PM Kisan Rules: अपनी जमीन बटाई पर दी है तो क्या बंद हो जाएंगे 6000? दूर कर लें अपनी बड़ी उलझन
Published: Sunday, August 16, 2026, 18:05 [IST]
PM Kisan Samman Nidhi Yojana Rules: देशभर के करोड़ों किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे हैं। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। यह रकम 2,000 रुपये की तीन किस्तों में हर चार महीने के अंतर पर सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
खेती की जमीन को लेकर इस योजना में कई नियम हैं, जिनको लेकर किसानों के मन में अक्सर सवाल रहते हैं। खासतौर पर उन किसानों के मन में यह सवाल रहता है, जो अपनी जमीन खुद नहीं जोतते और उसे किसी दूसरे किसान को बटाई पर दे देते हैं।
क्या ऐसे किसान भी योजना की किस्त पा सकते हैं? वहीं, जो किसान किसी दूसरे की जमीन बटाई पर लेकर खेती करते हैं, क्या उन्हें भी हर साल 6,000 रुपये मिलेंगे? आइए जानते हैं योजना में जमीन को लेकर क्या नियम है।
बटाई पर जमीन देने पर क्या होगा?
अगर किसी किसान के नाम पर खेती की जमीन दर्ज है और वह जमीन किसी दूसरे व्यक्ति को बटाई पर खेती करने के लिए देता है, तो सिर्फ इस वजह से उसका योजना का लाभ बंद नहीं होता। योजना में किसान परिवार की पहचान संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के भूमि रिकॉर्ड में दर्ज मालिकाना हक के आधार पर की जाती है। यानी जमीन के कागजों में अगर किसान का नाम दर्ज है, तो वह योजना की बाकी शर्तें पूरी करने पर लाभ का हकदार हो सकता है।
जमीन देना और मालिकाना हक अलग
यह समझना जरूरी है कि जमीन बटाई पर देना और जमीन का मालिकाना हक छोड़ देना एक जैसी बात नहीं है। मान लीजिए किसी किसान के नाम पर जमीन दर्ज है। वह खुद खेती नहीं करना चाहता और अपनी जमीन किसी दूसरे किसान को बटाई पर दे देता है। ऐसी स्थिति में जमीन का मालिकाना हक उसी किसान के पास रहता है। इसलिए केवल बटाई पर जमीन देने से उसका नाम योजना से बाहर नहीं होता। यानी योजना में यह भी देखा जाता है कि जमीन के रिकॉर्ड में उसका मालिक कौन है।
बटाई पर खेती करने वाले को मिलेगा पैसा?
अगर कोई किसान किसी दूसरे व्यक्ति की जमीन बटाई पर लेकर खेती करता है, तो केवल खेती करने के आधार पर उसे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिलेगा। इस योजना में पात्रता खेती की जमीन के मालिकाना हक से जुड़ी है। अगर जमीन किसी दूसरे व्यक्ति के नाम दर्ज है और आप उस पर बटाई के आधार पर खेती कर रहे हैं, तो सिर्फ खेती करने की वजह से आपको सालाना 6,000 रुपये की सहायता नहीं मिलेगी।
कब से चल रही है योजना?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत फरवरी 2019 में हुई थी। इसका मकसद पात्र किसान परिवारों को खेती से जुड़े खर्चों में आर्थिक मदद देना है। इसके तहत पात्र किसान परिवार को हर साल कुल 6,000 रुपये मिलते हैं। यह रकम एक साथ नहीं दी जाती, बल्कि 2,000 रुपये की तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
इसलिए अगर किसी किसान ने अपनी जमीन बटाई पर दी है, लेकिन भूमि रिकॉर्ड में मालिकाना हक उसी के नाम है और वह योजना की बाकी शर्तें भी पूरी करता है, तो केवल बटाई पर जमीन देने के कारण उसका लाभ बंद नहीं होगा। वहीं, दूसरे की जमीन पर बटाई के आधार पर खेती करने वाला व्यक्ति जमीन का मालिक नहीं होने के कारण इस योजना का लाभ नहीं ले सकता।