया, शिवेंद्र सिंह, रामसिंह रघुवंशी और आशीष मंडल शामिल रहे।
सेवानिवृत्त लोक निर्माण विभाग सचिव सतीश चंद्र पांडे और सेवानिवृत्त प्रमुख अभियंता जीएस पल्नितकर को भी विशेष सम्मान दिया गया।