आयुक्त जी. श्रीकांत का निर्देश: देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एलोरा में ठोस कचरे का हो प्रबंधन| Navbharat Live
आयुक्त जी. श्रीकांत का निर्देश: देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एलोरा में ठोस कचरे का हो प्रबंधन
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Written By:
अंकिता पटेल
Updated On: Jul 29, 2026 | 03:35 PM IST
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सार
Ghrishneshwar Cleanliness Plan : कुंभ 2027 को देखते हुए एलोरा-घृष्णेश्वर क्षेत्र में स्वच्छता, ठोस कचरा प्रबंधन और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए गए।

आयुक्त जी. श्रीकांत का एलोरा विकास प्रारूप की समीक्षा (सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
विस्तार
Ellora Grishneshwar Cleanliness Drive: छत्रपति संभाजीनगर संभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत ने कहा कि खुलताबाद तहसील के एलोरा-घृष्णेश्वर में देश-विदेश से बड़ी संख्या में सैलानी व भक्त दर्शनार्थ आते हैं। अगले वर्ष आयोजित होने वाले कुंभ मेले के आलोक में भी यहां उनकी संख्या में वृद्धि होने की प्रबल संभावना है।
इसे देखते हुए जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही क्षेत्र में उत्पन्न होने वाले ठोस कचरे का सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से प्रभावी प्रबंधन करें।
एलोरा को विश्वस्तरीय स्वच्छता वाला पर्यटन व धार्मिक स्थल बनाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने चाहिए। इस दौरान उन्होंने उपस्थितों को स्वच्छता की सामूहिक शपथ भी दिलाई।
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एलोरा-घृष्णेश्वर मंदिर ) क्षेत्र के विकास प्रारूप व स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा के लिए संभागीय आयुक्त कार्यालय में जी. श्रीकांत की अध्यक्षता में आहूत बैठक में जिलाधिकारी विनय गौडा जी.सी. जिप की सीईओ मिन्नू पीएम, अपर आयुक्त (विकास) सुषमा देसाई, स्थानीय जनप्रतिनिधि, पुरातत्व विभाग के अधिकारी, घृष्णेश्वर मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी, महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण, ग्राम पंचायत व जलापूर्ति व स्वच्छता विभाग के अधिकारी मौजूद थे। इस दौरान संबंधित अधिकारियों ने विभिन्न सुझाव व विचार भी रखे।
महिला बचत समूहों से भी मदद लेने के दिए गए निर्देश
संभागीय आयुक्त ने कहा कि वेरुल-घृष्णेश्वर मंदिर क्षेत्र में उत्पन्न होने वाले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करने के साथ ही ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2026 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि क्षेत्र में ठोस कचरा प्रसंस्करण केंद्र स्थापित करने के लिए शीघ्र विस्तृत कार्य प्रारूप (डीपीआर) बनाएं।
कचरे का हो नियमित संकलन
सैलानियों, भक्तों व व्यापारियों की गतिविधियों के चलते व भीडभाड के दौरान उत्पन्न होने वाले कचरे के नियमित संग्रहण के लिए अतिरिक्त मानव संसाधन तैनात करने, क्षेत्र के सौदयीकरण, स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता व जरूरत के अनुसार दंडात्मक कार्रवाई भी सुनिश्चित करें।
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जी. श्रीकांत ने कचरे का गीला व सूखा अलग-अलग वर्गीकरण करने, कचरे के पुनर्चक्रण व पुनः उपयोग से बनने वाले उत्पादों को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए इस कार्य में महिला स्वयं सहायता समूहों की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
