Nitish Kumar : अपने 'ड्रीम प्रोजेक्ट' पर फिर पहुंचे नीतीश कुमार, वैशाली में आधे घंटे तक की पूजा-अर्चना और लिया हर व्यवस्था का जायजा

हाजीपुर/वैशाली: जनता दल (यू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रविवार की शाम वैशाली पहुंचे, जहां उन्होंने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट माने जाने वाले बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय सह स्मृति स्तूप का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने भगवान बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष पूजा-अर्चना की और संग्रहालय परिसर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उनका यह दौरा करीब आधे घंटे तक चला, जिसके बाद वे वापस पटना के लिए रवाना हो गए।

नीतीश कुमार के आगमन को लेकर संग्रहालय परिसर में प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। वहीं जदयू कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने भी उनके स्वागत की व्यापक तैयारी की थी। संग्रहालय पहुंचने पर जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और वैशाली के विधायक सिद्धार्थ पटेल ने उन्हें पुष्पगुच्छ और शॉल भेंट कर सम्मानित किया।

बौद्ध परंपरा के अनुसार हुई पूजा-अर्चना

संग्रहालय परिसर में स्थित भगवान बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष बौद्ध भिक्षुओं ने विशेष पूजा-अर्चना कराई। इस दौरान वैदिक और बौद्ध दोनों परंपराओं के अनुसार धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। नीतीश कुमार ने श्रद्धापूर्वक पूजा में भाग लिया और कुछ समय तक ध्यानमग्न होकर परिसर में मौजूद धार्मिक स्थलों का अवलोकन भी किया।

संग्रहालय और स्मृति स्तूप का लिया जायजा

भ्रमण के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से संग्रहालय की देखरेख, पर्यटकों की सुविधाओं और रखरखाव से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके अलावा स्मृति स्तूप परिसर का भी अवलोकन किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं पर चर्चा की। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने संग्रहालय के संचालन और पर्यटन को बढ़ावा देने से जुड़े पहलुओं पर भी अधिकारियों से बातचीत की। हालांकि उनका कार्यक्रम पूरी तरह संक्षिप्त और पूर्व निर्धारित था।

नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है संग्रहालय

बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय सह स्मृति स्तूप को नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में गिना जाता है। मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने इस परियोजना की लगातार मॉनिटरिंग की थी। निर्माण कार्य के दौरान वे कई बार वैशाली पहुंचे और समय-समय पर प्रगति की समीक्षा करते रहे।

बताया जाता है कि परियोजना पूरी होने तक उन्होंने लगभग एक दर्जन बार स्थल का दौरा किया था। संग्रहालय के निर्माण में बौद्ध विरासत, इतिहास और वैशाली की सांस्कृतिक पहचान को आधुनिक स्वरूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। इसका उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और बौद्ध श्रद्धालुओं को एक समृद्ध अनुभव उपलब्ध कराना है।

पिछले वर्ष हुआ था उद्घाटन

बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय का उद्घाटन पिछले वर्ष जुलाई में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ही किया था। उद्घाटन के बाद से यह स्थल बिहार के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक केंद्रों में अपनी पहचान बना रहा है। वैशाली पहले से ही भगवान बुद्ध और भगवान महावीर से जुड़े ऐतिहासिक महत्व के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध है। ऐसे में इस संग्रहालय के बनने से यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद भी जताई गई थी।

कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह

पूर्व मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जदयू कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। संग्रहालय परिसर के बाहर बड़ी संख्या में पार्टी समर्थक मौजूद रहे। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पूरे परिसर में पुलिस बल की तैनाती की थी, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

करीब आधे घंटे तक संग्रहालय परिसर में रहने के बाद नीतीश कुमार ने अधिकारियों और स्थानीय नेताओं से संक्षिप्त बातचीत की और फिर सड़क मार्ग से पटना के लिए रवाना हो गए। उनका यह दौरा राजनीतिक कार्यक्रम से अधिक सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व का माना जा रहा है, क्योंकि बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय को वे अपने सबसे महत्वपूर्ण विकास कार्यों में शामिल मानते रहे हैं।