नेपाल बाढ़: 734 शव मिले, 287 भारतीय लापता

Nepal Floods: नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद हालात अब भी बेहद गंभीर बने हुए हैं. राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के ताजा अपडेट के मुताबिक, भोटे कोशी बाढ़ से प्रभावित इलाकों से अब तक 734 शव बरामद किए जा चुके हैं. वहीं 2,498 लोग अब भी संपर्क से बाहर हैं. इनमें 287 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं. इस बीच रसुवा में भोटे कोशी नदी का बहाव फिर बढ़ने की खबर से चिंता और बढ़ गई है. प्रशासन ने नदी किनारे के इलाकों और राहत टीमों को पूरी तरह सतर्क रहने को कहा है.

भोटे कोशी में फिर बढ़ा बाढ़ का बहाव

नेपाल के आपदा प्राधिकरण के मुताबिक, रसुवा में भोटे कोशी नदी में पानी का बहाव फिर तेज हुआ है. इसके बाद रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, चितवन और आसपास के इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है. नदी के किनारे रहने वाले लोगों के साथ खोज, बचाव और राहत कार्यों में लगे कर्मचारियों को भी सावधानी बरतने को कहा गया है. अधिकारियों का कहना है कि नई जानकारी मिलने पर आगे का अपडेट जारी किया जाएगा.

  • 29 अगस्त के बाद जारी ताजा खोज और राहत अपडेट के मुताबिक, प्रभावित इलाकों से कुल 734 शव बरामद किए गए हैं.
  • सबसे ज्यादा 259 शव चितवन में मिले हैं. नवलपरासी पूर्व में 184, नवलपरासी पश्चिम में 82, गोरखा में 58, नुवाकोट में 52, धाडिंग में 50, तनहूं में 36 और रसुवा में 13 शव बरामद किए गए हैं. चितवन के आंकड़ों में विभिन्न मानव अंग भी शामिल हैं.
जिलाबरामद शव
चितवन259
नवलपरासी पूर्व184
नवलपरासी पश्चिम82
गोरखा58
नुवाकोट52
धाडिंग50
तनहूं36
रसुवा13
कुल734

2,498 लोग अब भी संपर्क से बाहर

  • प्राधिकरण के अनुसार, 2,498 लोगों से अब तक संपर्क नहीं हो पाया है. इनमें नेपाल पुलिस के 27, नेपाल सेना के 45 और सशस्त्र पुलिस बल के 13 कर्मचारी शामिल हैं.
  • इसके अलावा सीमा शुल्क कार्यालय के 15 और आव्रजन कार्यालय के चार कर्मचारी भी संपर्क से बाहर बताए गए हैं.
  • रसुवा में 562 और नुवाकोट में 115 लोग लापता हैं. जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े 933 लोगों का भी अब तक पता नहीं चल पाया है. मकवानपुर से 65 लोग संपर्क से बाहर हैं.
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589 विदेशी नागरिक भी लापता

बाढ़ में विदेशी नागरिक भी बड़ी संख्या में प्रभावित हुए हैं. ताजा अपडेट के मुताबिक, 589 विदेशी नागरिक अब भी संपर्क से बाहर हैं. विदेशी पर्यटकों के साथ यात्रा कर रहे 127 नेपाली नागरिकों का भी पता नहीं चला है. लांगटांग राष्ट्रीय उद्यान से तीन लोग लापता बताए गए हैं.

287 भारतीय भी लापता

भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आई बाढ़ के बाद 287 भारतीय नागरिक अब भी लापता हैं. मंत्रालय ने बताया कि 88 भारतीयों को बचाया जा चुका है. भारतीय मूल के 128 लोगों से भी संपर्क नहीं हो पाया है. चीन की ओर फंसे 120 भारतीय नागरिक शनिवार को सुरक्षित नेपाल पहुंच गए हैं.

कुल 8,186 लोगों को बचाया गया

नेपाल में बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान जारी है. अब तक कुल 8,186 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है. इनमें नेपाल सेना ने 2,974, नेपाल पुलिस ने 2,699 और सशस्त्र पुलिस बल ने 2,513 लोगों को बचाया है. जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों से भी बड़ी संख्या में लोगों को निकाला गया है. दो दिनों में कुल 279 लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिए बचाया गया.

227 विदेशी नागरिकों का हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू

अब तक 227 विदेशी नागरिकों को हेलीकॉप्टर के जरिए सुरक्षित निकाला गया है. दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए हवाई बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है.

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करीब 20 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात

खोज, बचाव और राहत अभियान के लिए कुल 19,895 सुरक्षाकर्मी लगाए गए हैं. इनमें...

  • नेपाल पुलिस के 7,293
  • नेपाल सेना के 8,399
  • सशस्त्र पुलिस बल के 4,203 जवान शामिल हैं.

भारत ने भेजी फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम

भारत ने छह सदस्यीय फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम नेपाल भेजी है. यह टीम बाढ़ में मारे गए लोगों के शवों की पहचान में स्थानीय अधिकारियों की मदद करेगी. टीम डीएनए नमूनों के विश्लेषण में भी सहयोग करेगी. कई शवों की पहचान अब तक नहीं हो पाई है. ऐसे शवों को विभिन्न जिलों के 21 अस्पतालों में रखा गया है.

37 ट्रक राहत सामग्री भेजी गई

प्रभावित इलाकों में अब तक खाद्य और गैर-खाद्य सामग्री से भरे 37 ट्रक भेजे जा चुके हैं. इसके अलावा हेलीकॉप्टर की सात उड़ानों के जरिए भी राहत सामग्री पहुंचाई गई है. प्रभावित क्षेत्रों में संचार उपकरण भी भेजे गए हैं.

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