MP Public Transport: बस सेवा से AI टिकटिंग तक... इंदौर में सजेगा यात्री परिवहन विजन समिट-2026, ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को मिलेगी नई दिशा - Haribhoomi

इंदौर में 11 और 12 सितंबर को आयोजित होने वाले 'यात्री परिवहन विजन समिट-2026' में मुख्यमंत्री मोहन यादव 'मध्य प्रदेश मोबिलिटी विजन-2030' पेश करेंगे। समिट में AI आधारित बस प्रबंधन, डिजिटल टिकटिंग, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, PPP मॉडल और स्मार्ट सार्वजनिक परिवहन पर विशेषज्ञ मंथन करेंगे।

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बस सेवा से AI टिकटिंग तक... इंदौर में सजेगा यात्री परिवहन विजन समिट-2026

  • Published: 01 Aug 2026, 09:16 AM IST
  • Last Updated: 01 Aug 2026, 09:16 AM IST

मध्य प्रदेश: सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। इसी उद्देश्य के साथ 11 और 12 सितंबर को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय 'यात्री परिवहन विजन समिट-2026' का आयोजन होगा। इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और 'मध्य प्रदेश मोबिलिटी विजन-2030' का रोडमैप पेश करेंगे।

परिवहन स्मार्ट, डिजिटल, सुरक्षित
समिट का उद्देश्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को स्मार्ट, डिजिटल, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनाना है। इसमें देशभर के नीति-निर्माता, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, शहरी परिवहन विशेषज्ञ, तकनीकी कंपनियां, वाहन निर्माता (OEM), वित्तीय संस्थान, निवेशक और उद्योग जगत के प्रतिनिधि एक मंच पर जुटेंगे। कार्यक्रम के जरिए भविष्य की परिवहन व्यवस्था पर मंथन किया जाएगा और नए निवेश की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी।

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'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना'
समिट का प्रमुख फोकस सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के जरिए बस संचालन को मजबूत बनाने पर रहेगा। इसके साथ ही परिवहन अधोसंरचना में निवेश, वित्तीय रूप से टिकाऊ मॉडल और डिजिटल ट्रांसपोर्ट सिस्टम विकसित करने के विषय पर विशेषज्ञ अपने सुझाव देंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव इस दौरान 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना' और सार्वजनिक परिवहन में निजी क्षेत्र की भूमिका पर भी अपने विचार साझा करेंगे। कार्यक्रम में निवेशकों के साथ संवाद, उद्योग प्रदर्शनी और समिट स्मारिका व ज्ञान प्रकाशन का विमोचन भी किया जाएगा।

AI आधारित बस रूट प्लानिंग
दो दिवसीय समिट में भविष्य की परिवहन व्यवस्था से जुड़े कई तकनीकी सत्र आयोजित होंगे। इनमें इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS), AI आधारित बस रूट प्लानिंग, फ्लीट मैनेजमेंट, डिजिटल टिकटिंग, ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, डेटा आधारित ट्रांसपोर्ट गवर्नेंस, यात्री सुरक्षा और सुविधाओं जैसे विषयों पर विशेषज्ञ विस्तार से चर्चा करेंगे। साथ ही परिवहन क्षेत्र में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसरों पर भी विचार-विमर्श होगा।

उद्योग प्रदर्शनी, निवेशकों के साथ नेटवर्किंग
समिट के पहले दिन उद्घाटन सत्र, पैनल चर्चा, उद्योग प्रदर्शनी, निवेशकों के साथ नेटवर्किंग और ज्ञान साझा करने के कार्यक्रम होंगे। वहीं दूसरे दिन देशभर से आए प्रतिनिधियों को उज्जैन ले जाया जाएगा, जहां वे श्री महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन करेंगे। इस दौरान मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन क्षमता से भी प्रतिनिधियों को परिचित कराया जाएगा।
राज्य सरकार का मानना है कि इस समिट के जरिए मध्य प्रदेश मोबिलिटी विजन-2030 को मजबूत आधार मिलेगा। सार्वजनिक परिवहन में निजी निवेश बढ़ेगा, AI और डिजिटल तकनीकों का उपयोग तेज होगा, इलेक्ट्रिक और हरित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा तथा रोजगार और नए उद्यमों के अवसर भी बढ़ेंगे। सरकार, उद्योग और तकनीकी संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को भविष्य के अनुरूप विकसित करने की दिशा में यह समिट महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।