दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश शुरू, जानिए वीकेंड पर कैसा रहने वाला है मौसम
Delhi NCR Rain Alert: दिल्ली एनसीआर में एक बार फिर लोगों को उमस भरी गर्मी से छुटकारा मिला है. यहां सुबह 10 बजे से बारिश का सिलसिला शुरू हो गया. भारतीय मौसम विभाग की ओर से जारी सैटेलाइट तस्वीरों में एक बेहद अनोखा नजारा देखने को मिला है. उत्तर भारत से शुरू होकर हिमालय और चीन से गुजरते हुए दक्षिण कोरिया तक करीब 10,000 किलोमीटर लंबी बादलों की एक विशाल पट्टी बन चुकी है. इसे वैज्ञानिक भाषा में मॉनसून कन्वर्जेंस जोन कहा जा रहा है. इस तंत्र के सक्रिय होने से हिंद महासागर से आ रही नमी सीधे भारत के राज्यों तक पहुंच रही है. बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसम तंत्र ने इसे और ज्यादा मजबूत कर दिया है. यही वजह है कि दिल्ली से लेकर पूर्वोत्तर के राज्यों तक मूसलाधार बारिश का सिलसिला शुरू हो चुका है.
दिल्ली और एनसीआर का बदला मौसम
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में शुक्रवार सुबह से ही मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. सुबह के वक्त आसमान में काले घने बादल छा गए और कई इलाकों में झमाझम बारिश दर्ज की गई. इससे पिछले कुछ दिनों से जारी उमस भरी गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली है. मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में पूरे दिन बादल छाए रहेंगे और शाम को भी तेज बौछारें पड़ सकती हैं. हालांकि तापमान में कोई बहुत बड़ी गिरावट दर्ज नहीं होगी, लेकिन ठंडी हवाओं के चलने से मौसम बेहद सुहावना बना रहेगा. यह सुहावना मौसम इस पूरे सप्ताह बना रहने का अनुमान जताया गया है.
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— India Meteorological Department (@Indiametdept) July 23, 2026
यूपी और बिहार में नदियों का उफान
उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए आने वाले दिन काफी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं. इन दोनों राज्यों में पिछले 10 दिनों से लगातार हो रही बरसात के कारण गंगा और यमुना सहित करीब 10 छोटी-बड़ी नदियां उफान पर हैं. मौसम विभाग ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के 54 जिलों और बिहार के 40 जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया है. कई इलाकों के लिए बाकायदा ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है क्योंकि नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे आसपास के खेतों और गांवों में पानी भरने की आशंका काफी बढ़ गई है.
गुजरात और असम में बाढ़ से बिगड़े हालात
भारी बरसात का सबसे खतरनाक असर गुजरात और असम में देखने को मिल रहा है. गुजरात के कई जिले जलभराव और बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं. बीते 24 घंटों में दक्षिण गुजरात के उमरगाम तालुका में रिकॉर्डतोड़ बरसात दर्ज की गई है, जहां केवल 16 घंटों के भीतर 43 इंच पानी बरस गया. इस भारी बरसात के कारण सड़कें और घर जलमग्न हो गए हैं. मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी गुजरात के 11 जिलों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. वहीं दूसरी तरफ पूर्वोत्तर राज्य असम में भी लगातार बारिश से गुवाहाटी समेत कई इलाके पानी में डूब चुके हैं और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है.
District wise Nowcast Warning valid for next two-three hours:
Issue Time: 24-07-2026 01:22 Hrs IST
Validity Time: 24-07-2026 04:22 Hrs IST
Red Warnings: Lightning/Thunderstorms with gusty winds (around 60 kmph) and heavy rain (>15 mm/h) very likely over following districts… pic.twitter.com/Y9pKS5Yjke
— India Meteorological Department (@Indiametdept) July 23, 2026
14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो दिनों तक देश के कई हिस्सों में भारी बरसात का दौर बना रहेगा. मौसम विभाग ने जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और त्रिपुरा समेत करीब 14 राज्यों में तेज गरज और चमक के साथ बारिश की चेतावनी दी है. पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और चट्टानें खिसकने का खतरा बना हुआ है, इसलिए पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी गई है.
अगले 2 दिन भारी बारिश का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले दो दिनों के लिए देश के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, झारखंड, मेघालय और त्रिपुरा में तेज बारिश होने की संभावना है. इसके अलावा छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात और पश्चिम बंगाल में भी अच्छी बारिश का अनुमान है. मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, जलभराव वाले इलाकों से बचने और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है. स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की भी अपील की गई है.
मॉनसून कन्वर्जेंस जोन कैसे करता है काम
मौसम प्रणाली का यह खास रूप तब बनता है जब हिंद महासागर से उठने वाली हवाएं और नमी एशियाई मौसम प्रणालियों के साथ मिल जाती हैं. इससे बादलों का एक बेहद लंबा और मजबूत रास्ता तैयार हो जाता है. इस रास्ते पर लगातार नमी का प्रवाह बना रहता है, जिससे बड़े भूभाग पर एक साथ बारिश होती है. जानकारों के मुताबिक यह स्थिति भारत में मानसून के सबसे ज्यादा सक्रिय होने का संकेत है. इस स्थिति के कारण देश के उन हिस्सों में भी अच्छी बरसात हो रही है जहां अब तक सूखा जैसी स्थिति बनी हुई थी.
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