PM मोदी के मंत्री से मिलकर कॉकरोच पार्टी ने रखी 3 बड़ी मांगे, सोनम वांगचुक को लेकर भी शर्त, क्या होगी पूरी?
Published: Monday, July 20, 2026, 19:24 [IST]
NEET-UG 2026 पेपर लीक को लेकर चल रहे आंदोलन ने सोमवार (20 जुलाई) को नया मोड़ ले लिया। संसद मार्च के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। इस मुलाकात में सीजेपी ने अपनी तीन सबसे बड़ी मांगों वाला लिखित ज्ञापन सौंपा। इस मांगपत्र में सबसे पहले सोनम वांगचुक की बिना शर्त रिहाई की मांग की गई है।
दूसरी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की है। तीसरी मांग उन NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की है, जिनके बारे में CJP का दावा है कि पेपर लीक के बाद उन्होंने आत्महत्या कर ली। बैठक के बाद CJP ने बातचीत को सकारात्मक बताया, जबकि जेपी नड्डा ने प्रदर्शनकारियों से धरना खत्म कर सामान्य स्थिति बहाल करने की अपील की।
जेपी नड्डा को सौंपा लिखित मांगपत्र
संसद मार्च के दौरान CJP के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगों का विस्तृत ज्ञापन सौंपा। संगठन की ओर से मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने इस पत्र पर हस्ताक्षर किए।
ज्ञापन में कहा गया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने कार्यकाल में कई परीक्षा विवादों को रोकने में नाकाम रहे हैं। इसमें NEET-UG 2026 पेपर लीक, CBSE कक्षा 12 पोर्टल विवाद और CUET परीक्षा में देरी जैसे मामलों का जिक्र किया गया।
जंतर-मंतर से संसद तक पहुंचा आंदोलन
NEET-UG 2026 पेपर लीक और दूसरी परीक्षा गड़बड़ियों को लेकर CJP पिछले डेढ़ महीने से आंदोलन चला रही है। संगठन ने बताया कि पहला प्रदर्शन 6 जून को हुआ था। इसके बाद देश के अलग-अलग शहरों में शांतिपूर्ण विरोध कार्यक्रम आयोजित किए गए। 20 जून से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू हुआ, जिसमें बाद में शिक्षा सुधार और पर्यावरण के मुद्दों पर काम करने वाले सोनम वांगचुक भी शामिल हुए। CJP का कहना है कि सरकार की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं मिलने पर सोनम वांगचुक ने 28 जून से भूख हड़ताल शुरू की, जो 20 जुलाई तक जारी रही।
CJP की तीन सबसे बड़ी मांगें
CJP ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं।
- सोनम वांगचुक को बिना किसी रोक-टोक के तुरंत रिहा किया जाए।
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए या उनका इस्तीफा लिया जाए।
- NEET-UG 2026 पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
संगठन का दावा है कि उसके रिकॉर्ड के मुताबिक 21 छात्रों ने पेपर लीक के बाद आत्महत्या की। हालांकि इस संख्या की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
दिल्ली पुलिस को लेकर भी उठाई आपत्ति
ज्ञापन में CJP ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। संगठन ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ बल प्रयोग नहीं होना चाहिए। ज्ञापन में लिखा गया, "हमारी मांगें देश के युवाओं की उम्मीदों से जुड़ी हैं। ऐसे में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर बल प्रयोग तुरंत बंद होना चाहिए।"
जेपी नड्डा ने क्या कहा?
बैठक के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि बातचीत की पहल प्रदर्शनकारियों की तरफ से हुई थी। जेपी नड्डा ने कहा, "प्रतिनिधिमंडल के साथ विस्तार से बातचीत हुई। उन्होंने शाम करीब चार बजे अपना लिखित ज्ञापन सौंपा। मैंने सभी प्रदर्शनकारियों से आग्रह किया है कि वे धरना समाप्त करें और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन का सहयोग करें।"
बैठक खत्म होने के बाद CJP ने बातचीत को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा, ''मंत्री ने हमारी बात पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनी। पूरी चर्चा सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। हमें उम्मीद है कि सरकार हमारी मांगों पर सकारात्मक फैसला लेगी।" संगठन ने अपने समर्थकों से भी शांति बनाए रखने और सरकार के जवाब का इंतजार करने की अपील की।
इसी बीच अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान की भी हुई बैठक
सोमवार(20 जुलाई) को आंदोलन के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बीच करीब साढ़े तीन घंटे तक बैठक भी हुई। हालांकि इस बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई।
CJP ने साफ कर दिया है कि उसका आंदोलन फिलहाल खत्म नहीं हुआ है। संगठन सरकार के जवाब का इंतजार कर रहा है। दूसरी तरफ केंद्र सरकार की ओर से मांगपत्र पर अंतिम फैसला अभी आना बाकी है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह आंदोलन किस दिशा में जाएगा, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।