चंडीगढ़ के गेस्ट हाउस में नकली PCS अफसर पकड़ा: गनमैन से बोला- रेड करनी, गाड़ी निकालो; गवर्नमेंट ऑफ पंजाब स्टीकर और लालबत्ती लगी - Chandigarh News
चंडीगढ़ के सेक्टर-6 स्थित यूटी गेस्ट हाउस में नकली PCS अफसर पकड़ा गया। गेस्ट हाउस के पुलिसकर्मियों ने पूछा तो खुद को पंजाब से डेपुटेशन पर आया अधिकारी बताकर रौब जमाने लगा। उसके साथ एक गनमैन भी था।
.
उसने प्राइवेट इनोवा पर आगे-पीछे गवर्नमेंट ऑफ पंजाब लिखवा रखा था और कार पर लालबत्ती लगा रखी थी। पुलिसकर्मियों को शक हुआ तो पूछताछ शुरू की। इस दौरान उसने गनमैन को फोन कर कहा- जल्दी आओ, गाड़ी तैयार करो, रेड पर जाना है।
जांच में सामने आया कि वह PCS अफसर नहीं है और इनोवा भी सरकारी नहीं, बल्कि उसकी मां के नाम पर रजिस्टर्ड प्राइवेट गाड़ी है। मामले की जानकारी पुलिस को मिली तो उसकी गाड़ी से लालबत्ती और सरकारी स्टीकर हटवाकर चालान किया गया। हालांकि, उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया।

इस गाड़ी में सवार था नकली पीसीएस अधिकारी। जिसका बाद में चालान किया गया।
अब सिलसिलेवार पढ़िए पूरा मामला…
गेस्ट हाउस में पुलिसकर्मियों के पास खड़ा होकर जमाता था रौब
खुद को पीसीएस अधिकारी बताने वाले की पहचान जीरकपुर निवासी केडी पांडे के रूप में हुई। गुरुवार शाम को यूटी गेस्ट हाउस में आया और वहां तैनात पुलिसकर्मियों के पास जाकर खड़ा हो गया और रौब झाड़ने लगा।अधिकारी होने का दावा और सुरक्षा के लिए साथ चल रहा व्यक्ति देखकर शुरुआत में किसी ने ज्यादा सवाल नहीं किए।
5 हजार रुपए उधार मांगे, यहीं से कर्मचारियों को शक हुआ
कुछ समय बाद केडी पांडे ने गेस्ट हाउस के कर्मचारियों से करीब 5 हजार रुपए उधार मांगे। उसने कहा कि कुछ सामान खरीदना है, लेकिन उसके पास पैसे नहीं हैं। गूगल पे काम नहीं करने की बात कहकर उसने ऑनलाइन पेमेंट के लिए रकम मांगी। कर्मचारियों ने पैसे दे दिए। इसके बाद उसकी बातचीत और गतिविधियों को लेकर कर्मचारियों के मन में शक पैदा होने लगा।
खाने पर बुलाया, बातचीत में ड्यूटी पर किए सवाल
कर्मचारियों ने शाम को उसे गेस्ट हाउस में खाने के लिए बुलाया। बातचीत के दौरान उसके पद, ड्यूटी, पंजाब से डेपुटेशन और गाड़ी से जुड़े सवाल किए गए। सवाल बढ़ने पर पांडे को अंदाजा हो गया कि कर्मचारी उसकी पहचान को लेकर शक में हैं।
गनमैन को फोन किया, जल्दी आओ, रेड पर जाना है
इसी दौरान पांडे ने फोन निकाला और साथ रहने वाले व्यक्ति से कहा कि जल्दी आ जाओ और गाड़ी तैयार करो, रेड पर जाना है। पुलिसकर्मियों ने उससे पूछा कि बातचीत के बीच वह कहां जा रहा है। लेकिन वह उठकर सीधे अपनी इनोवा की तरफ जाने लगा। इससे कर्मचारियों का शक और गहरा गया।
गेट बंद कर कंट्रोल रूम को दी सूचना
