पाकिस्तान की टीमें करेंगी PCB का बॉयकॉट, ये फैसला सब बर्बाद कर देगा!

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने ये क्या कर दिया? (PC-GETTY IMAGES)
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड अकसर ऐसे फैसले लेता है जिससे बवाल हो जाता है. रिपोर्ट्स हैं कि पीसीबी के एक फैसले ने पाकिस्तान की घरेलू टीमों को इतना गुस्सा कर दिया है कि वो घरेलू टूर्नामेंट ही बॉयकॉट कर सकती हैं. टेलीकॉम एशिया की रिपोर्ट के मुताबिक पीसीबी को अंदरूनी विद्रोह का सामना करना पड़ रहा है. रिपोर्ट्स की मानें तो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए एंट्री फीस 3 गुना बढ़ा दिया है. पहले ये शुल्क 50 लाख पाकिस्तानी डॉलर था लेकिन अब ये बढ़कर 1.5 करोड़ पाकिस्तानी रुपये हो गया है.
पाकिस्तान की घरेलू टीमें नाखुश
पाकिस्तान की घरेलू टीमों ने इस फैसले का स्वागत नहीं किया, उनका मानना है कि अचानक 200 प्रतिशत की बढ़ोतरी उनके लिए बहुत ज्यादा है. इसलिए, 8 में से सात विभागीय टीमों ने पीसीबी को चेतावनी दी है कि अगर पीसीबी ने एंट्री फीस पर दोबारा विचार नहीं किया तो वो टूर्नामेंट से हट जाएंगी. एक टीम के अधिकारी ने टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट को बताया, ‘7 टीमों के अधिकारियों ने कई बार चर्चा की है और सर्वसम्मति से ये माना है कि ये बढ़ोतरी स्वीकार नहीं की जाएगी. हम टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेंगे.’
पीसीबी ने मैच फीस देने के लिए भी कहा
रिपोर्ट्स हैं कि पीसीबी ने पाकिस्तान की घरेलू टीमों को निर्देश दिया है कि वो अपने खिलाड़ियों को खुद मैच फीस भी दें. पहले टीम के मालिक खिलाड़ियों की सैलरी देते थे और पीसीबी मैच फीस देती थी. अब उन्हें खिलाड़ियों को दोनों चीजें देने के लिए कहा गया है. इस फैसले के विरोध में एक टीम के अधिकारी ने कहा, ‘हम पहले से ही खिलाड़ियों के वेतन पर हर साल लाखों रुपये खर्च करते हैं. मैच फीस जोड़ने से वित्तीय दबाव और बढ़ेगा और हमारा मैनेजमेंट इसे मंजूरी नहीं देगा.’ अब देखना ये है कि पीसीबी अपना फैसला वापस लेती है या नहीं.

अनूप देव सिंह
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले का रहने वाला हूं. बचपन से ही खेलों से बेहद प्यार है. खासतौर पर क्रिकेट से जो इस देश का धर्म भी कहा जाता है. स्कूली पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय से हुई. साल 2006 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की और उसके बाद मीडिया के मैदान में उतर गए और खेल की खबरों को ही अपना कर्म भी बना लिया. करियर की पहली नौकरी नेटवर्क 18 ग्रुप में मिली. शुरुआत IBN7 न्यूज चैनल से हुई जहां मैंने पांच सालों की लंबी पारी खेली. इसके बाद इंडिया टीवी, न्यूज नेशन जैसे बड़े नेशनल चैनल्स के साथ काम किया. 2016 में डिजिटल मीडिया में कदम रखा और ये मौका जी नेटवर्क ने दिया. एक साल तक क्रिकेट कंट्री के साथ काम किया और फिर हुई नेटवर्क 18 में वापसी. न्यूज 18 हिंदी की वेबसाइट में 4 सालों तक स्पोर्ट्स की हर खबर पाठकों तक पहुंचाई. अब टीवी9 के साथ हूं. क्रिकेट ही नहीं खेल की हर खबर आपतक एक नए अंदाज और नए कलेवर में पहुंचाता हूं.
Read More