PM आवास योजना 2.0: स्लम हितग्राहियों का अंशदान बढ़ा, अब 75 हजार की जगह देने होंगे 1.45 लाख रुपए, SUDA ने रायपुर समेत कई नगर निगमों को दिए निर्देश
PM Awas Yojana 2.0: प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत स्लम पुनर्वास योजना के हितग्राहियों को बड़ा झटका लगा है। केंद्र सरकार के नए दिशा-निर्देशों के बाद अब लाभार्थियों को पहले की तुलना में अधिक अंशदान देना होगा। इस संबंध में राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) ने रायपुर, बिलासपुर, भिलाई, बीरगांव, धमतरी और रिसाली नगर निगमों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
इसलिए बढ़ाई गई राशि
जानकारी के अनुसार, अब तक इस योजना में हितग्राहियों से 75 हजार रुपए लिए जाते थे, लेकिन अब यह लिमिट बढ़ाकर 1.45 लाख रुपए कर दी गई है। यानी हितग्राही द्वारा जमा की जाने वाली राशि का दोगुनी हो गई है। वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत प्रति आवास प्रोजेक्ट कॉस्ट 4.75 लाख रुपए से बढ़ाकर 5.75 लाख रुपए निर्धारित की गई है।
केंद्र सरकार ने निर्देश दिया है कि लाभार्थियों का अंशदान परियोजना लागत का कम से कम 25 प्रतिशत होना चाहिए। इसी के अनुरूप नई राशि तय की गई है।
हितग्राही को देनी होगी बढ़ी हुई राशि
इस निर्णय के बाद पीएम आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत स्लम पुनर्वास परियोजनाओं में आवास लेने वाले हितग्राहियों को अब बढ़ी हुई राशि देनी होगी।
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सत्यापन के बाद पोर्टल से जुड़ेंगे
केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत भागीदारी में सस्ते आवास (एएचपी) माडल-एक की स्लम पुनर्वास परियोजनाओं के तहत चयनित लाभार्थियों का पहले सत्यापन किया जाएगा। फिर उन्हें यूनिफाइड वेब पोर्टल (UWP) पर संबंधित परियोजनाओं से जोड़ा जाएगा।
प्रोजेक्ट लागत एक लाख बढ़ी
योजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार ने आवास को पूरा करने में आने वाले कुल खर्च (प्रोजेक्ट कास्ट) में एक लाख की बढ़ोतरी की है। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी में प्रोजेक्ट कास्ट पहले 4.75 लाख रुपए निर्धारित था, जो अब बढ़कर 5.75 लाख रुपए हो गया है।
केंद्र सरकार ने हितग्राहियों का अंशदान तय किया
केंद्र सरकार ने हितग्राहियों का अंशदान प्रोजेक्ट कास्ट का कम से कम 25 प्रतिशत तय करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले इस राशि का किसी तरह का निर्धारण नहीं था। हितग्राहियों से सिर्फ राज्य सरकार द्वारा तय राशि 75 हजार रुपए ली जा रही थी।
स्लम पुनर्वास परियोजनाओं का उद्देश्य
मलिन बस्तियों (झुग्गी-झोपड़ियों) में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित, पक्के और स्थायी मकान उपलब्ध कराकर उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। इसके तहत जहां झुग्गी, वहीं मकान नीति के अंतर्गत उसी स्थान (इन-सीटू) या पास की जगह पर आधुनिक फ्लैटों का निर्माण किया जाता है।
आवास आवंटन की शर्तें
आवंटित आवास नगर निगम की संपत्ति होगी, हितग्राहियों को 30 वर्षों के लिए दिया जाएगा।
आवास का विक्रय, पट्टे, किराए, दान या अन्य को हस्तांक्षणरण करने का हितग्राही को नहीं रहेगा अधिकार।
किसी भी उद्देश्य के लिए बैंक से ऋण लेने के लिए आवास को बंधक रखने का अधिकार।
आवंटित आवास को छोड़ने से 30 दिनों पहले निगम को देनी होगी जानकारी, नहीं तो आवंटन स्वमेव हो जाएगा रद्द।
आवास में कोई भी स्थायी और अस्थायी निर्माण या विस्तार करना प्रतिबंधित होगा, उलंघन करने पर पट्टा होगा निरस्त।
हितग्राही को बिजली और जल शुल्क का करना होगा भुगतान, आवास के निर्धारित सभी कर हर साल करना होंगे जमा।
किसी भी प्रकार के विवाद पर नगर निगम के आयुक्त का निर्णय अंतिम व मान्य होगा।
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पीएमएवाई-यू और 2.0 में अंशदान की स्थिति
हितग्राही : 75 हजार- 1.45 लाख रुपए
राज्यांश : 2.50 लाख - 2.80 लाख रुपए
केंद्रांश : 1.50 लाख - 1.50 लाख रुपए
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