PM Modi at SRCC: 13 साल बाद पहुंचे मोदी, Gen-Z से बोले- ‘मैं OG हूं’ - Haribhoomi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 साल बाद SRCC पहुंचे और कॉलेज के 100 साल पूरे होने पर Gen-Z को संबोधित किया। उन्होंने अपने 2013 के भाषण को याद करते हुए ‘OG’, ‘ग्लास फुल’, ‘ब्रांड इंडिया’ और स्वदेशी पर युवाओं से बात की।

PM Modi at SRCC

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

  • Published: 05 Sep 2026, 08:47 PM IST
  • Last Updated: 05 Sep 2026, 09:46 PM IST

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को 13 साल बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) पहुंचे। कॉलेज की स्थापना के 100 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित शताब्दी समारोह में पीएम मोदी ने Gen-Z को संबोधित किया। 

अपने भाषण में उन्होंने SRCC के पूर्व छात्रों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए खुद को भी कॉलेज का ‘OG’ बताया। उन्होंने कहा कि SRCC के पूर्व छात्रों ने हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई और दुनियाभर में अपनी छाप छोड़ी है।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में ‘मोदी माई-बाप कल्चर’ का जिक्र करते हुए कहा कि वह इसके सामने चट्टान की तरह खड़े हैं। उन्होंने कहा, “मुझमें हिम्मत है, इसलिए अपना रिपोर्ट कार्ड आपके सामने लेकर आया हूं। मुझे पता है झूठ की गूंज नहीं चलेगी।”

PM मोदी ने GDP आलोचकों पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की नई GDP ग्रोथ को लेकर सवाल उठाने वालों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग कभी भारत को ‘Fragile Five’ में शामिल किए जाने के दौर से जोड़कर देखे जाते थे, वे अब देश के दुनिया की सबसे तेज बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की बात स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।

मोदी ने अप्रैल-जून तिमाही में भारत की 7.8 प्रतिशत GDP ग्रोथ का जिक्र करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध और वैश्विक व्यापार में रुकावटों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती दिखाई दे रही है।

उन्होंने कहा, “7.8 प्रतिशत तिमाही ग्रोथ ने देश का कॉन्फिडेंस बढ़ाया है। जो लोग भारत को ‘Fragile Five’ में धकेलने के लिए बदनाम हुए, उन्हें ये आंकड़े पचाने में मुश्किल हो रही है।”

नई GDP सीरीज के तहत आए आंकड़ों को लेकर आर्थिक विशेषज्ञों के बीच भी बहस जारी है। सवाल यह उठाया जा रहा है कि हेडलाइन GDP ग्रोथ का असर रोजगार, निवेश और व्यापक आर्थिक गतिविधियों पर किस हद तक दिखाई दे रहा है।

‘आधा भरा गिलास’ से 2013 की यादें ताजा कीं
SRCC में अपने 2013 के चर्चित भाषण का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने एक बार फिर ‘आधा भरा गिलास’ वाली अपनी बात दोहराई। उन्होंने भारत को लेकर निराशावादी नजरिया रखने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोगों के लिए गिलास आज भी आधा खाली ही है।

मोदी ने कहा कि 2013 में जिन लोगों ने गिलास को आधा खाली देखा था, वे आज भी देश को उसी नजरिए से देखते हैं। उन्होंने कहा, “उनके लिए, गिलास हमेशा आधा खाली रहेगा। मैं गिलास के बारे में बात कर रहा हूं, किसी और चीज के खाली रहने के बारे में नहीं।”

प्रधानमंत्री ने अपने 2013 के भाषण से अब तक के सफर को अपना ‘रिपोर्ट कार्ड’ बताते हुए विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “झूठ की गूंज सच की दहाड़ के सामने टिक नहीं सकती।”

