Mumbai Metro: बिना सड़क पर उतरे सीधे मॉल-ऑफिस पहुंचेंगे मेट्राे यात्री, जानें MMRDA की पहल से क्या होगा फायदा| Navbharat Live

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सार

Mumbai Metro Connectivity: मुंबई में अब मेट्रो स्टेशनों से सीधे मॉल और कॉर्पोरेट ऑफिसों के लिए फुट ओवर ब्रिज बनेंगे। MMRDA की इस नई नीति से यात्रियों को लास्ट-माइल कनेक्टिविटी और सरकार को बंपर कमाई हो

MMRDA Mumbai Metro Connectivity FOB

MMRDA के आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी व अन्य अधिकारी (सोर्स: सोशल मीडिया)

विस्तार

Mumbai Metro Connectivity FOB: मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) मुंबई मेट्रो नेटवर्क में मेट्रो स्टेशनों को उनसे सटे वाणिज्यिक एवं आवासीय परिसरों को फुट ओवर ब्रिज से सीधे जोड़कर लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य यात्रियों की सुविधा बढ़ाना, मेट्रो के उपयोग को प्रोत्साहित करना तथा व्यस्त सड़कों पर पैदल यात्रियों की आवाजाही को कम करना है। उल्लेखनीय है कि इस तरह की कनेक्टिविटी के लिए एमएमआरडीए को अपनी निधि खर्च नहीं करनी पड़ेगी,उल्टे प्राधिकरण को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी।

गोदरेज से जुड़ेगा मेट्रो 4 का स्टेशन

इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में MMRDA ने हाल ही में मेट्रो लाइन-4 के मेट्रो स्टेशन तथा विक्रोली स्थित गोदरेज के वाणिज्यिक परिसर के बीच प्रत्यक्ष फुट ओवर ब्रिज (FOB) कनेक्टिविटी को मंजूरी प्रदान की है। इस प्रस्तावित फुट ओवर ब्रिज के माध्यम से कर्मचारी, आगंतुक तथा यात्री व्यस्त एलबीएस रोड का उपयोग किए बिना सीधे मेट्रो स्टेशन और गोदरेज परिसर के बीच आवागमन कर सकेंगे।

इससे पैदल यात्रियों की सुरक्षा में सुधार होगा, यात्रा का समय कम होगा तथा सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। इसी तरह मेट्रो लाइन-7 पर ओबेरॉय मॉल को प्रदान की गई प्रत्यक्ष मेट्रो कनेक्टिविटी के बाद, किसी निजी विकास परियोजना को मेट्रो स्टेशन से जोड़ने हेतु फुट ओवर ब्रिज के निर्माण के लिए एमएमआरडीए द्वारा अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) प्रदान किया गया यह दूसरा प्रस्ताव है।

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प्रत्यक्ष मेट्रो कनेक्टिविटी हेतु एमएमआरडीए की नीति

एमएमआरडीए की नीति के अनुसार, मेट्रो स्टेशनों से प्रत्यक्ष कनेक्टिविटी प्राप्त करने के इच्छुक वाणिज्यिक एवं आवासीय विकास परियोजनाओं को एकमुश्त, अप्रतिदेय विकास शुल्क का भुगतान करना होगा। फुट ओवर ब्रिज के डिजाइन एवं निर्माण की संपूर्ण लागत आवेदक द्वारा वहन की जाएगी। साथ ही, मेट्रो अवसंरचना के साथ सुरक्षित, निर्बाध एवं तकनीकी रूप से अनुरूप एकीकरण सुनिश्चित करने के लिए कुल निर्माण लागत का 6 प्रतिशत एमएमआरडीए को पर्यवेक्षण शुल्क के रूप में देय होगा। अनुमति अथवा अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करने से पूर्व प्रत्येक प्रस्ताव की विस्तृत तकनीकी, संरचनात्मक एवं सुरक्षा संबंधी जांच की जाती है।

