'ये भी भारत जैसे दुश्मन, बातचीत नहीं करेंगे', PoK प्रदर्शन पर बोले पाकिस्तानी रक्षा मंत्री, अब तक 100 की मौत
Published: Wednesday, July 29, 2026, 15:24 [IST]
PoK Protest Violence: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में चुनाव से पहले हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में मंगलवार को हजारों लोगों ने विधानसभा की 12 शरणार्थी सीटों को खत्म करने की मांग को लेकर मार्च निकाला, जिस पर पुलिस फायरिंग में 30 प्रदर्शनकारियों की मौत और 50 से ज्यादा लोगों के घायल होने का दावा किया गया है। वहीं इस पूरे प्रोटेस्ट के दौरान लगभग 100 लोगों की मौत हो चुकी है
हिंसा के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने प्रदर्शनकारियों को भारत की तरह पाकिस्तान का दुश्मन बताते हुए साफ कहा कि उनसे किसी तरह की बातचीत नहीं होगी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर 12 शरणार्थी सीटों का विवाद क्या है और JAAC इस व्यवस्था का विरोध क्यों कर रहा है।
ख्वाजा आसिफ ने प्रदर्शनकारियों पर क्या कहा?
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि जो लोग PoK में सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं, उन्हें भारत की तरह पाकिस्तान का दुश्मन माना जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों से किसी तरह की बातचीत नहीं होगी। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब फायरिंग में कई लोगों की मौत के बाद पूरे PoK में तनाव चरम पर है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
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PoK में विरोध प्रदर्शन की शुरुआत कैसे हुई?
मंगलवार को जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के बैनर तले करीब 5 हजार लोग रावलाकोट से मुजफ्फराबाद की ओर मार्च निकाल रहे थे। प्रदर्शनकारी विधानसभा की 12 शरणार्थी सीटों को खत्म करने की मांग कर रहे थे। JAAC का आरोप है कि सुरक्षाबलों ने बिना किसी उकसावे के फायरिंग की, जबकि पाकिस्तान सरकार का कहना है कि प्रदर्शनकारी हथियारों से लैस थे और पहले उन्होंने सुरक्षा बलों पर हमला किया, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई।
PoK की 12 शरणार्थी सीटों का विवाद क्या है?
PoK विधानसभा में कुल 53 सीटें हैं। इनमें 45 सीटों पर सीधे चुनाव होते हैं, जबकि 12 सीटें उन कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं, जो 1947 और उसके बाद जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान चले गए थे। इन सीटों के मतदाता PoK में नहीं बल्कि पाकिस्तान के अलग-अलग प्रांतों में रहते हैं। JAAC का कहना है कि इससे इस्लामाबाद की राजनीतिक पार्टियां PoK की सरकार के गठन में दखल देती हैं।
JAAC इन सीटों को खत्म करने की मांग क्यों कर रहा है?
JAAC का आरोप है कि 12 शरणार्थी सीटों के जरिए पाकिस्तान की राष्ट्रीय पार्टियां चुनावी नतीजों को प्रभावित करती हैं। कई बार इन्हीं सीटों के कारण विधानसभा में बहुमत का समीकरण बदल जाता है। संगठन का कहना है कि PoK की सरकार चुनने का अधिकार सिर्फ वहीं रहने वाले लोगों के पास होना चाहिए। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) समेत कई विपक्षी दल भी चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठा चुके हैं।
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फायरिंग के बाद PoK में अब क्या हालात हैं?
हिंसा के बाद पाकिस्तान सरकार ने पूरे PoK में अतिरिक्त सेना, पैरा मिलिट्री और आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी तैनात कर दी है। कई इलाकों में धारा-144 लागू कर दी गई है और इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं। JAAC ने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया है। वहीं सरकार का दावा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं।