बिहारशरीफ की बेटी जोराश्वी ने घर बैठे क्रैक किया NEET: 1745वीं रैंक हासिल की, मोहल्लेवासियों ने मनाया जश्न - Nalanda News
बिहारशरीफ के खंदकपर मोहल्ले की रहने वाली मेधावी छात्रा जोराश्वी रॉय ने नीट परीक्षा में ओबीसी कैटेगरी में ऑल इंडिया रैंक 1745 हासिल कर पूरे जिले का नाम रोशन किया है। इस सफलता के बाद खंदकपर मोहल्ले में आयोजित एक विशेष सम्मान समारोह के दौरान उनके घर खुश
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सफलता की यह कहानी सिर्फ एक परीक्षा पास करने की नहीं, बल्कि संघर्ष, अटूट लगन और सही मेंटोरशिप की एक ऐसी मिसाल है, जो लाखों युवाओं को प्रेरित करेगी।
लाखों के खर्च बिना भी घर से निकल सकता है NEET- मेंटर
गुरुजी स्मार्ट क्लासेस के डायरेक्टर और मेंटर रौनीश रॉय यादव ने गर्व के साथ बताया कि आज का दिन पूरे प्रदेश के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि यह बहुत बड़ी बात है कि लाखों-लाखों रुपये खर्च करके भी जो लोग सफल नहीं हो पाते, वह मुकाम जोराश्वी ने घर रहकर हमारी मेंटोरशिप के जरिए हासिल किया है।
डिप्रेशन और तमाम बाधाओं के बीच वह पग-पग पर एक मेंटर के रूप में उनके साथ खड़े रहे। आज इस सफलता से समाज में एक जोश जागेगा कि लोग अपनी बच्चियों को पढ़ाएं और आगे बढ़ाएं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि बिहारशरीफ और पूरे बिहार के किसी भी छात्र को यदि मेंटोरशिप की जरूरत है, तो वे हमेशा मदद के लिए तैयार हैं।

मोहल्ले वालों में जश्न का माहौल।
कछुए की चाल और निरंतरता ही मेरी सफलता की कुंजी- जोरावर रॉय
अपनी इस प्रेरणादायक यात्रा के बारे में बात करते हुए जोराश्वी रॉय ने साझा किया कि राह आसान नहीं थी। सफर में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन अंत में कछुए की चाल की तरह लगातार बने रहना सबसे जरूरी है। उन्होंने घर पर रहकर ऑनलाइन सोर्सेज का सही इस्तेमाल किया, कॉन्सेप्ट्स को रटने के बजाय विजुअलाइज किया और रेगुलर टेस्ट देकर अपनी गलतियों को सुधारने पर जोर दिया। जो असफलता से निराश हो जाते हैं, उनके लिए जोरावर का एक बेहद खूबसूरत संदेश है कि अभिभावक कहते हैं कि सबसे बड़ा गिफ्ट प्रेजेंट है।
पास्ट में क्या हुआ, उसे छोड़ दीजिए। क्योंकि प्रेजेंट आपके हाथ में है, उसे यूटिलाइज कीजिए, अनुभव लीजिए और आगे बढ़िए।
परिवार और शहर में जश्न का माहौल
बेटी की इस शानदार सफलता पर पिता गोपाल शरण यादव, जो लहेरी मोहल्ले में राजधानी किराना दुकान चलाते हैं, उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि उनकी बेटी ने गुरुजी स्मार्ट क्लासेस में पढ़कर जो मुकाम हासिल किया है, उससे उनका परिवार, पूरा मोहल्ला और पूरा नालंदा जिला गर्व महसूस कर रहा है और यह खुशी शब्दों में बयां नहीं की जा सकती।