एपल ने OpenAI पर क्यों ठोका मुकदमा, क्या है टेक इंडस्ट्री की सबसे बड़ी कानूनी लड़ाई?

एपल ने OpenAI पर क्यों ठोका मुकदमा, क्या है टेक इंडस्ट्री की सबसे बड़ी कानूनी लड़ाई?

एपल ने ओपनएआई पर लगाए आरोपImage Credit source: Getty Images

दुनिया की दो सबसे बड़ी टेक कंपनियां एपल और ओपनएआई अब आमने-सामने आ गई हैं. आईफोन बनाने वाली एपल ने चैटजीपीटी की पैरेंट कंपनी ओपनएआई पर अपने ट्रेड सीक्रेट और गोपनीय जानकारी के कथित गलत इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर किया है. एपल का दावा है कि उसके पूर्व कर्मचारियों ने कंपनी की संवेदनशील जानकारी तक पहुंच बनाई और इसका फायदा ओपनएआई के नए हार्डवेयर प्रोजेक्ट को मिला. दिलचस्प बात यह है कि दोनों कंपनियां कभी एआई को लेकर साझेदार थीं, लेकिन अब यही रिश्ता कानूनी लड़ाई में बदल गया है. इस मामले का फैसला सिर्फ एपल और ओपनएआई के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी टेक इंडस्ट्री में कर्मचारियों की भर्ती, ट्रेड सीक्रेट की सुरक्षा और एआई हार्डवेयर की दौड़ के लिए भी अहम माना जा रहा है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर एपल ने ओपनएआई पर मुकदमा क्यों किया और इस पूरे विवाद की शुरुआत कैसे हुई? चलिए समझते हैं.

एपल ने ओपनएआई पर क्या आरोप लगाए हैं?

एपल ने कैलिफोर्निया की संघीय अदालत में दायर मुकदमे में आरोप लगाया है कि ओपनएआई ने उसके कर्मचारियों की भर्ती के दौरान उन्हें गोपनीय जानकारी शेयर करने के लिए प्रोत्साहित किया. कंपनी का यह भी कहना है कि कर्मचारियों को इस तरह काम करने के तरीके बताए गए जिससे उन पर आसानी से शक न हो. एपल के अनुसार, उसके 400 से ज्यादा पूर्व कर्मचारी अब ओपनएआई में काम कर रहे हैं. कंपनी ने अदालत में कहा कि इतने बड़े स्तर पर कर्मचारियों के जाने के कारण यह हैरानी की बात नहीं है कि कुछ लोगों के पास एपल की गोपनीय जानकारी मौजूद हो सकती है.

किन दो पूर्व कर्मचारियों का नाम मुकदमे में शामिल है?

इस मुकदमे में एपल ने अपने दो पूर्व कर्मचारियों टैंग टैन और चांग लियू को भी प्रतिवादी (आरोपी) बनाया है. टैंग टैन ने करीब 24 साल तक एपल में काम किया और आईफोन, एपल वॉच तथा आईपोड के डिजाइन से जुड़े रहे. अब वह ओपनएआई में चीफ हार्डवेयर ऑफिसर हैं. वहीं चांग लियू पहले एपल में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे और कंपनी के सबसे संवेदनशील प्रोडक्ट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर काम करते थे. एपल का दावा है कि ओपनएआई में शामिल होने के दौरान दोनों ने कंपनी की गोपनीय जानकारी और फाइलों तक पहुंच बनाई.

एपल ने क्या दावा किया?

एपल ने अदालत में कहा है कि चांग लियू ने कंपनी छोड़ने के बाद भी अपने पास मौजूद एपल के डिवाइस से हार्डवेयर से जुड़ी कई गोपनीय फाइलों को एक्सेस किया और डाउनलोड किया. इसके अलावा कंपनी ने आरोप लगाया कि टैंग टैन ने उन लोगों को, जो उस समय भी एपल में नौकरी कर रहे थे, ओपनएआई के इंटरव्यू में एपल के असली हार्डवेयर पार्ट्स साथ लाने के लिए कहा. एपल का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां उसकी गोपनीय तकनीकी जानकारी और ट्रेड सीक्रेट की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं.