‘Fragile Five’ से सबसे तेज बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था तक
प्रधानमंत्री ने 2013 के आर्थिक हालात को याद करते हुए कमजोर रुपया, करीब 10 प्रतिशत महंगाई, रिकॉर्ड करंट अकाउंट डेफिसिट, धीमी औद्योगिक वृद्धि, भ्रष्टाचार के आरोप और ‘पॉलिसी पैरालिसिस’ जैसे मुद्दों का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि उस समय दुनिया भारत को ‘Fragile Five’ में गिनती थी और देश को वैश्विक वित्तीय झटकों के प्रति कमजोर माना जाता था। उनके मुताबिक, आज स्थिति बदल गई है। मोदी ने कहा, “दुनिया भारत को ‘Fragile Five’ में से एक कह रही थी। आज, दुनिया देख रही है कि भारत सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली बड़ी इकॉनमी बन रहा है।”

उन्होंने कहा कि नए GDP आंकड़े भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक व्यापार में व्यवधानों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की ताकत दिखाते हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी दावा किया कि भारत की आर्थिक वृद्धि के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।

जनधन खातों का जिक्र, ‘माई-बाप’ कल्चर पर हमला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री जनधन योजना का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में करीब 60 करोड़ बैंक खाते खोले गए हैं। उनके मुताबिक, इससे गरीब और पहले बैंकिंग व्यवस्था से बाहर रहे लोगों को औपचारिक बैंकिंग सिस्टम से जोड़ने में मदद मिली है।

मोदी ने अपने आलोचकों पर वित्तीय समावेशन का विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग चाहते हैं कि आम नागरिक बुनियादी सेवाओं और अवसरों के लिए ‘माई-बाप’ कल्चर पर निर्भर रहे। उन्होंने कहा, “यह मोदी हैं। वह उन लोगों के सामने चट्टान की तरह खड़े हैं जो ‘माई-बाप’ कल्चर को पसंद करते हैं।”

प्रधानमंत्री ने बैंकिंग तक पहुंच बढ़ाने को अपने P2G2 यानी लोगों के हक में अच्छे शासन के विचार से जोड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार अब संकट आने के बाद प्रतिक्रिया देने के बजाय पहले से योजना बनाने और सेवाओं की सीधे डिलीवरी पर जोर दे रही है।

‘Make in India’ का जिक्र, मोबाइल एक्सपोर्ट पर गिनाया बदलाव
प्रधानमंत्री ने SRCC में 2013 के अपने भाषण के दौरान की गई मैन्युफैक्चरिंग और ‘Made in India’ की अपील को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उस समय भारत में निर्माण को बढ़ावा देने की उनकी बात को अव्यावहारिक मानकर खारिज किया गया था।

मोदी ने कहा, “जब मैंने कहा कि हमें ‘मेड इन इंडिया’ की दिशा में काम करने की जरूरत है, तो उस समय के इकोसिस्टम के लोग इसे समझ ही नहीं पाए।”

उन्होंने दावा किया कि उस दौर में भारत के लिए ‘Made in India’ को लेकर निराशा का माहौल था, लेकिन आज ‘Make in India’ की ब्रांड वैल्यू दिखाई देती है।

प्रधानमंत्री ने मोबाइल फोन के उत्पादन और निर्यात का उदाहरण देते हुए कहा कि 2014 में भारत बड़ी मात्रा में मोबाइल फोन आयात करता था, जबकि अब देश 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के हैंडसेट एक्सपोर्ट कर रहा है। उन्होंने इसे घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने वाली सरकारी नीतियों के प्रभाव के तौर पर पेश किया।

ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की ओर भारत
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब, रिसर्च और इनोवेशन का सेंटर तथा कृषि उत्पादों के बड़े निर्यातक के रूप में आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने युवाओं को भारत की इस विकास यात्रा से जोड़ते हुए इनोवेशन, मैन्युफैक्चरिंग और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उनके मुताबिक, आने वाले समय में भारत की आर्थिक ताकत को आगे बढ़ाने में युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

​युवाओं को दिया 'स्वदेशी' और 'ब्रांड इंडिया' का मूलमंत्र 
पीएम मोदी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज भारत तेजी से दुनिया की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में शुमार हो रहा है। उन्होंने युवाओं से 'ब्रांड इंडिया' को विश्व पटल पर स्थापित करने, इनोवेशन पर ध्यान केंद्रित करने और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं के पास न केवल डिग्री हासिल करने की जिम्मेदारी है, बल्कि आने वाले भारत की नींव को आधुनिक, कुशल और मजबूत बनाने की भी बड़ी भूमिका है।