Personal vs Gold Loan: अचानक चाहिए पैसा, गोल्ड लोन लें या पर्सनल लोन? पहले समझें कौन बेहतर - Haribhoomi
पर्सनल लोन में गहने या दूसरी संपत्ति गिरवी नहीं रखनी पड़ती। गोल्ड लोन जल्दी मिल सकता है, लेकिन भुगतान नहीं किया तो गहने बिकने का खतरा है। सिर्फ ब्याज नहीं, फीस, भुगतान की शर्त और अपनी कमाई देखकर फैसला करें।
gold loan vs personal loan
- Published: 18 Sep 2026, 05:00 PM IST
- Last Updated: 18 Sep 2026, 03:57 PM IST
अचानक अस्पताल का खर्च आ जाए, घर की जरूरी मरम्मत करानी हो या कुछ समय के लिए कमाई रुक जाए तो तुरंत पैसों की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में पर्सनल लोन सबसे आसान रास्ता लग सकता है। घर में सोने के गहने हैं तो गोल्ड लोन भी एक विकल्प है। लेकिन सिर्फ ब्याज दर देखकर दोनों में से किसी एक को चुनना सही नहीं है। खासकर गोल्ड लोन में समय पर पैसा नहीं चुकाया तो आपके गहने भी हाथ से जा सकते हैं।
गोल्ड और पर्सनल लोन में क्या अंतर
पर्सनल लोन के लिए कोई सामान गिरवी नहीं रखना पड़ता। बैंक आपकी कमाई, सिबिल स्कोर, पहले से चल रही ईएमआई और लोन चुकाने की क्षमता देखता है। क्रेडिट प्रोफाइल अच्छी है तो बिना सोना, प्रॉपर्टी या शेयर गिरवी रखे लोन मिल सकता है। हालांकि इसकी मंजूरी में समय लग सकता है। ब्याज दर भी आपकी प्रोफाइल पर निर्भर करेगी। अगर पहले से कई लोन चल रहे हैं या कमाई नियमित नहीं है तो बैंक जरूरत के मुताबिक पूरी रकम देने से इनकार भी कर सकता है।
गोल्ड लोन में जल्दी मिल सकता है पैसा
गोल्ड लोन में सोने के गहने बैंक या लोन देने वाली कंपनी के पास गिरवी रखने होते हैं। गहनों की शुद्धता और वजन की जांच होती है। इसके बाद उनकी कीमत तय कर उसी के आधार पर लोन मिलता है।
गहनों की पूरी कीमत के बराबर लोन नहीं मिलता। आरबीआई के नियमों के तहत गोल्ड लोन के लिए लोन-टू-वैल्यू की सीमा होती है। यह सीमा लोन और उसे देने वाली संस्था के हिसाब से अलग हो सकती है।
यहां एक बात समझना जरूरी है। गहने खरीदते समय आपने जो मेकिंग चार्ज दिया था, वह लोन की रकम तय करने में शामिल नहीं होता। कीमत सोने की मात्रा के आधार पर निकाली जाती है।
किस्त नहीं चुकाई तो गहनों पर खतरा
गोल्ड लोन की सबसे बड़ी चिंता भुगतान को लेकर है। जब तक पूरा लोन नहीं चुकता, गहने लोन देने वाली संस्था के पास रहते हैं। अगर तय समय पर बकाया नहीं चुकाया तो जरूरी प्रक्रिया और नोटिस के बाद गिरवी रखा सोना बेचा जा सकता है। इसलिए शादी की चेन, पुश्तैनी कंगन या परिवार से जुड़े ऐसे गहने गिरवी रखने से पहले ज्यादा सोचने की जरूरत है, जिन्हें पैसे देकर दोबारा खरीदना आसान नहीं होगा।
छोटी किस्त देखकर न करें फैसला
गोल्ड लोन लेते समय भुगतान का तरीका जरूर समझें। कुछ लोन में समय-समय पर ब्याज चुकाना होता है। कुछ में आखिर में मूल रकम एक साथ चुकाने की सुविधा मिल सकती है। ऐसे में शुरुआत में कम भुगतान देखकर लोन सस्ता लग सकता है, लेकिन आखिरी तारीख पर बड़ी रकम चुकानी पड़ सकती है।
ब्याज नहीं, पूरा खर्च देखें
पर्सनल लोन लेते समय ब्याज दर के साथ प्रोसेसिंग फीस, बीमा या दूसरे शुल्क, लोन की अवधि और समय से पहले भुगतान की शर्त देखें। गोल्ड लोन में ब्याज के साथ गहनों की वैल्यूएशन फीस, प्रोसेसिंग चार्ज, लेट फीस और गहने वापस लेने की शर्त समझें। जरूरत से ज्यादा पैसा भी न लें। अगर आपको 2 लाख रुपए चाहिए तो सिर्फ इसलिए 5 लाख रुपए का लोन लेना समझदारी नहीं है कि बैंक इतनी रकम देने को तैयार है।
अगर आपकी कमाई नियमित है, ईएमआई आसानी से चुका सकते हैं और गहने गिरवी नहीं रखना चाहते तो पर्सनल लोन पर विचार किया जा सकता है। वहीं पैसा तुरंत चाहिए, पर्याप्त सोना है और लोन लौटाने का साफ प्लान है तो गोल्ड लोन एक विकल्प हो सकता है।
सबसे जरूरी बात यह है कि कागज पर सस्ता दिखने वाला लोन हर बार आपके लिए सुरक्षित भी हो, यह जरूरी नहीं। खासकर परिवार के कीमती गहने गिरवी रख रहे हैं तो पहले यह जरूर तय करें कि लोन समय पर चुका पाएंगे या नहीं।
(प्रियंका कुमारी)