इलाहाबाद यूनिवर्सिटी ने खोले PhD के दरवाजे, 959 सीटों पर मौका, 25 सितंबर है आखिरी तारीख

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी ने पीएचडी 2026 के लिए 959 सीटों पर आवेदन शुरू किया गया है। आवेदन की आखिरी तारीख 25 सितंबर निर्धारित की गई है।

गंगा-यमुना के संगम किनारे बसी इलाहाबाद यूनिवर्सिटी एक बार फिर रिसर्च के मैदान में नए चेहरों को बुलावा भेज रही है। शिक्षा जगत की खबरों पर नजर रखने वालों के लिए यह वक्त काम का है, क्योंकि जिन छात्रों ने मास्टर्स की डिग्री पूरी करने के बाद पीएचडी करने का सपना संजोया था, उनके लिए दरवाजे खुल चुके हैं। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में पीएचडी एडमिशन 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया 2 सितंबर से शुरू हो गई है और कुल 959 सीटों पर एडमिशन के लिए उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। यानी अकेले यूनिवर्सिटी परिसर ही नहीं, बल्कि इससे जुड़े संघटक महाविद्यालयों में भी सीटें भरी जानी हैं, और मौका उन्हीं के हाथ लगेगा जो तय तारीख से पहले पूरी तैयारी के साथ आवेदन जमा कर देंगे।

यूनिवर्सिटी के एडमिशन नोटिस के मुताबिक, हर उम्मीदवार का दाखिला उसकी योग्यता और दस्तावेजों की जांच तथा सक्षम अधिकारियों की मंजूरी के अधीन ही तय होगा। मतलब साफ है कि फॉर्म भर देना ही काफी नहीं, कागजातों की पड़ताल में खरा उतरना भी जरूरी होगा। पीएचडी की सीटें साइंस, कॉमर्स, ह्यूमैनिटीज, लॉ, एजुकेशन, कंप्यूटर साइंस और जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन जैसे तमाम विषयों में ऐलान की गई हैं, यानी लगभग हर स्ट्रीम के छात्र के लिए कोई न कोई रास्ता खुला है।

विषयवार सीटों का पूरा हिसाब

अगर सीटों की गिनती पर गौर करें तो सबसे ज्यादा मौका केमिस्ट्री के छात्रों के लिए है, जहां 84 सीटें रखी गई हैं। इसके ठीक पीछे कॉमर्स एंड बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन है, जिसमें 75 सीटें हैं, जबकि फिजिक्स में 74 सीटें उपलब्ध हैं। लॉ के इच्छुक छात्रों के लिए 56 सीटें रखी गई हैं, तो वहीं हिंदी विषय में 50 सीटों पर दाखिला होगा। एजुकेशन, इंग्लिश और फिलॉसफी इन तीनों विषयों में बराबर-बराबर यानी 45-45 सीटें दी गई हैं। एंशिएंट हिस्ट्री, कल्चर एंड आर्कियोलॉजी में 43 सीटें हैं। जूलॉजी में 36, मैथमेटिक्स में 34, कंप्यूटर साइंस और मीडियवल एंड मॉडर्न हिस्ट्री में 28-28, इकोनॉमिक्स में 27 और जियोग्राफी में 25 सीटें छात्रों का इंतजार कर रही हैं।

इसके अलावा पॉलिटिकल साइंस, साइकोलॉजी, सोशियोलॉजी, संस्कृत, उर्दू, म्यूजिक एंड परफॉर्मिंग आर्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन, बायोटेक्नोलॉजी, बॉटनी और एनवायरनमेंटल साइंस जैसे विषयों में भी सीटें तय की गई हैं। हालांकि हर विषय की किस्मत बराबर नहीं चमकी एग्रीकल्चरल माइक्रोबायोलॉजी, अरबी, फारसी और थिएटर एंड फिल्म जैसे कुछ विषयों में इस बार सीटों का कोई जिक्र ही नहीं है, यानी इन विषयों में दाखिला फिलहाल इस चक्र में नहीं होगा।

आरक्षण और मान्य परीक्षाएं

सीटों के बंटवारे में यूनिवर्सिटी लागू आरक्षण नियमों का पूरा पालन करेगी। अनुसूचित जाति (एससी) को 15%, अनुसूचित जनजाति (एसटी) को 7.5%, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की नॉन-क्रीमी लेयर श्रेणी को 27% और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) को 10% आरक्षण मिलेगा। इसके अलावा दिव्यांग यानी बेंचमार्क डिसएबिलिटी वाले उम्मीदवारों को संबंधित श्रेणियों में 5% क्षैतिज आरक्षण का फायदा दिया जाएगा। एक जरूरी बात यह भी है कि अगर कोई छात्र एक से ज्यादा विषयों में पीएचडी के लिए आवेदन करना चाहता है, तो उसे हर विषय के लिए अलग-अलग फॉर्म भरना होगा, एक ही आवेदन में सारे विषय समेटने की छूट नहीं है।

प्रवेश परीक्षाओं की बात करें तो इलाहाबाद यूनिवर्सिटी पीएचडी दाखिले के लिए यूजीसी नेट, सीएसआईआर नेट, गेट, जेस्ट और आईसीएआर के स्कोर स्वीकार करती है। जिन उम्मीदवारों के पास इनमें से कोई भी वैध स्कोर है, उन्हें आवेदन प्रक्रिया में राहत मिल सकती है। बहरहाल, फॉर्म भरने से पहले हर उम्मीदवार को सलाह दी जाती है कि वे अपनी योग्यता और दाखिले से जुड़ी तमाम शर्तों को एक बार ध्यान से जरूर जांच लें, ताकि आखिरी वक्त पर किसी तरह की परेशानी न झेलनी पड़े। इच्छुक और योग्य छात्र यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए 25 सितंबर तक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।