देश में स्कूलों की संख्या एक लाख से ज्यादा कम हुई, कॉलेज और यूनिवर्सिटी बढ़े या घटे?
देश में स्कूलों की संख्या एक लाख से ज्यादा कम हुई, कॉलेज और यूनिवर्सिटी बढ़े या घटे?
शिक्षा मंत्रालय ने लोकसभा में बताया कि केंद्र अलग से स्कूल बंद होने या उनके विलय का रिकॉर्ड नहीं रखता. लेकिन राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की ओर से UDISE+ पोर्टल पर अपलोड किए गए.
Written By : कविता गाडरी | Updated at : 28 Jul 2026 06:26 PM (IST)

भारत में सरकारी स्कूल
Source : pexels
संसद के मॉनसून सत्र में देश में सरकारी स्कूलों के बंद होने का मुद्दा जोर-शोर से उठा रहा है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर एक लाख से ज्यादा स्कूल बंद करने का आरोप लगाया. इसके जवाब में केंद्र सरकार ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि सरकारी स्कूलों को खोलने, मर्जर करने या बंद करने का फैसला राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकार क्षेत्र में आता है. इसी दौरान सरकार की ओर से जारी किए गए UDISE+ आंकड़ों से यह भी सामने आया कि पिछले कुछ वर्षों में देश में सरकारी स्कूलों की संख्या घटी है. वहीं दूसरी ओर यूनिवर्सिटी और कॉलेज की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है.
सरकारी स्कूलों की संख्या में आई गिरावट
शिक्षा मंत्रालय ने लोकसभा में बताया कि केंद्र अलग से स्कूल बंद होने या उनके विलय का रिकॉर्ड नहीं रखता. लेकिन राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की ओर से UDISE+ पोर्टल पर अपलोड किए गए आंकड़ों के अनुसार सरकारी स्कूलों की संख्या लगातार घटी है. 2021-22 में देश में कुल 10,22,386 सरकारी स्कूल थे, जो 2025-26 में घटकर 10,05,245 रह गई. यानी 4 वर्षों में करीब 17,000 स्कूल कम हो गए. वहीं पिछले दशक के आंकड़ों पर नजर डालें तो सरकारी स्कूलों की संख्या में लगभग 1 लाख की कमी दर्ज की गई है. अकेले उत्तर प्रदेश में 2025-26 के दौरान सबसे ज्यादा 1,77,103 सरकारी स्कूल दर्ज किए गए. हालांकि इससे पहले के वर्षों में यहां स्कूलों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई. मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में स्कूलों के विलय और पुनर्गठन की प्रक्रिया सबसे ज्यादा चर्चा में रही.
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केंद्र सरकार ने क्या कहा?
सरकार ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 स्कूलों के एकीकरण की अनुमति देता है, लेकिन यह तभी किया जा सकता है जब इससे छात्रों की शिक्षा तक पहुंच प्रभावित न हो. मंत्रालय का कहना है कि स्कूलों के विलय के दौरान यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि बच्चों को पढ़ाई के लिए अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना न करना पड़े. सरकार ने यह भी बताया कि समग्र शिक्षा योजना के तहत राज्यों को कुल स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, छात्र-शिक्षक अनुपात बनाए रखना, नामांकन बढ़ाने और विद्यार्थियों को स्कूल में बनाए रखने के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है. वहीं शिक्षकों की भर्ती और तैनाती की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होती है.
दूसरी और तेजी से बढ़ी यूनिवर्सिटियों की संख्या
जहां एक और देश में स्कूलों की संख्या घटी है, वहीं उच्च शिक्षण संस्थानों का विस्तार तेजी से हुआ. AISHE 2023-24 के अनुसार वर्ष 2013-14 में देश में 723 विश्वविद्यालय थे, जो 2023-24 तक बढ़कर 1,289 हो गए. यानी 10 वर्षों में विश्वविद्यालय की संख्या में करीब 77 फीसदी की वृद्धि हुई. इस बढ़ोतरी में सबसे बड़ी भूमिका प्राइवेट यूनिवर्सिटी की रही. 2013-14 में देश में 219 प्राइवेट यूनिवर्सिटी थे, जिनकी संख्या बढ़कर 540 हो गई. यानी प्राइवेट यूनिवर्सिटी में लगभग 149 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई. वहीं सरकारी यूनिवर्सिटी की संख्या 504 से बढ़कर 733 हुई, जो लगभग 45 प्रतिशत की वृद्धि है.
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About the author कविता गाडरी
कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है.
पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए.
इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.
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Published at : 28 Jul 2026 06:26 PM (IST)
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