NEET Paper Leak : फास्ट ट्रैक कोर्ट के फैसले का भाजपा ने किया स्वागत, विपक्ष पर साधा निशाना - Doon Horizon
भारतीय जनता पार्टी ने नीट पेपर लीक मामले के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने के केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत किया है। पार्टी नेताओं ने प्रेस वार्ता में विपक्ष पर छात्रों के मुद्दों का राजनीतिकरण करने और संसद में चर्चा से भागने का आरोप लगाया।
देहरादून, 23 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
NEET Paper Leak : नीट पेपर लीक से जुड़े सभी मामलों के जल्द निपटारे और दोषियों को त्वरित सजा दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का बड़ा फैसला लिया है। भारतीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस कदम का जोरदार स्वागत किया है। राज्य के कैबिनेट मंत्री खजान दास ने स्पष्ट किया है कि युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है और पेपर लीक में शामिल किसी भी दोषी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
केंद्र सरकार ने इस संबंध में संबंधित विभागों को जरूरी प्रशासनिक कार्रवाई तुरंत शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। बॉम्बे, कलकत्ता, दिल्ली और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के क्षेत्राधिकार में इन विशेष अदालतों को स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। विशेष अदालतों के गठन से नीट से जुड़े मुकदमों की रोजाना सुनवाई संभव हो पाएगी।
नीट पेपर लीक के मुख्य आरोपियों पर सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह सख्त कानून 21 जून 2024 से देशभर में लागू किया जा चुका है। इस कानून का मुख्य उद्देश्य संगठित सॉल्वर गैंग, नकल माफिया, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के गलत इस्तेमाल और पेपर लीक जैसे अपराधों को जड़ से खत्म करना है। कानून में भारी जुर्माना लगाने और लंबी जेल की सजा का कड़ा प्रावधान किया गया है।
सीबीआई इस पूरे मामले की अपनी विस्तृत जांच को लगभग अंतिम रूप दे चुकी है। एजेंसी बहुत जल्द गिरफ्तार किए गए सभी 13 मुख्य आरोपियों के खिलाफ अदालत में अपनी चार्जशीट दाखिल करने जा रही है। विशेष अदालतों में सुनवाई चलने से पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था का संदेश जाएगा।
पत्रकार वार्ता में कैबिनेट मंत्री खजान दास ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समूचे विपक्ष के रवैये पर कड़े सवाल खड़े किए। राहुल गांधी अपने संवैधानिक अधिकारों का पूरी तरह से दुरुपयोग कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के सुरक्षा प्रोटोकॉल को तोड़कर केवल राजनीतिक प्रपंच रचा जा रहा है, जिसकी कड़े शब्दों में निंदा की जानी चाहिए।
संसद में नीट के गंभीर मुद्दे पर चर्चा कराने के बजाय विपक्ष केवल हंगामा और अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा है। सरकार नियम के तहत सदन के भीतर विस्तृत चर्चा कराने के लिए पूरी तरह तैयार बैठी है। छात्र भी यही चाहते हैं कि संसद में इस विषय पर सार्थक बात हो। राहुल गांधी और इंडी गठबंधन के दल चर्चा से लगातार भाग रहे हैं और पूरे सदन को बंधक बनाने की फिराक में हैं।
कांग्रेसी शासनकाल के दौरान भी दर्जनों नौकरियों के पेपर लीक हुआ करते थे, लेकिन तत्कालीन सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। मोदी सरकार ने पूरी परीक्षा प्रणाली को लीक-प्रूफ बनाने के लिए कड़े प्रशासनिक और कानूनी सुधार लागू किए हैं। कड़े इंतजामों का ही नतीजा है कि पिछले एक महीने में तीन बड़ी परीक्षाएं बिल्कुल पारदर्शी ढंग से पूरी कराई गई हैं।
शिक्षा क्षेत्र के बजट आवंटन में पिछले वर्षों के दौरान ऐतिहासिक बढ़ोतरी देखने को मिली है। यूपीए सरकार के समय शिक्षा का कुल बजट महज 8,225 करोड़ रुपये हुआ करता था, जो अब बढ़कर 1.39 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। देश भर में आईआईटी, एम्स और नए डिग्री कॉलेजों की संख्या में अभूतपूर्व इजाफा दर्ज किया गया है।
प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा की प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत ने कहा कि उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में नकल माफिया पर करारी चोट की गई है। राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया। दर्जनों नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे भेजा गया है।
कड़े कानूनों और साफ नीयत का ही नतीजा है कि प्रदेश के 40 हजार से ज्यादा युवाओं को बिना किसी भ्रष्टाचार के पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां मिली हैं। हाल ही में एक कॉलेज की इंटरनल परीक्षा से जुड़ा जो मामला सामने आया था, उसमें जानकारी मिलते ही संबंधित आरोपी को तुरंत सेवा से हटा दिया गया है। उस परीक्षा को दोबारा आयोजित कराने के आदेश भी दे दिए गए हैं।
2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना देश के युवाओं के मजबूत कंधों पर ही टिका हुआ है। युवा हित से जुड़े किसी भी मुद्दे पर सरकार कोई समझौता नहीं करेगी। प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, सह प्रभारी राजेंद्र नेगी और प्रदेश प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी भी मौजूद रहे।