MP School Education: भवन विहीन स्कूलों को मिलेंगे भवन, स्कूलों में होगा सोशल ऑडिट - Haribhoomi

मध्य प्रदेश में स्कूल शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और सुविधायुक्त बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत भवन विहीन विद्यालयों के लिए भवन उपलब्ध कराने के साथ शिक्षकों की उपस्थिति, स्कूलों के नियमित निरीक्षण, सोशल ऑडिट, PTM और मूलभूत सुविधाओं की निगरानी पर जोर दिया जाएगा।

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मध्य प्रदेश में स्कूल शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भवन, शिक्षक उपस्थिति, सोशल ऑडिट और मूलभूत सुविधाओं पर जोर। (Image- AI Generated)

  • Published: 18 Aug 2026, 10:31 PM IST
  • Last Updated: 18 Aug 2026, 10:31 PM IST

भोपाल: मध्य प्रदेश में स्कूल शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। इसका फोकस केवल स्कूलों में भवन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, विद्यार्थियों की सुरक्षा, अभिभावकों की भागीदारी और स्कूलों की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी रहेगा।

कार्ययोजना के तहत प्रदेश के भवन विहीन विद्यालयों और ऐसे स्कूलों को चिन्हित किया गया है, जिनकी कक्षाएं दूसरे विद्यालयों के भवन में संचालित हो रही हैं। आवश्यकता के अनुसार इन विद्यालयों के लिए भवन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।

भवन विहीन विद्यालयों को मिलेंगे भवन
प्रदेश में ऐसे विद्यालयों की पहचान की गई है, जहां अपना भवन उपलब्ध नहीं है या विद्यार्थियों की कक्षाएं दूसरे स्कूलों के भवन में संचालित हो रही हैं। इन विद्यालयों की आवश्यकता के अनुसार भवन निर्माण अथवा भवन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।

इसके साथ ही विद्यार्थियों की संख्या और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त कक्षों के निर्माण पर भी ध्यान दिया जाएगा, ताकि स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त और सुविधायुक्त कक्षाएं उपलब्ध हो सकें।

शिक्षकों की उपस्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता पर निगरानी
कार्ययोजना में स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति का नियमित आकलन करने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके साथ ही शिक्षा की गुणवत्ता की लगातार समीक्षा की जाएगी और जहां कमियां सामने आएंगी, उन्हें दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

सभी विद्यालयों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने की भी योजना है। इससे स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था, शिक्षकों की उपस्थिति और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की नियमित निगरानी की जा सकेगी।

स्कूलों में होगा सोशल ऑडिट
विद्यालयों में सोशल ऑडिट की व्यवस्था लागू करने पर भी जोर दिया गया है। इसके लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का सहयोग लिया जाएगा। इसका उद्देश्य स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं, व्यवस्थाओं और योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाना है।

PTM से बढ़ेगी अभिभावकों की भागीदारी
विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) नियमित रूप से आयोजित की जाएगी। इसके माध्यम से विद्यार्थियों की पढ़ाई, उपस्थिति और उनकी शैक्षणिक प्रगति को लेकर अभिभावकों और शिक्षकों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने पर जोर रहेगा।

वहीं विद्यालय के पूर्व छात्रों को भी स्कूल से जोड़ने की योजना है। पूर्व छात्रों के सहयोग से विद्यालय की सुविधाओं और विकास कार्यों को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।

स्कूलों में इन सुविधाओं पर भी रहेगा फोकस
कार्ययोजना में विद्यालयों की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल किए गए हैं।

  • भवन विहीन विद्यालयों के लिए आवश्यकता के अनुसार भवन उपलब्ध कराए जाएंगे।
  • विद्यार्थियों की संख्या और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त कक्षों का निर्माण किया जाएगा।
  • विद्यालय भवनों की रंगाई-पुताई कराई जाएगी।
  • पेयजल और अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
  • विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ और उपयोगी शौचालय उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
  • कक्षाओं में उपयोगी और बेहतर ब्लैक बोर्ड सुनिश्चित किए जाएंगे।
  • आवश्यकता के अनुसार छात्रावास सुविधाओं के विस्तार पर ध्यान दिया जाएगा।
  • बारिश सहित मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम किए जाएंगे।
  • मध्याह्न भोजन व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी और कमियां मिलने पर उन्हें तत्काल दूर किया जाएगा।

निजी स्कूलों के संचालन पर भी निगरानी
कार्ययोजना में निजी विद्यालयों के सुचारू और व्यवस्थित संचालन पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही गई है। इसके अलावा सभी विद्यालयों के नियमित निरीक्षण और स्कूलों में उपलब्ध व्यवस्थाओं की निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।

विद्यालय परिसरों में अनधिकृत रूप से वीडियो निर्माण अथवा अन्य गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए भी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

सांदीपनि विद्यालयों के जरिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर
प्रदेश में विद्यार्थियों को बेहतर और सुविधायुक्त शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी व्यापक प्रयास के तहत अन्य विद्यालयों में भी बुनियादी सुविधाओं और शैक्षणिक गुणवत्ता को मजबूत करने की कार्ययोजना तैयार की गई है।

सुरक्षित और जवाबदेह स्कूल व्यवस्था बनाने का लक्ष्य
सरकार की इस कार्ययोजना का उद्देश्य केवल विद्यालयों में अधोसंरचना उपलब्ध कराना नहीं है। इसके जरिए विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ, गुणवत्तापूर्ण और सुविधायुक्त शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।

शिक्षकों की उपस्थिति की निगरानी, स्कूलों का नियमित निरीक्षण, सोशल ऑडिट, PTM में अभिभावकों की भागीदारी और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता के माध्यम से प्रदेश की स्कूल शिक्षा व्यवस्था को अधिक जवाबदेह, प्रभावी और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने का लक्ष्य रखा गया है।