NJP यार्ड में मेगा ब्लॉक: वंदे भारत और राजधानी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें प्रभावित, यात्रा से पहले चेक करें लिस्ट
भारतीय रेलवे 26 जुलाई से न्यू जलपाईगुड़ी (NJP) यार्ड के सिग्नलिंग सिस्टम को अपग्रेड करने जा रहा है। इस तकनीकी काम की वजह से वंदे भारत और राजधानी एक्सप्रेस जैसी हाई-प्रोफाइल ट्रेनों की आवाजाही पर असर पड़ेगा। उत्तर बंगाल और सिक्किम जाने वाले यात्रियों को कई ट्रेनों के कैंसिल होने या रूट बदलने की वजह से परेशानी हो सकती है। यह मेंटेनेंस वर्क 28 जुलाई तक चलेगा, इसलिए यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की प्लानिंग इसी हिसाब से करें।
नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR) इस हफ्ते इस क्षेत्र के सिग्नलिंग सिस्टम को आधुनिक बनाने की तैयारी में है। 48 घंटे के इस मेगा ब्लॉक के कारण कई ट्रेनों के रूट बदले गए हैं और कुछ को बीच के स्टेशनों पर ही खत्म (short-terminate) किया जाएगा। यात्रियों को ट्रेनों की देरी और बदले हुए समय के लिए तैयार रहना चाहिए। रेलवे का कहना है कि भविष्य में हाई-स्पीड ट्रेनों के बेहतर संचालन और सुरक्षा के लिहाज से यह अपग्रेड बेहद जरूरी है। इस काम से इस व्यस्त स्टेशन से गुजरने वाली सभी ट्रेनों की सेफ्टी और बेहतर होगी।
NJP यार्ड में सिग्नलिंग का काम: वंदे भारत और राजधानी एक्सप्रेस के समय पर पड़ेगा असर
सुबह चलने वाली NJP-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस और नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस के रूट में बदलाव किया गया है। कुछ ट्रेनें मुख्य NJP यार्ड में एंट्री नहीं करेंगी और उन्हें सिलीगुड़ी जंक्शन या रांगापानी जैसे नजदीकी स्टेशनों पर ही रोक दिया जाएगा। ऐसे में यात्रियों को अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए अलग से गाड़ी का इंतजाम करना पड़ सकता है। स्टेशन के लिए निकलने से पहले अपनी ट्रेन का करंट स्टेटस एक बार जरूर चेक कर लें।
| ट्रेन नंबर | ट्रेन का नाम | असर/स्थिति |
|---|---|---|
| 22301 / 22302 | वंदे भारत एक्सप्रेस | बीच में समाप्त (Short-Terminated) |
| 20503 / 20504 | राजधानी एक्सप्रेस | बदला हुआ रूट |
| 12041 / 12042 | शताब्दी एक्सप्रेस | पूरी तरह रद्द |
जो ट्रेनें रद्द की गई हैं, उनके ई-टिकट का रिफंड IRCTC द्वारा ऑटोमैटिक तरीके से वापस कर दिया जाएगा। यह सुविधा रेलवे पोर्टल से बुक किए गए टिकटों पर उपलब्ध है। हालांकि, जिन यात्रियों के पास काउंटर टिकट हैं, उन्हें रिफंड के लिए तय समय सीमा के भीतर रिजर्वेशन काउंटर पर जाना होगा। ट्रेन की सटीक लोकेशन और स्टेटस जानने के लिए नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) सबसे अच्छा जरिया है। किसी भी तरह के कन्फ्यूजन से बचने के लिए अपना PNR स्टेटस जरूर चेक करें।
सिक्किम और दार्जिलिंग जाने वाले पर्यटकों के लिए जरूरी सलाह
दार्जिलिंग या सिक्किम की यात्रा पर जा रहे पर्यटक सिलीगुड़ी से पहले ही टैक्सी बुक कर लें तो बेहतर होगा। मानसून के मौसम में भारी बारिश की वजह से सड़क मार्ग से सफर करना थोड़ा अनिश्चित हो सकता है। इस सीजन में पहाड़ों पर लैंडस्लाइड का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में अपनी यात्रा के समय में कम से कम 3 घंटे का एक्स्ट्रा मार्जिन लेकर चलें। इससे ट्रेन की देरी होने पर भी आपकी फ्लाइट या अगली कनेक्टिंग ट्रेन छूटने का डर नहीं रहेगा।
NJP यार्ड का यह अपग्रेड बंगाल के रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। हालांकि अस्थायी तौर पर यात्रियों को थोड़ी असुविधा हो सकती है, लेकिन लंबे समय में यह सफर को और सुरक्षित बनाएगा। रेलवे की ओर से जारी होने वाले आधिकारिक नोटिस और शेड्यूल में बदलाव पर नजर रखें। नॉर्थईस्ट के इस गेटवे से अपनी यात्रा को आसान बनाने के लिए सावधानी से प्लानिंग करें ताकि मानसून की चुनौतियों के बीच आपका सफर सुरक्षित रहे।