Pew Research Survey 2026: दुनिया में कैसी है भारत की साख? प्यू रिसर्च के 36 देशों के सर्वे में चौंकाने वाले नतीजे - Haribhoomi
स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले वैश्विक स्तर पर भारत की छवि को लेकर प्यू रिसर्च सेंटर का बड़ा सर्वे सामने आया है। दुनिया के 36 देशों में 42 हजार से अधिक लोगों पर किए गए इस सर्वे के अनुसार, वैश्विक स्तर पर भारत की सकारात्मक छवि बरकरार है। श्रीलंका में जहां 79% लोग भारत को सबसे भरोसेमंद मानते हैं, वहीं पाकिस्तान में 91% की राय नकारात्मक है। अमेरिका में भी भारत की छवि को लेकर राय बंटी हुई नजर आ रही है।
अमेरिका में भारत की छवि को लेकर जनता दो हिस्सों में बंटी है।
- Published: 14 Aug 2026, 07:55 PM IST
- Last Updated: 14 Aug 2026, 07:55 PM IST
वैश्विक थिंक टैंक प्यू रिसर्च सेंटर ने 36 देशों में भारत की वैश्विक छवि, कूटनीतिक प्रभाव और पड़ोसी देशों की धारणा को लेकर व्यापक सर्वे रिपोर्ट जारी की है। फरवरी से मई 2026 के बीच 42 हजार से ज्यादा उत्तरदाताओं के बीच किए गए इस सर्वे के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर 45 फीसदी लोगों का नजरिया भारत के प्रति सकारात्मक है, जबकि 41 फीसदी लोग प्रतिकूल दृष्टिकोण रखते हैं।
एशिया और अफ्रीका के कई देशों में भारत की लोकप्रियता बेहद मजबूत बनी हुई है, जबकि यूरोप और लैटिन अमेरिका में राय मिली-जुली दर्ज की गई है।
श्रीलंका में भारत की जबरदस्त साख, पाकिस्तान सबसे बड़ा विरोधी
सर्वे के अनुसार, भारत को सबसे अधिक पसंद करने वाले देशों में पड़ोसी मुल्क श्रीलंका शीर्ष पर है, जहां 79 फीसदी लोगों ने भारत के पक्ष में सकारात्मक राय दी है और 63 फीसदी लोग भारत को अपना सबसे अहम सहयोगी मानते हैं।
आर्थिक संकट के दौरान भारत द्वारा दी गई 7.5 अरब डॉलर से अधिक की मदद को इस सकारात्मक बदलाव का मुख्य कारण माना जा रहा है। इसके विपरीत, पाकिस्तान में 91 फीसदी लोगों की राय भारत के प्रति नकारात्मक है और केवल 7 फीसदी लोगों ने सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया है। पाकिस्तान में 43 फीसदी लोग भारत को अपना सबसे बड़ा भू-राजनीतिक खतरा मानते हैं।
बांग्लादेश और मलेशिया में तल्खी, अन्य एशियाई देशों में मजबूत पकड़
भारत के पड़ोस में राजनीतिक उथल-पुथल का असर भी जनता की राय पर साफ दिखा है। शेख हसीना सरकार के पतन और शरण के मुद्दे के बाद बांग्लादेश में 51 फीसदी लोगों ने भारत के प्रति प्रतिकूल राय रखी है, जबकि 42 फीसदी का रुख सकारात्मक है। 2024 में चले 'इंडिया आउट' अभियान के बाद मलेशिया में 58 फीसदी लोगों का रुख नकारात्मक दर्ज किया गया।
हालांकि, जापान में 55 फीसदी, सिंगापुर में 51 फीसदी, इंडोनेशिया में 50 फीसदी और थाईलैंड में 55 फीसदी लोग भारत को सकारात्मक नजरिए से देखते हैं। इसके अलावा ब्रिटेन (71%), केन्या (71%) और जर्मनी (63%) में भी भारत की साख काफी मजबूत पाई गई है।
अमेरिकी जनता में बंटी राय, रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स का अलग रुख
अमेरिका में भारत की छवि को लेकर जनता दो हिस्सों में बंटी नजर आती है। सर्वे के मुताबिक, 45 फीसदी अमेरिकी भारत के प्रति अनुकूल रुख रखते हैं, जबकि 50 फीसदी की राय प्रतिकूल है। राजनीतिक आधार पर देखें तो डेमोक्रेटिक पार्टी के समर्थकों में 50 फीसदी लोग भारत को सकारात्मक मानते हैं, जबकि डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के समर्थकों में यह आंकड़ा 42 फीसदी है।
वैश्विक प्रभाव के सवाल पर 54 फीसदी अमेरिकियों का मानना है कि हाल के वर्षों में भारत का वैश्विक दबदबा जस का तस बना हुआ है, जबकि 30 फीसदी ने माना कि भारत का प्रभाव पहले से ज्यादा मजबूत हुआ है।
वैश्विक शक्तियों और खतरों को लेकर भारत-पाक में गहरा अंतर
सर्वे में दोनों देशों के बीच आपसी अविश्वास की खाई भी उजागर हुई है। भारत में 54 फीसदी वयस्क पाकिस्तान को और 21 फीसदी चीन को देश के लिए सबसे बड़ा खतरा मानते हैं। वहीं, भारत के सबसे बड़े सहयोगी के रूप में 36 फीसदी भारतीयों ने रूस और 16 फीसदी ने अमेरिका का नाम लिया। दूसरी ओर, पाकिस्तान में 75 फीसदी जनता चीन को अपना सबसे महत्वपूर्ण मित्र मानती है, जबकि मात्र 15 फीसदी लोग अमेरिका को लेकर सकारात्मक राय रखते हैं।