कांग्रेस और भाजपा के एक एक प्रत्याशी का नामांकन ख़ारिज: जांच के बाद कईयों के नामांकन फार्म निरस्त; जानिए किसके हुए नामांकन रिजक्ट - Ajmer News

अजमेर नगर निगम में पार्षद चुनाव के लिए भरे गए नामांकन की जांच का काम पूरा कर लिया गया है। 80 वार्ड में 623 कैंडिडेट्स ने 787 फार्म भरे थे। इसमें कांग्रेस के 78, भाजपा के 80 व अन्य पार्टी व निर्दलीय के थे।

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जांच के बाद वार्ड 41 के कांग्रेस प्रत्याशी ऋषभसिंह और वार्ड 24 के भाजपा प्रत्याशी अनुज चौहान का नामांकन निरस्त कर दिया गया है। कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं किया लेकिन बताया जाता है कि आपराधिक मामलों को लेकर ये कार्रवाई की गई।

लेकिन किसके नामांकन खारिज हुए और कौन कौन प्रत्याशी चुनाव मैदान में है। इसकी पूरी जानकारी प्रशासन की ओर से फिलहाल नहीं दी गई है।लेकिन कुछ वार्ड की जानकारी दी गई है।

यहां देखे रिजेक्ट होने वाले नामांकन फार्म की लिस्ट…

सुबह नामांकन फार्म की जांच के दौरान वार्ड-4 से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रही मोनिका जैन को नगर निगम को ओर से दी गई NOC पर निर्दलीय प्रत्याशी हेमा गहलोत ने आपत्ति जताई। वार्ड से निर्दलीय प्रत्याशी हेमा गहलोत ने निर्वाचन अधिकारी के समक्ष आपत्ति दर्ज कराते हुए मोनिका जैन का नामांकन खारिज करने की मांग की थी।

शपथ पत्र में आधूरी जानकारी देने का आरोप

हेमा गहलोत ने आरोप लगाया कि मोनिका पत्नी दीपक जैन ने नामांकन के साथ जो शपथ पत्र और नगर निगम से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं, उनमें उनके परिवार और पति के नाम नगर निगम की देय बकाया राशि का सही और पूरा विवरण नहीं दिया गया। आरोप है कि नगर निगम ने भी इसी आधार पर मोनिका जैन को गलत एनओसी जारी कर दी।

शिकायत में दावा किया गया है कि नगर निगम की ओर से मोनिका जैन के पति दीपक जैन पर वर्ष 2020 से करीब 57 लाख रुपए की देनदारी है, जो अब बढ़कर इससे अधिक हो चुकी होगी। आरोप है कि इस तथ्य को मोनिका जैन के शपथ पत्र के पैरा 9(1) में जानबूझकर छिपाया गया। जो धारा 28 के प्रावधानों के तहत अपराध है।

नामांकन खारिज करने और जाति प्रमाण पत्र जांच की मांग

हेमा गहलोत ने इसे संबंधित चुनावी प्रावधानों का उल्लंघन बताते हुए धारा 28 के तहत कार्रवाई और धारा 35 के तहत मोनिका जैन का नामांकन खारिज करने की मांग की है।

हेमा गहलोत ने कहा कि मोनिका जैन गंगानगर की निवासी हैं, तो उनके जाति प्रमाण पत्र की भी जांच होनी चाहिए। यह प्रमाण पत्र श्रीगंगानगर से जारी हुआ है या नहीं, इसकी पुष्टि की जाए।

बता दें कि हेमा गहलोत की आपत्ति उनके पति धर्मेन्द्र गहलोत लेकर पहुंचे। गहलोत भाजपा से दो बार मेयर रह चुके है और हाल ही में भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया।

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अजमेर नगर निगम चुनाव में वार्ड पार्षद के लिए भाजपा ने सभी 80 वार्ड में अपने प्रत्याशी उतार दिए। इस बार मेयर का पद अनारक्षित महिला के लिए रिजर्व है। ऐसे में बडे़ भाजपा नेताओं ने खुद चुनाव लड़ने के बजाय अपनी पत्नियों को पहली बार चुनाव मैदान में उतारा है। इतना ही नहीं अनारक्षित ओपन वार्ड में भी पुरुषों के बजाय महिलाओं को मौका दिया। पिछले चुनाव में भाजपा कैंडिडेट के खिलाफ कांग्रेस व निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ने वालों को इस बार भाजपा ने अपना कैंडिडेट बनाया। (पूरी खबर पढें)

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