MVDA ने मानचित्र स्वीकृति की व्यवस्था बदली: 100 वर्गमीटर तक खुद पास कर सकेंगे नक्शा, 500 वर्गमीटर तक आर्किटेक्ट को अधिकार - Mathura News
मथुरा में भवन निर्माण के लिए नक्शा स्वीकृत कराने को अब विकास प्राधिकरण में विभिन्न पटलों के चक्कर नहीं लगाने होंगे
मथुरा में भवन निर्माण के लिए नक्शा स्वीकृत कराने को अब विकास प्राधिकरण में विभिन्न पटलों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने नक्शा स्वीकृति की पुरानी व्यवस्था को बंद कर फास्ट पास पोर्टल को पूरी तरह प्रभावी कर दिया है। इसके परि
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फास्ट पास पोर्टल लागू
मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष लक्ष्मी नागप्पन ने बताया कि प्राधिकरण ने नक्शा स्वीकृति की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए फास्ट पास पोर्टल लागू किया है। इसकी खासियत यह है कि नक्शा स्वीकृति के साथ विभिन्न विभागों से जरूरी अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) प्राप्त करने की प्रक्रिया भी इसी के तहत ऑनलाइन कर दी गई है। अब आवेदक को एनओसी के लिए संबंधित विभाग के कार्यालय में पत्र लेकर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। पोर्टल के माध्यम से एनओसी का अनुरोध संबंधित विभाग तक पहुंच जाएगा।
विप्रा उपाध्यक्ष ने बताया कि फास्ट पास पोर्टल का उद्देश्य नक्शा स्वीकृति की प्रक्रिया को तेज करने के साथ आवेदकों को अनावश्यक भागदौड़ से राहत देना है। पोर्टल पर आवेदन की स्थिति की जानकारी भी आसानी से मिल सकेगी। इससे प्रक्रिया में जवाबदेही बढ़ेगी और अनावश्यक देरी की संभावना कम होगी।

लक्ष्मी नागप्पन, उपाध्यक्ष मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण
75 प्रतिशत मामलों में निर्धारित समय में मिली स्वीकृति
प्राधिकरण की उपाध्यक्ष लक्ष्मी नागप्पन ने बताया कि इस पोर्टल का परिणाम जुलाई में देखा गया। पोर्टल पर प्राप्त करीब 75 प्रतिशत मामलों में नक्शों को निर्धारित समय में स्वीकृति मिली है। नई व्यवस्था के तहत आवेदक को फास्ट पास पोर्टल पर नक्शे के साथ आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। इसके बाद आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन आगे बढ़ेगी।

पोर्टल पर प्राप्त करीब 75 प्रतिशत मामलों में नक्शों को निर्धारित समय में स्वीकृति मिली है
500 वर्गमीटर तक के भूखंड पर बड़ी राहत
मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण के नए बायलॉज के तहत नक्शा स्वीकृति की प्रक्रिया को जोखिम के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा गया है। 0 से 100 वर्ग मीटर तक के भूखंडों को लो रिस्क, 100 से 500 वर्ग मीटर तक को मीडियम रिस्क और 500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले भूखंडों को हाई रिस्क श्रेणी में रखा गया है। लो रिस्क श्रेणी में 100 वर्ग मीटर तक के आवासीय नक्शे की स्वीकृति आवेदक स्वयं पोर्टल के माध्यम से प्राप्त कर सकता है। वहीं प्राधिकरण से स्वीकृत कॉलोनियों में 500 वर्ग मीटर तक के आवासीय भूखंडों के नक्शे आर्किटेक्ट के माध्यम से पोर्टल पर स्वीकृत कराए जा सकते हैं। व्यावसायिक भूखंडों के लिए यह सीमा 30 वर्ग मीटर तक निर्धारित है। इन श्रेणियों में निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्राधिकरण की अलग से स्वीकृति की आवश्यकता नहीं होगी।
एनओसी के लिए भी नहीं लगाने होंगे चक्कर
फास्ट पास पोर्टल के जरिए संबंधित विभागों से एनओसी मांगने की प्रक्रिया भी होगी। आवेदन के आधार पर संबंधित विभाग के लिए एनओसी का अनुरोध पोर्टल से स्वत: जनरेट होकर भेजा जाएगा। इससे आवेदक को अलग-अलग विभागों में जाकर पत्र जमा कराने की जरूरत नहीं होगी। एक ही व्यवस्था से नक्शा स्वीकृति, एनओसी और आवेदन की स्थिति की जानकारी मिल सकेगी।