ओपनएआई ने इन आरोपों पर क्या कहा?

ओपनएआई ने कहा है कि वह अभी अदालत में दाखिल किए गए मुकदमे की समीक्षा कर रही है. कंपनी के प्रवक्ता ड्रू पुसाटेरी ने बयान जारी कर कहा कि ओपनएआई की किसी दूसरी कंपनी के ट्रेड सीक्रेट में कोई दिलचस्पी नहीं है. उन्होंने कहा कि कंपनी का पूरा ध्यान ऐसी नई तकनीक बनाने पर है जो दुनिया भर के लोगों के लिए उपयोगी हो. फिलहाल ओपनएआई ने एपल के आरोपों पर इससे ज्यादा कोई टिप्पणी नहीं की है और मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी है.

ओपनएआई किस नए हार्डवेयर पर काम कर रही है?

ओपनएआई ने अभी तक यह नहीं बताया है कि वह आखिर किस तरह का हार्डवेयर डिवाइस बना रही है. हालांकि कंपनी पहले कह चुकी है कि उसका मकसद ऐसा नया तरीका तैयार करना है जिससे लोग पारंपरिक प्रोडक्ट और इंटरफेस से आगे बढ़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ बातचीत कर सकें. इस प्रोजेक्ट को एआई तकनीक को एक फिजिकल रूप देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. एपल का आरोप है कि इसी हार्डवेयर प्रोग्राम को आगे बढ़ाने के लिए उसकी गोपनीय जानकारी का गलत इस्तेमाल किया गया.

अब आगे क्या होगा?

एपल और ओपनएआई ने साल 2024 में साझेदारी की थी, जिसके तहत आईफोन में चैटजीपीटी को एआई आधारित आंसर इंजन के रूप में इस्तेमाल किया गया. लेकिन बाद में ओपनएआई ने एपल के कई इंजीनियरों की भर्ती की और हार्डवेयर क्षेत्र में तेजी से कदम बढ़ाए, जिससे दोनों कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ गई. अब यह मामला कैलिफोर्निया की संघीय अदालत में चलेगा. वहां एपल को यह साबित करना होगा कि उसके ट्रेड सीक्रेट गलत तरीके से हासिल किए गए या उनका इस्तेमाल हुआ. अगर एपल अपने दावे साबित करने में सफल रहती है तो ओपनएआई को हर्जाना देना पड़ सकता है और उसके हार्डवेयर प्रोग्राम पर भी रोक या पाबंदियां लग सकती हैं.

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विशाल मैथिल

विशाल मैथिल

भोपाल के रहने वाले हैं. कम्प्यूटर साइंस में ग्रेजुएशन और मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद डिजिटल मीडिया में कदम रखा. दैनिक भास्कर से शुरुआत हुई. इसके बाद टाइम्स नाउ नवभारत और अमर उजाला जैसे संस्थान में टेक जर्नलिस्ट के दौर पर करने के बाद TV9 भारतवर्ष से जुड़े हैं. सोशल मीडिया कैंपेन को लीड करने और हिंदी मैग्जीन में भी काम करने का मौका मिला. फिलहाल टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और स्मार्टफोन की खबरें आप तक आसान भाषा में पहुंचाने का काम कर रहे हैं. गैजेट्स कंपेरिजन, गैजेट्स रिव्यूज और मोबाइल रिचार्ज जैसे टॉपिक्स पर भी अच्छी पकड़ रखते हैं. रिसर्च, एक्‍सप्‍लेनर, डाटा स्‍टोरी और इंफोग्राफिक्स के साथ जटिल खबरों को आसानी से कहने और टेक जगत की छोटी-बड़ी अपडेट आप तक पहुंचाने का हुनर रखते हैं. गैजेट्स के अलावा किताबों और म्यूजिक में भी खूब मन लगता है.

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