कुरुक्षेत्र में पुराना लेंटर गिरा, दो भाई मलबे में दबे: दोनों होमवर्क कर रहे थे, एक की टांग कई जगह से टूटी; PGI रेफर - Kurukshetra News
कुरुक्षेत्र के LNJP अस्पताल में भर्ती लेंटर का हिस्सा गिरने से जख्मी दोनों सगे भाई।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र शहर के छोटा बाजार में शुक्रवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। करीब 50 साल पुराने मकान के चौबारे का लेंटर अचानक भरभराकर गिर गया, उस समय कमरे में स्कूल का होमवर्क कर रहे दो सगे भाई मलबे के नीचे दब गए। हादसे में दोनों भाई गंभीर रूप से
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ध्रुव (10) की बाईं टांग की हड्डी कई जगह से टूट गई। हड्डी टूटने से उसकी टांग लटक गई, जबकि उसके छोटे भाई यशवनी (10) की पसलियों में गंभीर चोटें आईं। दोनों बच्चों को पहले LNJP अस्पताल ले जाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने PGI चंडीगढ़ रेफर कर दिया।

लेंटर गिरने से ध्रुव की टांग और यशवनी की पसलियां टूटी।
होमवर्क करते वक्त अचानक गिरा लेंटर
हादसा शाम करीब 4 बजे हुआ। ध्रुव और यशवनी कमरे में बेड पर बैठकर स्कूल का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक चौबारे के लेंटर का बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे आ गिरा। देखते ही देखते दोनों बच्चे ईंट, सीमेंट के मलबे के नीचे दब गए। लेंटर गिरते ही कमरे में चीख-पुकार मच गई। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़े।
पड़ोसियों ने हटाया मलबा
पड़ोसियों ने बिना देर किए मलबा हटाना शुरू किया और दोनों बच्चों को बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के वक्त घर पर सिर्फ दोनों भाई थे। उनके माता-पिता अपने-अपने काम पर गए थे। सूचना पाकर परिवार सीधे अस्पताल पहुंच गया।
3 महीने पहले किराए पर आए
मकान मालिक सुनीता ने बताया कि पूजा और रमेश करीब 3 महीने पहले ही इस मकान में अपने दोनों बेटे ध्रुव और यशवनी किराए पर रहने आए थे। इससे पहले वे जोगना खेड़ा गांव में रहते थे। पूजा शहर में चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) के पास हेल्पर का काम करती है, जबकि उसका पति रमेश दिहाड़ी मजदूरी करता हैं।

चौबारे के लेंटर का टूटकर गिरा हिस्सा।
ईंटों की डाट पर बना था चौबारा
मकान करीब 50 साल पुराना है। हालांकि मकान मालिकन का कहना है कि टाइम पर मकान की रिपेयर कराते थे। जिस चौबारे का लेंटर गिरा, उसे ईंटों की डाट पर बनाया गया था। कमरे के पूरे लेंटर का हिस्सा ही नीचे आ गिरा। कमरे में सिर्फ मलबा ही पड़ा हुआ था।
खाली करने के लिए कहा था- सुनीता
मकान मालिक सुनीता ने बताया कि वह खुद करीब डेढ़ महीने पहले इस मकान को छोड़कर दूसरी जगह रहने चली गई थी। उन्होंने किराएदार को करीब दो महीने पहले मकान खाली करने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने मकान खाली नहीं किया। वे यही कहते रहे कि अभी दूसरा मकान नहीं मिल रहा है। जैसे ही दूसरा मकान मिलेगा, वे यहां से चले जाएंगे।