Parivartini Ekadashi 2026: परिवर्तिनी एकादशी पर करवट लेंगे नारायण, जानें व्रत की सही तिथि और शुभ मुहूर्त
Parivartini Ekadashi 2026: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी को परिवर्तिनी एकादशी कहते हैं. साल 2026 में यह एकादशी किस दिन मनाई जाएगी और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या होगा. जानें सब कुछ विस्तार से.
Published byNamrata Mohanty
Parivartini Ekadashi 2026: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी को परिवर्तिनी एकादशी कहते हैं. साल 2026 में यह एकादशी किस दिन मनाई जाएगी और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या होगा. जानें सब कुछ विस्तार से.
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Parivartini Ekadashi 2026 Photograph: (ai-generated)
Parivartini Ekadashi 2026: सनातन धर्म में पंचांग की तिथियों का खास महत्व होता है. एक साल में 24 एकादशियां मनाई जाती है. भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को परिवर्तिनी एकादशी कहते हैं. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और व्रत रखा जाता है. धार्मिक मान्यता है कि एकादशी पर भगवान विष्णु के वामन स्वरूप की पूजा की जाती है. इनकी पूजा करने से घर में धार्मिक माहौल बनता है, सुख-समृद्धि आती है और अंत में मोक्ष प्राप्त होता है. आइए जानते हैं इस साल परिवर्तिनी एकादशी का व्रत किस दिन रखा जाएगा, सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पारण का समय.
परिवर्तिनी एकादशी तिथि का महत्व
बता दें कि हर महीने में दो बार एकादशी तिथि आती है. एक शुक्ल पक्ष में और दूसरी कृष्ण पक्ष में. एकादशी तिथियों को पुण्यदायी तिथि माना जाता है लेकिन परिवर्तिनी एकादशी का एक विशेष स्थान है. धार्मिक मान्यता है कि इस समय भगवान विष्णु क्षीरसागर में निद्रा अवस्था में है. इस एकादशी पर वह अपनी शयन करते हुए करवट बदलते हैं. इस समय चातुर्मास चल रहा है और देवउठनी एकादशी पर भगवान योगनिद्रा से जगेंगे. परिवर्तिनी एकादशी का महत्व इसलिए अधिक माना जाता है.
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परिवर्तिनी एकादशी 2026 कब है? (Parivartini Ekadashi 2026 Date)
द्रिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का प्रारंभ 21 सितंबर 2026 को रात 8 बजे होगा और इसका समापन 22 सितंबर को रात 9:43 पर होगा. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, परिवर्तिनी एकादशी का व्रत 22 सितंबर को रखा जाएगा.
परिवर्तिनी एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त
परिवर्तिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने के लिए कई अलग-अलग मुहूर्त मौजूद है.
- ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:27 से लेकर 05:15 मिनट तक
- अभिजित मुहूर्त- सुबह 11:42 से लेकर 12:31 मिनट तक
- गोधूलि मुहूर्त- शाम 06 बजकर 10 मिनट से लेकर शाम 06:34 तक
- अमृत काल- रात 09:52 से रात 11:36 तक
- रवि योग- प्रात:काल 06:02 मिनट से लेकर सुबह 07:06 मिनट तक
राहुकाल का समय
एकादशी तिथि पर 22 सितंबर को राहुकाल का समय दोपहर 3 बजकर 8 मिनट पर शुरू होगा और दोपहर 04:39 मिनट तक.
परिवर्तिनी एकादशी 2026 पारण मुहूर्त
परिवर्तिनी एकादशी व्रत का पारण भी महत्वपूर्ण माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, व्रत का समापन सही समय पर ही करना चाहिए. साल 2026 में परिवर्तिनी एकादशी व्रत का पारण 23 सितंबर 2026 को किया जाएगा. पारण करने का सबसे शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 3 मिनट से लेकर 8:28 तक रहेगा. इस दिन द्वादशी तिथि का समापन रात 10 बजकर 50 मिनट पर होगा. ऐसे में आपको पारण के लिए 2 घंटे 25 मिनट का समय मिल रहा है. ध्यान रहे कि पारण हरि वासर में नहीं किया जाता है.
परिवर्तिनी एकादशी पूजन विधि
परिवर्तिनी एकादशी पर नारायण के वामन रूप की पूजा की जाती है. इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इसके बाद व्रत का संकल्प लें. घर पर पूजा स्थल पर चौकी स्थापित करें. उस पर पीला वस्त्र बिछाएं और फिर विष्णु भगवान और माता लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित करें. इसके बाद भगवान के सामने दीया जलाएं, उन्हें पीले फूल, पीले फलों तथा मिठाई का भोग लगाएं. भगवान को तुलसीदल जरूर अर्पित करें. पूरे दिन विधि-विधान से व्रत रखें. शाम के समय दोबारा पूजा करें. इस दौरान तुलसी पौधे पर दीया जलाए, रसोई में दीया जलाएं और घर के मुख्य द्वार पर भी एक दीपक जला सकते हैं.
परिवर्तिनी एकादशी पर इसकी व्रत कथा का पाठ करना चाहिए. अंत में आरती करें. इस दिन भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करना चाहिए.
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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)