MP-WASCO: मध्यप्रदेश जल निगम का होगा कायाकल्प, नाम बदलाव से पुनर्गठन तक पर लगी मुहर

मध्यप्रदेश जल निगम को पुनर्गठित कर MP-WASCO बनाने का प्रस्ताव मंजूर हुआ। 57 करोड़ का बजट और MD की टेंडर मंजूरी सीमा 25 करोड़ करने को भी मंजूरी मिली।

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में मध्यप्रदेश जल निगम के संचालक मंडल की 26वीं बैठक हुई। बैठक में जल निगम की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव को लेकर अहम फैसला लिया गया। मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित (MPJNM) को पुनर्गठित कर मध्यप्रदेश वाटर एंड सेनिटेशन कॉरपोरेशन (MP-WASCO) बनाने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है। संचालक मंडल ने इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए मंत्रि-परिषद के पास भेजने की अनुमति दे दी है। बैठक में जल विकास, स्वच्छता प्रबंधन, ऊर्जा परियोजना, बजट और टेंडर मंजूरी से जुड़े कई अन्य प्रस्तावों पर भी निर्णय लिए गए।

MP-WASCO: नए नाम और जिम्मेदारियों के साथ काम करेगा जल निगम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश जल निगम अब नए नाम MP-WASCO और बढ़ी हुई जिम्मेदारियों के साथ काम करेगा। इसके लिए जल विकास और स्वच्छता प्रबंधन से जुड़े नए लक्ष्य तय किए जाएंगे और जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे। बैठक में जल निगम की ओर से विचार और मंजूरी के लिए रखे गए विभिन्न एजेंडा प्रस्तावों को मुख्यमंत्री ने स्वीकृति दी। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2023-24 के संचालक मंडल के प्रतिवेदन और वित्तीय वर्ष 2024-25 के अनअंकेक्षित वार्षिक लेखों को भी मंजूरी दी गई।

MP Water Corporation Budget: 2026-27 के लिए 57 करोड़ का बजट मंजूर

बैठक में मध्यप्रदेश जल निगम के मौजूदा वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट अनुमान को 57 करोड़ रुपये रखने की मंजूरी दी गई। इसके साथ ही कैप्टिव मोड में 60 मेगावॉट की ग्रिड-कनेक्टेड पवन ऊर्जा परियोजना विकसित करने से जुड़े प्रस्ताव पर भी निर्णय हुआ। परियोजना के लिए बनाई गई कंपनी में मध्यप्रदेश जल निगम की ओर से प्रतिनिधित्व के लिए प्रबंध संचालक को अधिकृत किया गया है।

परियोजना कंपनी में जल निगम के 26 प्रतिशत इक्विटी शेयर डीमैटीरियलाइज्ड रूप में रखने को भी स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा जल निगम के इक्विटी शेयर नए पदाधिकारियों को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली।

MPJNM Tender Limit: MD की टेंडर मंजूरी सीमा 5 से बढ़कर 25 करोड़

बैठक में मध्यप्रदेश जल निगम के संचालक मंडल में स्वतंत्र निदेशक के तौर पर सुमित बोस की पुनर्नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई। वहीं, प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन और एक्जीक्यूशन मेथडोलॉजी के तहत जल निगम के प्रबंध संचालक की टेंडर मंजूरी की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव भी पास हुआ। अब यह सीमा 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 25 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है। इस बदलाव का संबंध जल निगम की परियोजनाओं के क्रियान्वयन और टेंडर प्रक्रिया से जुड़े अधिकारों से है।

MP Water & Sanitation: बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपत्तिया उइके, मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी, अपर मुख्य सचिव दीपाली रस्तोगी, अपर मुख्य सचिव पीएचई सचिन सिन्हा, प्रमुख सचिव पीएचई मनीष सिंह और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य संदीप यादव मौजूद रहे। इसके अलावा मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित के एमडी वीएस चौधरी कोलसानी सहित संचालक मंडल के अन्य सदस्य भी बैठक में शामिल हुए।