Pitru Paksha 2026: श्राद्ध पक्ष में किन 10 चीजों के दान से मिलेगी सुख-समृद्धि? नोट करें लिस्ट

Pitru Paksha Daan Upay: पितृ पक्ष में पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किया जाता है। इस दौरान दान-पुण्य का भी विशेष महत्व है। धर्म ग्रंथों के अनुसार अलग-अलग चीजों का दान करने का फल भी अलग होता है।

Pitru Paksha Donation: इस बार पितृ पक्ष 26 सितंबर से 10 अक्टूबर तक रहेगा। पितृ पक्ष के दौरान जरूरतमंदों और ब्राह्मणों को दान करने का विशेष महत्व है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार, धर्म ग्रंथों में श्राद्ध के दौरान किए जाने वाले विभिन्न दानों और उनसे मिलने वाले फल के बारे में बताया गया है। आगे जानिए श्राद्ध में किन चीजों का दान करना शुभ माना जाता है…

3. घी का दान
श्राद्ध में गाय के घी का दान भी किया जाता है। एक पात्र में घी रखकर दान करना परिवार के लिए शुभ और मंगलकारी माना गया है।

4. अनाज का दान
अन्नदान को भी श्राद्ध में खास महत्व दिया गया है। इस दौरान गेहूं और चावल का दान किया जा सकता है। अगर ये उपलब्ध न हों तो अपनी क्षमता के अनुसार किसी अन्य अनाज का दान भी कर सकते हैं।

5. भूमि का दान
धार्मिक मान्यता के अनुसार, सामर्थ्य रखने वाले व्यक्ति द्वारा किसी जरूरतमंद को भूमि दान करने से संपत्ति और संतान से जुड़े सुख मिलने का फल बताया गया है।

6. सोने का दान
श्राद्ध में सोने का दान करने की भी परंपरा बताई गई है। मान्यता है कि इससे परिवार में होने वाले कलह दूर होते हैं। सोना दान करना संभव न हो तो अपनी क्षमता के अनुसार धन का दान किया जा सकता है।

7. वस्त्रों का दान
श्राद्ध में नए और साफ कपड़ों का दान करना भी शुभ माना जाता है। धोती और दुपट्टे सहित दो वस्त्रों का दान करने की परंपरा कई जगहों पर देखने को मिलती है।

8. चांदी का दान
पितरों की संतुष्टि और उनके आशीर्वाद के लिए चांदी का दान महत्वपूर्ण माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्राद्ध में चांदी का दान करने से पितृ प्रसन्न होते हैं।

9. काले तिल का दान
श्राद्ध के कई कर्मों में काले तिल का इस्तेमाल किया जाता है। इसी तरह तिल का दान भी महत्वपूर्ण माना गया है। मान्यता है कि काले तिल का दान व्यक्ति को संकट और परेशानियों से बचाता है।

10. नमक का दान
पितृ पक्ष में नमक का दान भी किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्राद्ध के दौरान नमक का दान करने से पितरों की प्रसन्नता प्राप्त होती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।