पेपर लीक पर सख्ती, विपक्ष पर तीखा वार... लोकसभा में तेजस्वी सूर्या ने राहुल गांधी को घेरा

पेपर लीक पर सख्ती, विपक्ष पर तीखा वार... लोकसभा में तेजस्वी सूर्या ने राहुल गांधी को घेरा

बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या

लोकसभा में मंगलवार को पेपर लीक विरोधी बिल पर चर्चा के दौरान, बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने विपक्ष पर हमला बोला है. उन्होंने भी ‘जेन-जी’ (Gen-Z) शब्दावली का खूब इस्तेमाल किया. सूर्या ने प्रधानमंत्री आवास के पास विरोध प्रदर्शन करने के राहुल गांधी के फैसले पर निशाना साधा. इस दौरान उन्होंने लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भी घेरा.

तेजस्वी सूर्या ने कहा, “जब छात्र विरोध कर रहे थे, तो राहुल गांधी ‘पॉलिटिकल FOMO’ (कुछ छूट जाने का डर) से जूझ रहे थे. उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि कहां जाएं, क्योंकि वे देख रहे थे कि दूसरे लोग ज्यादा सुर्खियां बटोर रहे हैं. नतीजतन, वे जाकर सीधे प्रधानमंत्री आवास के सामने बैठ गए.” जो एक तरह से राहुल गांधी और उनके साथ वहां बैठने वाले लोगों की नासमझी थी.

नई शिक्षा नीति से छात्रों को होगा फायदा

तेजस्वी सूर्या ने कहा कि छात्र आठवीं कक्षा से ही NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर देते हैं, और कई छात्र कोटा जैसे शहरों में सालों बिताते हैं, जहां वे ऐसी संस्कृति का हिस्सा बन जाते हैं जो रटकर सीखने (rote learning) को प्राथमिकता देती है. सूर्या ने कहा कि तीन घंटे की एक ही परीक्षा से पूरे भविष्य का तय होना छात्रों पर भारी दबाव डालता है. उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति इस प्रणाली को बदलने, आलोचनात्मक सोच को बढ़ावा देने और बहु-विषयक (multidisciplinary) शिक्षा ढांचा लागू करने की दिशा में काम कर रही है.

युवा राजनीति नहीं, समाधान चाहते हैं

तेजस्वी सूर्या ने जोर देकर कहा कि देश के युवा राजनीति के बजाय समाधान चाहते हैं. उन्होंने कहा कि छात्रों की मुख्य चिंता यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य की परीक्षाएं निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हों. सूर्या ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा सामाजिक उन्नति (social mobility) का सबसे महत्वपूर्ण जरिया है, खासकर आम परिवारों के बच्चों के लिए, जिनके लिए यह सफलता का मुख्य रास्ता है.

पेपर लीक पर रखा सरकार का पक्ष

उन्होंने पेपर लीक को छात्रों के भरोसे के साथ एक गंभीर धोखा बताया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे “पाप” करार दिया और तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए. इन कदमों में CBI जांच के आदेश देना, गिरफ्तारियां करना और परीक्षा के नतीजों की समय पर घोषणा सुनिश्चित करना शामिल था. सूर्या ने कहा कि सरकार ने परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए बड़े सुधार किए हैं, और यह बिल उस दिशा में एक अहम कदम है. उन्होंने विपक्ष से रचनात्मक सहयोग की अपील भी की.

मोहम्मद जुनेद अख्तर

मोहम्मद जुनेद अख्तर

मोहम्मद जुनेद अख्तर करीब 12 साल से मीडिया में काम कर रहे हैं. करियर की शुरुआत साल 2013 में 'अमर उजाला' गाजियाबाद से की थी. यहां इन्होंने करीब एक साल तक रेलवे, कलेक्ट्रेट और आरडब्ल्यूए जैसी बीट पर काम किया. फरवरी 2014 में नवोदय टाइम्स अखबार से जुड़ गए और गाजियाबाद में ही रेलवे, स्पोर्ट्स और एजुकेशन की बीट कवर की. करीब एक साल बाद 2015 में गाजियाबाद से दिल्ली ट्रांसफर हो गया. दिल्ली में अल्पसंख्यकों के मुद्दों के साथ जंतर-मंतर पर कई बड़े धरने-प्रदर्शन कवर किए. अगस्त 2016 में दिल्ली से नोएडा ट्रांसफर हो गया. नोएडा में क्राइम बीट पर लगातार करीब तीन साल काम किया. इसके बाद 2020 में लॉकडाउन के दौरान क्राइम के अलावा गौतमबुद्ध नगर के तीनों प्राधिकरण और दूसरी बीट भी कवर करने का मौका मिला. 2024 में ‘उत्तर प्रदेश टाइम्स’ की डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया. इस दौरान 'उत्तर प्रदेश टाइम्स' की नोएडा डिजिटल साइट ट्राइसिटी टुडे में भी काम किया. जनवरी 2025 में न्यूज 24 डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया. यहां जुनेद अख्तर ने बतौर सब एडिटर काम किया और राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर काम किया. सितम्बर 2025 से TV9 भारतवर्ष की वेबसाइट में सीनियर सब एडिटर के तौर पर जुड़े.

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