एमएमआरडीए को मिले 10 करोड़

इस पहल के अंतर्गत एमएमआरडीए को गोदरेज एंड बॉयस से 10 करोड़ रुपए का एकमुश्त, अप्रतिदेय विकास शुल्क प्राप्त हुआ है। विकास शुल्क के अतिरिक्त फुट ओवर ब्रिज के निर्माण की संपूर्ण लागत भी कंपनी द्वारा वहन की जाएगी। गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के एंटरप्राइजेज एस्टेट्स डिवीजन के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट एवं बिजनेस हेड अनुप मैथ्यू ने एमएमआरडीए आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी को औपचारिक रूप से यह चेक सौंपा है।
मेट्रो लाइन-7 पर ओबेरॉय मॉल को प्रदान की गई प्रत्यक्ष मेट्रो कनेक्टिविटी के माध्यम से इस मॉडल की सफलता पहले ही स्पष्ट हो चुकी है। इस सुविधा के कारण यात्री मुख्य सड़क पर आए बिना सीधे वाणिज्यिक परिसर तक पहुंच सकते हैं, जो एकीकृत लास्ट-माइल कनेक्टिविटी के लाभों को दर्शाता है.

मेट्रो लाइन-2बी का प्रस्ताव भी विचाराधीन

एमएमआरडीए वर्तमान में इस प्रकार के कई अन्य प्रस्तावों की भी समीक्षा कर रहा है। इनमें से एक प्रमुख प्रस्ताव मेट्रो लाइन-2बी पर स्थित भारत डायमंड बोर्स का है। इसके कार्यान्वित होने पर प्रतिदिन लगभग 40,000 यात्रियों को इसका लाभ मिलने की संभावना है। इससे आसपास की सड़कों पर पैदल यात्रियों की आवाजाही में उल्लेखनीय कमी आएगी तथा मेट्रो को आवागमन के पसंदीदा साधन के रूप में बढ़ावा मिलेगा।

CM फडणवीस बोले- यात्री और मेट्रो प्रणाली दोनों का होगा फायदा

इस पहल पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रमुख वाणिज्यिक एवं आवासीय परिसरों को मेट्रो से प्रत्यक्ष रूप से जोड़ने के उद्देश्य से यह नीति लागू की है, जिससे लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। यह यात्रियों और मेट्रो प्रणाली दोनों के लिए लाभकारी मॉडल है।

प्रत्यक्ष कनेक्टिविटी से अधिक से अधिक लोग मेट्रो का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित होंगे, जिससे किराया राजस्व में वृद्धि होगी। वहीं, इस नीति के अंतर्गत प्राप्त होने वाला एकमुश्त विकास शुल्क तथा अन्य गैर-किराया राजस्व (Non-Fare Box Revenue) मेट्रो नेटवर्क की वित्तीय स्थिरता को और मजबूत करेगा।

लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को बेहतर होगी: एकनाथ शिंदे

राज्य के उपमुख्यमंत्री व एमएमआरडीए के अध्यक्ष एकनाथ शिंदे ने कहा कि प्रत्यक्ष मेट्रो कनेक्टिविटी के लिए वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों एवं आवासीय परियोजनाओं से उत्साहजनक प्रतिसाद प्राप्त हो रहा है। प्रत्येक प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान करने से पहले उसकी तकनीकी तथा सुरक्षा संबंधी सभी पहलुओं पर गहन जांच की जाती है।

एकनाथ शिंदे ने कहा कि इस प्रकार की पहलें लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाती हैं, मेट्रो स्टेशनों के आसपास की भीड़भाड़ कम करती हैं, यात्रियों की सुविधा को सुदृढ़ करती हैं तथा गैर-किराया राजस्व का एक स्थायी स्रोत उपलब्ध कराती हैं, जिससे मेट्रो नेटवर्क की दीर्घकालिक वित्तीय सुदृढ़ता को बल मिलता है।

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मेट्रो के उपयोग को बढ़ावा: आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी

MMRDA के आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी ने कहा कि लास्ट-माइल कनेक्टिविटी सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को प्रभावित करने वाले सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से एक है। इस पहल के माध्यम से एमएमआरडीए मेट्रो स्टेशनों और प्रमुख वाणिज्यिक एवं आवासीय परिसरों के बीच निर्बाध संपर्क स्थापित कर रहा है, साथ ही यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि इस प्रकार की कनेक्टिविटी की लागत लाभार्थी संस्थानों द्वारा वहन की जाए। इससे यात्रियों का सफर अधिक सुविधाजनक होगा, मेट्रो के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा तथा महा मुंबई मेट्रो की वित्तीय स्थिरता भी मजबूत होगी।

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