हम ओलंपिक के आधे खेलों में भी हिस्सा नहीं लेते, इसमें सुधार की जरूरत : PM Modi
August 28, 2026

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओलंपिक में शामिल आधे खेलों में भारत की भागीदारी नहीं होने पर अफसोस जताया और कहा कि देश की पदक संख्या तभी बढ़ सकती है जब सर्फिंग और स्पोर्ट क्लाइम्बिंग जैसे उन खेलों में भी भारतीय खिलाड़ी तैयार हों जिनमें अब तक उन्होंने हिस्सा नहीं लिया है। शनिवार को राष्ट्रीय खेल दिवस से पहले ‘खेलो इंडिया संवाद’ के लिए विभिन्न स्थानों पर जुटे सैकड़ों खिलाड़ियों, छात्रों और स्वयंसेवकों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि खेलों को लेकर उनका दृष्टिकोण केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है बल्कि खेलों को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बनाना है।
इस कार्यक्रम में खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी हिस्सा लिया। वह गांधीनगर स्थित आईआईटी से इसमें शामिल हुए। मोदी ने कहा, दूसरे देश इन खेलों में पदक जीतते हैं और हम उनमें हिस्सा तक नहीं लेते। अपने पदकों की संख्या बढ़ाने के लिए हमें सर्फिंग और स्पोर्ट क्लाइम्बिंग खेलों में भी सुधार करना होगा। पैरिस ओलंपिक 2024 में भारत ने खेलों की सूची में शामिल 32 में से 16 खेलों में हिस्सा लिया था। ओलंपिक की सर्फिंग और स्पोर्ट क्लाइम्बिंग प्रतियोगिताओं में अब तक किसी भारतीय ने हिस्सा नहीं लिया है। ये दोनों खेल 2028 लॉस एंजल्स ओलंपिक के कार्यक्रम का हिस्सा हैं।
मोदी ने कहा, उदाहरण के लिए सर्फिंग और स्पोर्ट क्लाइम्बिंग को ही लें। हमारे पास इतना लंबा समुद्र तट और इतने विशाल पहाड़ी क्षेत्र हैं जहां इन जैसे खेलों के प्रति स्वाभाविक रुचि हो सकती है। जल खेलों से लेकर शीतकालीन खेलों तक हमारे पास इसके लिए जरूरी जनसंख्या और भौगोलिक परिस्थितियां भी हैं। उन्होंने कहा, इसके बावजूद दुनिया में इन खेलों में कहीं भी भारतीय नजर नहीं आते। इसलिए हमें अलग-अलग क्षेत्रों में इन खेलों को बढ़ावा देने के अवसर तलाशने होंगे। अपनी पदक संख्या बढ़ाने के लिए हमें इन खेलों में भी महारत हासिल करनी होगी। युवाओं में चरित्र निर्माण के लिए खेलों को जरूरी बताते हुए मोदी ने कहा कि नशे की समस्या से युवाओं को दूर रखने में भी खेलों की बड़ी भूमिका है।
उन्होंने कहा कि नशे का सेवन देश के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। उन्होंने कहा, खेल हमें सिर्फ चैंपियन बनना नहीं सिखाता बल्कि बेहतर प्रतियोगी बनना भी सिखाता है। गिरना, फिर उठना और दोबारा आगे बढ़ना… खेल हमारे भीतर यही जज्बा पैदा करता है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, स्क्रीन से अधिक खेल केंद्रों की अहमियत है। प्ले स्टेशन से अधिक खेल के मैदानों की अहमियत है। प्रधानमंत्री ने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को भी श्रद्धांजलि दी जिनकी जयंती 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाई जाती है।