MP TET Controversy: एमपी विधानसभा में भी TET छूट का प्रस्ताव पारित किया जाए, अधिकारी-कर्मचारी मोर्चा ने सरकार से की मांग

MP TET Controversy: मध्यप्रदेश अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने सरकार से मांग की कि प्रदेश में पुराने शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से छूट देने का विशेष प्रस्ताव विधानसभा में पारित कराया जाए और फिर उसके मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा (MP TET Controversy) जाए। जिससे पुराने शिक्षकों को राहत मिल सके।

तमिलनाडु- जम्मू कश्मीर की तर्ज पर प्रस्ताव पारित हो (MP TET Controversy)

मध्यप्रदेश के अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने सीएम डॉ. मोहन यादव से आग्रह किया कि तमिलनाडु विधानसभा ने 25 अगस्त 2026 को 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को TET से पूर्ण एवं स्थायी छूट देने की मांग वाला प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया था। प्रस्ताव में केंद्र सरकार से RTE Act, 2009 की धारा 23 में आवश्यक संशोधन तथा NCTE के माध्यम से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया गया था।

इसी तरह से जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने 24 सितंबर 2026 को 31 अक्टूबर 2019 से पहले नियुक्त शिक्षकों को TET से छूट देने के लिए केंद्र सरकार से RTE Act की धारा 23 में आवश्यक वैधानिक संशोधन करने तथा NCTE के माध्यम से आवश्यक अधिसूचना जारी करने का अनुरोध करने वाला प्रस्ताव अपनाया है।

TET शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा विषय (MP TET Controversy)

शिक्षक नेता उपेंद्र कौशल ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के TET संबंधी मुद्दे को विधानसभा के माध्यम से केंद्र सरकार के समक्ष रखा जा रहा है। ऐसे में मध्य प्रदेश के हजारों-लाखों शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा और भविष्य से जुड़े इस विषय पर मध्य प्रदेश विधानसभा में भी विशेष चर्चा कर प्रस्ताव पारित किया जाना चाहिए।

इसी तरह से जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने 24 सितंबर 2026 को 31 अक्टूबर 2019 से पहले नियुक्त शिक्षकों को TET से छूट देने के लिए केंद्र सरकार से RTE Act की धारा 23 में आवश्यक वैधानिक संशोधन करने तथा NCTE के माध्यम से आवश्यक अधिसूचना जारी करने का अनुरोध करने वाला प्रस्ताव अपनाया है।

MP TET Controversy

TET शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा विषय

शिक्षक नेता उपेंद्र कौशल ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के TET संबंधी मुद्दे को विधानसभा के माध्यम से केंद्र सरकार के समक्ष रखा जा रहा है। ऐसे में मध्य प्रदेश के हजारों-लाखों शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा और भविष्य से जुड़े इस विषय पर मध्य प्रदेश विधानसभा में भी विशेष चर्चा कर प्रस्ताव पारित किया जाना चाहिए।

सीएम से विधानसभा में प्रस्ताव लाया जाए (MP TET Controversy)

उपेंद्र कौशल ने सीएम डॉ. मोहन यादव से आग्रह किया कि मध्य प्रदेश सरकार इस विषय को गंभीरता से लेते हुए विधानसभा में प्रस्ताव लाए और केंद्र सरकार से RTE Act की धारा 23 में आवश्यक संशोधन तथा NCTE के माध्यम से उपयुक्त वैधानिक व्यवस्था किए जाने की मांग करे।

शिक्षकों के हित में समाधान निकालने की मांग

उन्होंने कहा कि शिक्षकों की मांग है कि वर्षों की सेवा और अनुभव को ध्यान में रखते हुए पुराने नियुक्त शिक्षकों के लिए TET के संबंध में उचित स्थायी समाधान निकाला जाए।

उपेंद्र कौशल ने कहा “जब तमिलनाडु और जम्मू-कश्मीर की विधानसभाएं शिक्षकों के TET संबंधी मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष प्रस्ताव के माध्यम से उठा सकती हैं, तो मध्य प्रदेश विधानसभा में भी इस विषय पर प्रस्ताव लाया जाना चाहिए। मध्य प्रदेश के शिक्षक भी चाहते हैं कि उनकी सेवा, अनुभव और भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार उनकी आवाज को विधानसभा के माध्यम से केंद्र तक पहुंचाए।”

अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने मध्य प्रदेश के सभी शिक्षक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों से भी इस विषय पर एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने का आह्वान किया।

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