'सीओ को गिरफ्तार कर पेश करो'... वाराणसी कोर्ट ने सत्येंद्र प्रसाद तिवारी के खिलाफ क्यों जारी किया NBW?

'सीओ को गिरफ्तार कर पेश करो'... वाराणसी कोर्ट ने सत्येंद्र प्रसाद तिवारी के खिलाफ क्यों जारी किया NBW?

सीओ सत्येंद्र प्रसाद तिवारी की गिरफ्तारी के आदेश जारी.

Varanasi News: वाराणसी की स्पेशल एससी/एसटी कोर्ट में गवाही देने के लिए बार-बार बुलाए जाने के बावजूद पेश न होना कौशांबी के CO ट्रैफिक सत्येंद्र प्रसाद तिवारी को भारी पड़ गया है. कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर दिया है. अदालत ने उनका वेतन रोकने और 10 सितंबर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का भी आदेश दिया है.

2018 के मामले में देनी थी गवाही

मामला साल 2018 का बताया जा रहा है. वाराणसी के भेलूपुर थाने में तौफीक आलम के खिलाफ धारा 376 (दुष्कर्म) के तहत केस दर्ज हुआ था. उस समय सत्येंद्र प्रसाद तिवारी भेलूपुर में CO के पद पर तैनात थे और मामले की जांच से जुड़े थे. वर्तमान में वह कौशांबी में CO ट्रैफिक के पद पर तैनात हैं. इस मामले में उनकी गवाही होना बाकी थी, जिसके लिए स्पेशल एससी/एसटी कोर्ट ने उन्हें कई बार तलब किया था.

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2 बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बुलाया गया

कोर्ट के आदेश के अनुसार, मामले की सुनवाई के दौरान विवेचक सत्येंद्र प्रसाद तिवारी और एक डॉक्टर साक्षी की गवाही होनी थी. इसके लिए सत्येंद्र प्रसाद तिवारी को पहली बार 13 अगस्त 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश होने के लिए कहा गया था. बताया गया कि उस दिन वह तिरंगा यात्रा में व्यस्त होने के कारण गवाही के लिए उपस्थित नहीं हो सके. इसके बाद अदालत ने उन्हें 24 अगस्त को दोबारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तलब किया, लेकिन वह उस दिन भी पेश नहीं हुए.

तीसरी तारीख पर भी नहीं पहुंचे

दो बार पेश न होने के बाद अदालत ने गवाही के लिए 1 सितंबर 2026 की तारीख तय की थी. हालांकि इस बार भी विवेचक के रूप में सत्येंद्र प्रसाद तिवारी अदालत के सामने उपस्थित नहीं हुए. स्पेशल एससी/एसटी कोर्ट के न्यायाधीश सुधाकर राय ने इसे गंभीरता से लिया. अदालत ने अपने आदेश में कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि संबंधित साक्षी जानबूझकर गवाही देने के लिए कोर्ट में उपस्थित नहीं हो रहा है.

कोर्ट ने जारी किया गैर-जमानती वारंट

लगातार अनुपस्थित रहने के बाद कोर्ट ने सत्येंद्र प्रसाद तिवारी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया. अदालत ने उनके वेतन पर रोक लगाने के साथ ही उन्हें 10 सितंबर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने का आदेश दिया है. मामले से जुड़े अधिवक्ता अभिषेक दूबे के अनुसार, अब CO सत्येंद्र प्रसाद तिवारी को अगली सुनवाई की तारीख पर अदालत के समक्ष उपस्थित होना होगा. मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को तय की गई है.

हाल ही में एक वीडियो को लेकर आए थे चर्चा में

CO सत्येंद्र प्रसाद तिवारी हाल ही में कौशांबी की एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट के बाद भी चर्चा में आए थे. हादसे के बाद उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को गले लगाकर सांत्वना देते दिखाई दिए थे. अब वाराणसी कोर्ट की ओर से जारी गैर-जमानती वारंट के बाद CO ट्रैफिक सत्येंद्र प्रसाद तिवारी एक बार फिर चर्चा में हैं. मामले में 10 सितंबर को होने वाली सुनवाई पर सभी की नजर रहेगी.

अमित कुमार सिंह

अमित कुमार सिंह

पिछले 15 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय, 2008 सितम्बर में नई दुनियां अख़बार दिल्ली से पत्रकारिता शुरू की. अप्रैल 2009 में ज़ी मीडिया जॉइन किया. दिसंबर 2018 तक ज़ी मीडिया में बतौर ब्यूरो चीफ बनारस रहा. जनवरी 2019 से जनतंत्र टीवी में गए और 2021 तक जिम्मेदारी निभाई. रोमिंग जर्नलिस्ट के तौर पर जनतंत्र टीवी के लिए स्पेशल करेस्पोंडेंट की हैसियत से दिल्ली, बिहार-झारखंड और लखनऊ में अपनी सेवाएं दीं. टीवी 9 यूपी का हिस्सा बनने से पहले न्यूज़ नेशन गोरखपुर में बतौर ब्यूरो चीफ़ की भूमिका में रहे. फिलहाल टीवी 9 यूपी (डिजिटल) के लिए बनारस से सेवाएं दे रहे हैं.

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