PM-JAY और MAA योजना की पैकेज दरों में अंतर: दूसरे राज्यों के मरीज घुटना प्रत्यारोपण को परेशान, पैकेज में 50 हजार का अंतर - Jaipur News

जयपुर1 घंटे पहलेलेखक: सुरेन्द्र स्वामी

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प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) का कार्ड होने के बावजूद दूसरे राज्यों से एसएमएस अस्पताल में घुटने का प्रत्यारोपण (TKR) कराने पहुंच रहे 100 से अधिक मरीज इलाज के लिए परेशान हैं। मरीज दर्द झेलने के साथ इलाज के लिए चक्कर काट रहे हैं।

इसकी प्रमुख वजह PM-JAY के टोटल नी रिप्लेसमेंट पैकेज और राज्य की मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (मा) योजना की भुगतान दर में बड़ा अंतर माना जा रहा है। दोनों योजनाओं की दरों में अंतर के कारण दूसरे राज्यों से आने वाले इन मरीजों का घुटना प्रत्यारोपण अटका हुआ है।

इधर, एसएमएस अस्पताल अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी ने PM-JAY और मा योजना के तहत इलाज के लिए आने वाले मरीजों के पैकेज और इंप्लांट के स्पेसिफिकेशन तय करने के लिए कमेटी गठित की थी। लेकिन अब तक इस पर कोई निर्णय नहीं हो सका है। ऐसे में मरीजों को प्रत्यारोपण के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।

एक घुटने पर खर्च 80-90 हजार, PM-JAY में 40 हजार

एसएमएस अस्पताल में एक घुटने के प्रत्यारोपण पर वास्तविक खर्च करीबन 80 से 90 हजार रुपए तक पड़ता है। जबकि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में संबंधित पैकेज की दर करीबन 40 हजार रुपए निर्धारित है। यानि एक घुटने पर 40 से 50 हजार रुपए का अंतर पड़ रहा है।

केस -एक: आगरा निवासी 74 वर्षीय राजरानी बंसल दोनों घुटनों के दर्द से परेशान हैं। एसएमएस के आर्थोपेडिक्स विभाग ने दोनों घुटनों के प्रत्यारोपण की सलाह दी है। आयुष्मान वय वंदना कार्ड होने के बावजूद एक माह से अस्पताल अधीक्षक से मेडिकल शिक्षा सचिव गायत्री राठौड़ तक इलाज की गुहार लगा चुकी हैं।

केस- दो : मध्यप्रदेश निवासी सुशीला दो साल से घुटनों की समस्या से जूझ रही है। एसएमएस अस्पताल के डॉक्टरों ने पीएम-जेएवाई योजना में टीकेआर के लिए मना कर दिया है। दो माह से पीएम-जेएवाई के तहत जोड़ प्रत्यारोपण अस्पताल के चक्कर काट रही है।

बाहर के राज्यों के मरीजों का एसएमएस में टोटल नी रिप्लेसमेंट (टीकेआर) का इलाज क्यों नहीं मिल रहा। में दिखवाता हूं। -बाबूलाल गोयल, कमिश्नर, मेडिकल शिक्षा

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मा योजना में घुटनों के प्रत्यारोपण की कीमतों में काफी अंतर है। अधीक्षक लिखकर दे देते है, तो हम इलाज कर देंगे। -डॉ.आर.पी.आसट, विभागाध्यक्ष (आर्थोपेडिक्स विभाग) एसएमएस

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