NEET विवाद पर BJP का बड़ा आरोप! क्या विपक्ष ने छात्र आंदोलन को बना दिया सियासी हथियार?
NEET पेपर लीक विवाद को लेकर छात्र आंदोलन की आड़ में विपक्ष का 'सीक्रेट गेम'? दिल्ली बीजेपी के इस बड़े आरोप और UPA के पुराने पन्नों ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल। क्या शांत होगा जंतर-मंतर का गुस्सा या मचेगा नया बवाल?
नई दिल्ली: NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद अब केवल परीक्षा प्रणाली तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह देश की राजनीति का भी बड़ा मुद्दा बन चुका है। दिल्ली में छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि छात्र आंदोलन को राजनीतिक लाभ के लिए "हाईजैक" करने की कोशिश की जा रही है। वहीं, केंद्र सरकार ने फास्ट-ट्रैक कोर्ट और परीक्षा सुधारों को अपनी प्रतिबद्धता का प्रमाण बताते हुए विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है।
क्या छात्र आंदोलन बदल गया राजनीतिक अखाड़े में?
दिल्ली BJP अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा और दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि NEET पेपर लीक को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब छात्रों की वास्तविक चिंताओं से आगे बढ़कर राजनीतिक टकराव का माध्यम बनता जा रहा है। उनका आरोप था कि कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और अन्य विपक्षी दल छात्रों की भावनाओं का इस्तेमाल अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिए कर रहे हैं। BJP नेताओं का कहना है कि जब दोबारा परीक्षा हो चुकी है और परिणाम भी घोषित किए जा चुके हैं, तब भी आंदोलन जारी रहने के पीछे राजनीतिक उद्देश्य नजर आते हैं।
'फास्ट-ट्रैक कोर्ट' का वो चक्रव्यूह: क्या सरकार की ये बड़ी चाल विपक्ष को कर देगी चित?
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी ने नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा उठाए गए हालिया कड़े कदमों का पुरजोर बचाव किया। हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का केंद्र सरकार का ऐतिहासिक फैसला यह साबित करता है कि सरकार छात्रों के हितों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। उन्होंने विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों पर तंज कसते हुए कहा कि जब NEET की दोबारा परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित हो चुकी है और 19 जुलाई को उसके नतीजे भी घोषित किए जा चुके हैं, तो फिर इस बवाल को जारी रखने का क्या औचित्य है? बीजेपी का दावा है कि राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में चल रहे ये प्रदर्शन अब छात्रों की मूल चिंताओं से भटक चुके हैं और इनका एकमात्र मकसद देश में अशांति और राजनीतिक टकराव पैदा करना रह गया है।
ये भी पढ़ें… NEET विवाद के बीच बड़ा प्रशासनिक फेरबदल! IAS नरेश गंगवार बने नए शिक्षा सचिव, क्या बदलेगी तस्वीर?
पलटवार की वो पुरानी फाइलें: जब बीजेपी ने याद दिलाया UPA का 'काला इतिहास'
छात्रों के मुद्दे पर घिरने के बजाय बीजेपी ने उल्टे विपक्ष को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है। हर्ष मल्होत्रा ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को चुनौती देते हुए उनके अपने कार्यकाल के दौरान हुए घोटालों का हिसाब मांगा। उन्होंने पिछली UPA सरकार के समय हुई परीक्षा गड़बड़ियों और हाल ही में पंजाब की 'आप' सरकार के दौरान हुए फार्मेसी परीक्षा पेपर लीक का विशेष रूप से जिक्र किया। इसके साथ ही, सरकार की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए दावा किया गया कि मोदी सरकार के कार्यकाल (2014-15 से 2023-24) के दौरान उच्च शिक्षा संस्थानों में 25% और विश्वविद्यालयों में लगभग 70% की ऐतिहासिक वृद्धि हुई है, जिससे दलित और OBC छात्रों को सबसे ज्यादा फायदा मिला है।
पूर्व छात्र नेताओं की वो भावुक अपील: क्या छात्रों का आंदोलन अपनी दिशा खो रहा है?
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद, जो खुद दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ (DUSU) के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं, ने इस विवाद में एक बेहद भावुक और रणनीतिक अपील की। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों से आग्रह किया कि वे अपने पवित्र आंदोलन को किसी भी राजनीतिक दल की कठपुतली न बनने दें। सूद ने कहा, "देश के युवाओं का हित और भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।" बीजेपी नेताओं ने पार्टी की उस अनूठी परंपरा की याद दिलाई जिसके तहत रेखा गुप्ता और आशीष सूद जैसे लोकतांत्रिक छात्र राजनीति से निकले चेहरों को आज अहम सरकारी पदों पर बिठाया गया है।
DUSU से सरकार तक का सफर, BJP ने क्यों किया उल्लेख?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान BJP नेताओं ने छात्र राजनीति से राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंचने की अपनी परंपरा का भी जिक्र किया। उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और शिक्षा मंत्री आशीष सूद का उदाहरण देते हुए कहा कि दोनों ही कभी दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) के अध्यक्ष रहे और लोकतांत्रिक छात्र राजनीति से आगे बढ़कर शासन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। पार्टी का कहना है कि स्वस्थ छात्र राजनीति लोकतंत्र को मजबूत करती है, लेकिन यदि आंदोलनों का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए होने लगे तो इससे छात्रों के मूल मुद्दे पीछे छूट जाते हैं।
अब आगे क्या?
NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद पर देशभर में बहस तेज है। एक तरफ सरकार परीक्षा सुधार, फास्ट-ट्रैक कोर्ट और कानूनी सख्ती की बात कर रही है, वहीं विपक्ष जवाबदेही और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह विवाद छात्रों के भविष्य पर केंद्रित रहेगा या फिर आने वाले दिनों में पूरी तरह राजनीतिक संघर्ष का रूप ले लेगा। फिलहाल, आरोप-प्रत्यारोप के बीच लाखों छात्रों की नजर इस बात पर टिकी है कि परीक्षा प्रणाली में भरोसा बहाल करने के लिए आगे कौन से ठोस कदम उठाए जाते हैं।
ये भी पढ़ें… मोदी सरकार-CJP की निर्णायक वार्ता 25 जुलाई को! क्या धर्मेंद्र प्रधान पर होगा सबसे बड़ा फैसला?
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।