दिल्ली सरकार का बड़ा ऐलान: NEET Protest से जुड़े प्रदर्शनकारियों पर एक्शन नहीं, क्रिमिनल रिकॉर्ड वालों को राहत नहीं - Haribhoomi
दिल्ली सरकार ने NEET-UG परीक्षा अनियमितताओं से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के 13 FIR मामलों में बड़ा फैसला लिया है। प्रदर्शनकारियों पर आगे कोई प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। पहले से गिरफ्तार लोगों के मामलों की समीक्षा होगी, जबकि आपराधिक रिकॉर्ड वाले आरोपियों को इस राहत का लाभ नहीं मिलेगा।
दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला! जंतर-मंतर प्रदर्शनकारियों पर अब नहीं होगी कानूनी कार्रवाई। गिरफ्तार लोगों के मामलों की समीक्षा होगी, जबकि गंभीर आपराधिक मामलों में राहत नहीं मिलेगी।
- Published: 30 Jul 2026, 05:55 PM IST
- Last Updated: 30 Jul 2026, 06:03 PM IST
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में शामिल लोगों को बड़ी राहत देते हुए घोषणा की है कि उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस मामले को समाप्त माना जाएगा और भविष्य में इस आधार पर कोई नई कार्रवाई शुरू नहीं की जाएगी।
सरकार के अनुसार, यह फैसला उन प्रदर्शनकारियों को राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है, जिनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान मामले दर्ज किए गए थे। हालांकि, जिन मामलों में गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड या अन्य आपराधिक आरोप शामिल हैं, उन पर यह राहत लागू नहीं होगी। ऐसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और लागू कानूनों के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
मुख्य Highlights
- दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: NEET-UG प्रदर्शनकारियों पर आगे कोई प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं होगी।
- 13 FIR दर्ज: 29 जुलाई 2026 शाम 6 बजे तक दिल्ली पुलिस ने कुल 13 मामले दर्ज किए थे।
- गिरफ्तारियों की होगी समीक्षा: पहले से गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए लोगों के मामलों की जल्द समीक्षा होगी।
- पात्र लोगों को मिलेगी राहत: समीक्षा के बाद योग्य पाए जाने वालों की रिहाई की प्रक्रिया तेज़ी से शुरू की जाएगी।
- क्रिमिनल रिकॉर्ड वालों को राहत नहीं: आपराधिक पृष्ठभूमि (Criminal Antecedents) वाले लोगों पर कानून के मुताबिक कार्रवाई जारी रहेगी।
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर फैसला: दिल्ली सरकार ने 28 जुलाई 2026 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में यह निर्णय लिया।
- मामला माना जाएगा बंद: प्रदर्शन से जुड़े मामलों में भविष्य में कोई नई प्रतिकूल कार्रवाई नहीं की जाएगी।
- उपराज्यपाल की मंजूरी: यह आदेश दिल्ली के उपराज्यपाल की स्वीकृति के बाद जारी किया गया।

गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए लोगों के मामलों की होगी समीक्षा
दिल्ली सरकार ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया था, तो उसके मामले की अलग से समीक्षा की जाएगी। पात्र पाए जाने पर उनकी रिहाई या संबंधित कानूनी प्रक्रिया में जल्द राहत देने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
सरकार का कहना है कि प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ अब आगे किसी प्रकार की कार्रवाई का कोई औचित्य नहीं है। इसलिए इस पूरे मामले को बंद माना जाएगा।
किन लोगों को नहीं मिलेगी राहत?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय केवल शांतिपूर्ण प्रदर्शन से जुड़े मामलों तक सीमित है। जिन व्यक्तियों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले या अन्य स्वतंत्र आपराधिक आरोप दर्ज हैं, उन्हें इस फैसले का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।