इनकम टैक्स रिफंड 'On Hold' है? घबराएं नहीं, इन 5 आसान स्टेप्स से तुरंत पाएं पैसा

Published: Friday, August 21, 2026, 11:55 [IST]

आज, 21 अगस्त 2026 को जब कई टैक्सपेयर्स ने अपना पोर्टल चेक किया, तो उन्हें "Refund on hold" का स्टेटस दिखाई दे रहा है। हालांकि घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इसका मतलब आपका रिफंड रिजेक्ट होना नहीं है, बल्कि कुछ ऐसी मामूली खामियां हैं जिन्हें आसानी से सुधारा जा सकता है। इसकी मुख्य वजह पैन-आधार का मैच न होना, बैंक अकाउंट का प्री-वैलिडेट न होना या ई-वेरिफिकेशन पेंडिंग होना हो सकती है। कई बार बैंक अकाउंट बंद होने या लीन (Lien) लगने से भी ऐसा होता है। इन कमियों को दूर करते ही रिफंड की प्रक्रिया फिर से शुरू हो जाएगी। इसलिए देरी से बचने के लिए तुरंत कदम उठाएं।

परेशान होने के बजाय सबसे पहले ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर इसकी सही वजह पता करें। इसके लिए पोर्टल पर लॉगिन करें, फिर e-File > Income Tax Returns > View Filed Returns पर जाकर Status या Refund Details चेक करें। यहां आपको एक कोड के साथ "Reason for hold" लिखा दिखेगा। इसके अलावा, सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर (CPC) द्वारा भेजे गए ईमेल और एसएमएस में दिए गए फेलियर कोड को भी जांचें। वजह समझ आते ही इसे चरणबद्ध तरीके से ठीक करें।

Income Tax Refund On Hold? How to Fix Status and Claim Your Money in 2026

सबसे पहले पैन-आधार लिंक और बैंक प्री-वैलिडेशन ठीक करें

शुरुआत अपनी पहचान की पुष्टि से करें। पैन और आधार को आपस में लिंक करें और सुनिश्चित करें कि आपका नाम और जन्मतिथि दोनों जगह बिल्कुल एक जैसी हो। इसके बाद, सही आईएफएससी (IFSC) कोड और अकाउंट होल्डर के नाम के साथ अपने रिफंड बैंक खाते को दोबारा प्री-वैलिडेट करें। यह भी पक्का कर लें कि आपका रिटर्न आधार ओटीपी (OTP), इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन कोड (EVC) या डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) के जरिए ई-वेरिफाई हो चुका हो। अगर खाते पर कोई बैंक लीन, ऑटो-डेबिट मैन्डेट या अकाउंट बंद होने जैसी समस्या है, तो उसे दूर करें। ये सभी प्रक्रियाएं पूरी करने के एक कार्य दिवस (T+1) बाद 'Refund Re-issue' की रिक्वेस्ट सबमिट करें।

रिफंड होल्ड: कितना लगेगा समय, NRI के लिए नियम और शिकायत का तरीका

गलतियां सुधारने के बाद पोर्टल का सिस्टम अपडेट होने में आमतौर पर 1 वर्किंग डे लगता है। वहीं बैंक खाते के प्री-वैलिडेशन में 1 से 3 वर्किंग डेज़ का समय लग सकता है। एक बार रिफंड री-इश्यू की रिक्वेस्ट स्वीकार होने के बाद पैसा आमतौर पर 5 से 10 वर्किंग डेज़ के भीतर खाते में क्रेडिट हो जाता है। पिक सीजन के दौरान इस प्रक्रिया में थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है। अपना ईमेल और मोबाइल नंबर हमेशा अपडेट रखें, क्योंकि CPC हर अपडेट वहीं भेजता है।

अनिवासी भारतीयों (NRI) यानी नॉन-रेजिडेंट टैक्सपेयर्स को पैन-आधार लिंक करने की अनिवार्यता से छूट दी गई है। इसके लिए अपनी प्रोफाइल में रेजिडेंशियल स्टेटस अपडेट करें और फिर अपने एक्टिव एनआरई (NRE) या एनआरओ (NRO) अकाउंट को प्री-वैलिडेट करें। अगर पोर्टल इसके बाद भी आधार लिंक करने के लिए कहता है, तो अपना स्टेटस और कॉन्टैक्ट डिटेल्स दोबारा चेक करें। पात्र एनआरआई के पास आधार होने पर भी लिंक करना वैकल्पिक है, हालांकि बैंक डिटेल्स का वैलिडेशन टेस्ट पास करना अनिवार्य रहेगा।

अगर सारे स्टेप्स पूरे करने के 7 वर्किंग डेज़ बीत जाने के बाद भी रिफंड होल्ड पर ही रहता है, तो मामले को आगे बढ़ाएं। ई-फाइलिंग पोर्टल पर स्क्रीनशॉट के साथ ग्रीवांस (शिकायत) दर्ज करें और कैटेगरी में 'Refund Re-issue' चुनें। अगर बैंक वैलिडेशन में समस्या आ रही है, तो अपने बैंक की नोडल टीम या रिफंड बैंकर से संपर्क करें। यदि 30 दिनों के भीतर समस्या का हल नहीं निकलता है, तो इसे CPC सपोर्ट और ई-निवारण (e-Nivaran) पोर्टल पर एस्केलेट करें।

Story first published: Friday, August 21, 2026, 11:55 [IST]

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