पुलिसकर्मियों को लगा कि पांडे पूछताछ से बचकर निकलना चाहता है। उन्होंने यूटी गेस्ट हाउस का गेट बंद कर दिया और चंडीगढ़ पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना पर एरिया ट्रैफिक इंचार्ज इंस्पेक्टर रोहताश यादव और सुखना लेक चौकी इंचार्ज सब इंस्पेक्टर सुनील कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
रिवाल्वर दिखाकर रौब जमाने की भी सूचना मिली
पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि केडी पांडे गेस्ट हाउस में रिवाल्वर निकालकर लोगों को दिखा रहा था। पुलिस ने मौके पर उससे हथियार और पहचान से जुड़े दस्तावेज मांगे। पांडे से PCS अधिकारी होने का आईकार्ड मांगा गया, लेकिन वह ऐसा कोई डॉक्यूमेंट पेश नहीं कर सका।
कार्ड मिला पंजाब कोऑपरेटिव सोसाइटी का
उसके पास पंजाब कोऑपरेटिव सोसाइटी से जुड़ा कार्ड मिला। इसके आधार पर पुलिस ने उसके PCS अधिकारी होने के दावे की जांच शुरू की। जांच में उसके PCS अधिकारी होने की पुष्टि नहीं हुई।
पिता को पंजाब पुलिस का रिटायर्ड DGP बताया
पूछताछ के दौरान पांडे ने अपने पिता का नाम जीडी पांडे बताया और कहा कि वे पंजाब पुलिस में DGP पद से रिटायर्ड हैं। साथ मौजूद व्यक्ति को उसने उनका ही गनमैन बताया। हालांकि, उसके खुद PCS अधिकारी होने का कोई प्रमाण पुलिस को नहीं मिला।
सरकारी गाड़ी बताकर घूम रहा था, लेकिन इनोवा मां के नाम
पुलिस जांच में सामने आया कि जिस इनोवा में केडी पांडे घूम रहा था, वह सरकारी गाड़ी नहीं है। गाड़ी उसकी मां के नाम पर निजी गाड़ी के तौर पर रजिस्टर्ड है। इसके बावजूद गाड़ी के आगे और पीछे गवर्नमेंट ऑफ पंजाब लिखा हुआ था। गाड़ी पर लालबत्ती भी लगी थी।
लालबत्ती का कोई डॉक्यूमेंट नहीं दिखा पाया
पुलिस ने लालबत्ती लगाने के लिए कोई डॉक्यूमेंट पूछा तो पांडे कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका। इसके बाद पुलिस ने गाड़ी से लालबत्ती उतरवा दी। गाड़ी पर लगा गवर्नमेंट ऑफ पंजाब का स्टीकर भी हटवा दिया गया। लालबत्ती लगाने पर 1000 रुपए और सरकारी स्टीकर लगाने पर 500 रुपए का चालान किया गया।

खुद को पीसीएस अधिकारी बताने वाला केडी पांडे पुलिस के सामने रौब झाड़ता हुआ।
गेस्ट हाउस के गेट के अंदर ही रोक ली थी इनोवा
पुलिस के मुताबिक, इनोवा को गेस्ट हाउस के गेट के अंदर ही रोक लिया गया था। उसे बाहर नहीं जाने दिया गया। मामला गेस्ट हाउस परिसर का होने के कारण मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय सुखना लेक चौकी को सूचना दी, जिसके बाद चौकी पुलिस ने चालान किया।
ट्रैफिक इंचार्ज बोलो- चालान काटकर चेतावनी दी
एरिया ट्रैफिक इंचार्ज रोहताश यादव ने बताया कि उनके पास कॉल आई थी कोई फर्जी अधिकारी गेस्ट हाउस में घूम रहा है। गेस्ट हाउस कर्मचारियों ने उसके द्वारा 5 हजार रुपए उधार लेने के मामले में बताया था। पुलिस ने मामले में डीडीआर दर्ज की। हालांकि, उसका चालान काटने के बाद उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।