पानीपत-करनाल हाईवे पर रात का सफर असुरक्षित: डिवाइडर पर नहीं हैं एंटी-ग्लेयर पौधे; सीए ने NHAI से RTI में मांगा जवाब - Panipat News
पानीपत15 घंटे पहले
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NH-44 पर डिवाइडर अधिकांश जगहों से खाली हो गए हैं। (फाइल फोटो)
उत्तर भारत के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के पानीपत से करनाल खंड पर सफर करने वाले वाहन चालकों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। राजमार्ग के डिवाइडर पर नियमानुसार लगाए जाने वाले एंटी-ग्लेयर झाड़ीदार पौधों के न होने के कारण रात के समय चालकों को सामने से आने वाली गाड़ियों की तेज हाई-बीम लाइट की भीषण चकाचौंध का सामना करना पड़ रहा है।
इस लापरवाही और सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी के खिलाफ पानीपत के समाजसेवी एवं CA जगदीश धमीजा ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सड़क परिवहन मंत्रालय के समक्ष एक विस्तृत और RTI लगाई है।
नियमों को ताक पर रख यात्रियों की जान से खिलवाड़
CA जगदीश धमीजा ने बताया कि NHAI की ग्रीन हाईवे पॉलिसी-2015 के अनुसार, सभी राष्ट्रीय राजमार्गों के डिवाइडरों पर निरंतर ग्रीन बेल्ट बनाए रखना, पौधों का नियमित रखरखाव करना और पर्यावरण संतुलन के साथ-साथ यात्री सुरक्षा को प्राथमिकता देना टोल ऑपरेटरों और NHAI की वैधानिक जिम्मेदारी है।
इसके अलावा, प्रावधान है कि रात के समय विपरीत दिशा से आने वाले वाहनों की तीव्र हेडलाइट्स की चकाचौंध को रोकने के लिए डिवाइडर पर सघन और 1.5 से 1.8 मीटर की निश्चित ऊंचाई वाले पौधे लगाए जाने अनिवार्य हैं।
पानीपत के समाजसेवी एवं CA जगदीश धमीजा।
RTI के माध्यम से मांगे गए 5 तीखे सवाल
हादसों का आधिकारिक ब्यौरा: पिछले 3 वर्षों के दौरान पानीपत-करनाल NH-44 पर रात के समय हुए सड़क हादसों का पूर्ण और प्रामाणिक रिकॉर्ड।
पौधों की धरातलीय स्थिति: कागजों और फाइलों में दिखाए गए पौधों के मुकाबले वास्तविक रूप से डिवाइडर पर जीवित बचे पौधों की सटीक संख्या।
बजट का हिसाब-किताब: इस खंड पर हॉर्टिकल्चर (बागवानी) और पौधों के रखरखाव के नाम पर मंजूर किए गए करोड़ों रुपए के बजट और वास्तविक खर्च का विवरण।
टोल ऑपरेटर पर कार्रवाई: सुरक्षा मानकों और पौधरोपण के नियमों का उल्लंघन करने वाले जिम्मेदार टोल ऑपरेटर के खिलाफ अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट।
सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट: पिछले 24 महीनों के दौरान इस स्ट्रेच पर की गई आधिकारिक रोड सेफ्टी ऑडिट (सड़क सुरक्षा जांच) की प्रमाणित प्रतियां।
जनता से पूरा टोल, फिर सुरक्षा में ढिलाई क्यों?
सीए जगदीश धमीजा ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि NH-44 पर यात्रियों से हर दिन भारी-भरकम टोल टैक्स वसूला जाता है, लेकिन जब बात बुनियादी सुरक्षा सुविधाओं की आती है तो NHAI और निजी टोल ऑपरेटर आंखें मूंद लेते हैं। रात के समय तेज लाइटों की वजह से रोजाना दर्जनों वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बचते हैं।
उन्होंने NHAI के उच्च अधिकारियों और सड़क परिवहन मंत्रालय से मांग की है कि कागजी खानापूर्ति बंद कर इस स्ट्रेच पर तुरंत प्रभाव से अनिवार्य एंटी-ग्लेयर पौधरोपण करवाया जाए ताकि वाहन चालकों की जिंदगी से हो रहे इस खिलवाड़ को तुरंत रोका जा सके।
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