Oscar 2027: इंडिया से ऑस्कर के लिए फिल्म 'गोंधल’ को किया गया सेलेक्ट, मिली ऑफिशियल एंट्री

Oscar 2027: मराठी फिल्म 'गोंधल' को ऑस्कर 2027 के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री के तौर पर चुना है. फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया ने इस बारे में शुक्रवार को जानकारी दी है.

Oscar 2027: मराठी फिल्म 'गोंधल' को ऑस्कर 2027 के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री के तौर पर चुना है. फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया ने इस बारे में शुक्रवार को जानकारी दी है.

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Gondhal India Oscar 2027 Entry: भारत की ओर से ऑफिशियली ऑस्कर 2027 (Oscar 2027) के लिए मराठी फिल्म 'गोंधल' (Gondhal) को चुना गया है. इसका यह मतलब है कि इसे 2027 में होने वाले ऑस्कर में ऑफिशियल एंट्री मिल गई है, इसके साथ ही यह फिल्म विदेश में भारत की ओर से प्रधिनिधित्व करेगी. साल 2025 में रिलीज हुई इस फिल्म को लोगों ने खूब पसंद किया था. गोंधल का निर्देशन और लेखन संतोष दवाखर ने किया है. इस फिल्म में सुरेश विश्वकर्मा, कैलाश वाघमारे और माधवी जुवेकर जैसे शानदार कलाकार नजर आए थे. बता दें कि इस बार ऑस्कर की रेस में भारत की तरफ से कुल 33 फिल्में शामिल हुई थीं, जिनमें से सेलेक्शन कमेटी ने 'गोंधल' के नाम पर मुहर लगाई है.

क्या है फिल्म की कहानी

मराठी फ़िल्म 'गोंधल' ग्रामीण महाराष्ट्र की एक पवित्र लोक-परंपरा की पृष्ठभूमि पर बेस्ड है. यह साइकोलॉजिकल ड्रामा थ्रिलर है. यह ऐसे सस्पेंस और ड्रामा से भरपूर मराठी फिल्म है, जिसकी पूरी कहानी सिर्फ एक रात में घटती है. कहानी गांव की एक लड़की सुमन और आनंदराव की शादी से शुरू होती है, जहां शादी के बाद गांव में भगवान की पूजा (गोंधळ) रखी जाती है.

अंत होता है चौंकाना वाला

लेकिन ट्विस्ट तब आता है, जब सुमन से एकतरफा प्यार करने वाला विलेन सर्जेराव वहां आ पहुंचता है. पूजा-पाठ के माहौल के बीच रात भर चली इस रस्म में गांव के लोगों के आपसी झगड़े, पुरानी दुश्मनी और छिपे हुए राज़ एक-एक करके सामने आने लगते हैं. लेकिन इन सबके बीच सबसे बड़ा मोड़ तब आता है जब सीधी-सादी दिखने वाली दुल्हन सुमन चाल चलती है और इस पूजा को एक खतरनाक दिमागी खेल में बदल देती है, जिससे पूरी कहानी का अंत एकदम चौंकाने वाला होता है. 

FFI के पास भेजी गई थी 33 फिल्में

ऑस्कर 2027 की रेस में शामिल होने के लिए देश भर से अलग-अलग भाषाओं में  33 फिल्में FFI के पास भेजी गई थीं. इसमें सबसे ज्यादा 14 फिल्में हिंदी भाषा की थीं. इसके बाद मराठी, तेलुगु और गुजराज भाषा से 4-4 फिल्में शामिल थी. वहीं, तमिल से 3 फिल्में औ मलयालम और नागामी भाषा से 1-1 फिल्म शामिल थी. 

होमबाउंड को भेजा गया था पिछले साल

इस फिल्म का म्यूजिक महान संगीतकार इलैयाराजा ने तैयार किया है. इसी मेकिंग के लिए निर्देशक संतोष डावखर को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) में सिल्वर पीकॉक (सर्वश्रेष्ठ निर्देशक) का पुरस्कार भी मिल चुका है. बता दें कि पिछले साल फिल्म होमबाउंड को भारत की ओर से ऑस्कर के लिए भेजा गया था, इसमें ईशान खट्टर और विशाल जेठवा लीड रोल में नजर आए थे. 

काफी मुश्किल था फैसला

पिछले साल 2025 में अलग-अलग भाषाओं में 24 फिल्मों पर भारत की ऑस्कर एंट्री के लिए विचार किया गया था. जिसमें से होमबाउंड को आधिकारिक तौर पर चुना गया था. उस समय सेलेक्शन कमेटी के चेयरपर्सन एन चंद्रा ने कहा था कि यह फैसला काफी मुश्किल था. उन्होंने कहा, 'ये ऐसी फिल्में थीं, जिन्होंने लोगों की लाइफ को छुआ.' नीरज घायवान के डायरेक्शन में बनी होमबाउंड बशारत पीर के 2020 के न्यूयॉर्क टाइम्स के लेख 'टेकिंग अमृत होम' पर बेस्ड है. 

गोंधल को मिल चुके हैं कई अवॉर्ड

फिल्म 'गोंधल' को 56वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (2025) में बेस्ट डायरेक्टर के लिए सिल्वर पीकॉक अवॉर्ड मिल चुका है. इसके अलावा इसे 17वें बेंगलुरु इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (2026) में FIPRESCI अवॉर्ड भी मिला था.  पुणे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (PIFF) (2026) में, इसने बेस्ट डायरेक्टर और बेस्ट सिनेमैटोग्राफर दोनों अवॉर्ड जीते थे.  इतना ही नहीं 22वें थर्ड आई एशियन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2026 में बेस्ट डायरेक्टर का अवॉर्ड मिला.

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