डिजिटल छत्तीसगढ़ की ओर बड़ा कदम : सुदूर वनांचल तक मोबाइल नेटवर्क, सेवा सेतु से गांव-गांव तक पहुंच रहीं सरकारी सेवाएं - Haribhoomi

डिजिटल छत्तीसगढ़ की ओर बड़ा कदम : सुदूर वनांचल तक मोबाइल नेटवर्क, सेवा सेतु से गांव-गांव तक पहुंच रहीं सरकारी सेवाएं

CM साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ डिजिटल गवर्नेंस की नई पहचान बना रहा है। सेवा सेतु, ई-ऑफिस, मोबाइल नेटवर्क विस्तार और एआई आधारित सेवाओं से सुशासन को नई मजबूती मिली है।

Governance strengthened by digital innovations

डिजिटल नवाचारों से सुशासन हुआ सशक्त (AI-Generated Image)

  • Published: 30 Jul 2026, 04:02 PM IST
  • Last Updated: 30 Jul 2026, 04:02 PM IST

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार 'विकसित छत्तीसगढ़ 2047' के विजन को डिजिटल तकनीक के माध्यम से तेजी से साकार कर रही है। राज्य सरकार प्रशासन में पारदर्शिता, त्वरित सेवा, जवाबदेही और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से लगातार तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा दे रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (CHiPS) के माध्यम से लागू की जा रही डिजिटल पहलें आज शासन और नागरिकों के बीच की दूरी कम करने के साथ-साथ सुशासन का मजबूत आधार बन चुकी हैं।

'सेवा सेतु' बना प्रदेश का सबसे बड़ा डिजिटल सेवा मंच
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 29 अप्रैल 2026 को 'सेवा सेतु' पोर्टल का शुभारंभ किया। यह राज्य का सबसे बड़ा एकीकृत नागरिक सेवा मंच बन चुका है, जहां 35 से अधिक विभागों की 564 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। अब तक पोर्टल पर 85 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 78 लाख से अधिक का समयबद्ध निराकरण किया जा चुका है। आय, जाति, निवास, जन्म-मृत्यु एवं विवाह प्रमाण पत्र जैसी सेवाएं अब नागरिकों को डिजिटल हस्ताक्षर के साथ सीधे उनके मोबाइल पर उपलब्ध हो रही हैं। एआई आधारित सहायता, व्हाट्सएप इंटीग्रेशन, आधार आधारित ई-केवाईसी, डिजीलॉकर और क्यूआर कोड वेरिफिकेशन जैसी सुविधाओं ने सेवा वितरण को और अधिक सुरक्षित एवं सरल बनाया है।

सेवा सेतु पोर्टल

ई-ऑफिस से पारदर्शी और पेपरलेस प्रशासन
24 अगस्त 2024 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्रालय से पहली डिजिटल फाइल आगे बढ़ाकर ई-ऑफिस प्रणाली की शुरुआत की थी। आज मंत्रालय, संचालनालय, संभागीय कार्यालय और सभी जिला कलेक्टोरेट पूरी तरह पेपरलेस कार्यप्रणाली की ओर बढ़ चुके हैं। फाइलों की ऑनलाइन ट्रैकिंग, समयबद्ध निर्णय और जवाबदेही बढ़ने से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आई है। वहीं 'प्रोजेक्ट दक्ष' के माध्यम से सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को डिजिटल तकनीकों और एआई आधारित प्रणालियों का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

वनांचल तक पहुंचा मोबाइल नेटवर्क
साय सरकार ने दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए राज्यभर में 5,000 से अधिक नए मोबाइल टावर स्थापित करने और फाइबर नेटवर्क विस्तार का अभियान शुरू किया है। भारतनेट-3 परियोजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत 3,942 करोड़ रुपये की सहायता से राज्य की 11,682 ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। इसका लाभ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और डिजिटल सेवाओं के रूप में ग्रामीणों तक पहुंच रहा है।

दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों तक आसान मोबाइल कनेक्टिविटी और तेज इंटरनेट सिर्फ संवाद का जरिया नहीं होंगे, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, ऑनलाइन सेवाएं, डिजिटल भुगतान और रोजगार के नए अवसर गांव-गांव तक पहुंचेंगे।

डिजिटल छत्तीसगढ़ की ओर मजबूत कदम बढ़ाते हुए भारतनेट-3 योजना के तहत प्रदेश की… pic.twitter.com/nnbGPVOxRw

— CMO Chhattisgarh (@ChhattisgarhCMO) May 12, 2026

ई-प्रगति पोर्टल से विकास कार्यों पर सीधी निगरानी
सरकार ने बड़े विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 'ई-प्रगति' पोर्टल की शुरुआत की है। 25 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की सैटेलाइट एवं जीआईएस आधारित निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा की जा रही है। साथ ही प्रदेश के सभी 119 पंजीयन कार्यालयों को स्मार्ट ऑफिस के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां ऑटो डीड जनरेशन और डिजीलॉकर आधारित प्रक्रिया से रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण की कार्यवाही भी तेज हो रही है।

एआई और डेटा सेंटर से भविष्य की तकनीकों पर फोकस
साय सरकार छत्तीसगढ़ को देश के उभरते आईटी हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी तेजी से काम कर रही है। नवा रायपुर में एआई आधारित ग्रीन एवं एनर्जी एफिशिएंट डेटा सेंटर पार्क की स्थापना से प्रदेश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती मिल रही है। 'छत्तीसगढ़ एआई विजन डॉक्यूमेंट' के तहत विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों एवं सरकारी विभागों में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और एडवांस डेटा लैब स्थापित किए जा रहे हैं। 'डिजिटल द्वार' प्लेटफॉर्म के जरिए विभागों के बीच सुरक्षित डेटा आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जा रहा है, जबकि क्लाउड फर्स्ट नीति से सरकारी डेटा की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।

डेटा सेंटर पार्क

डिजिटल तकनीक से मजबूत हो रहा सुशासन
सेवा सेतु, ई-ऑफिस, मोबाइल नेटवर्क विस्तार, भारतनेट, एआई आधारित सेवाएं और ई-प्रगति जैसे नवाचारों के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ डिजिटल गवर्नेंस का मजबूत मॉडल बनकर उभर रहा है। तकनीक के जरिए सरकार प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक केंद्रित बनाते हुए अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के अपने संकल्प को लगातार मजबूत कर रही है।

(छत्तीसगढ़ के जिले, कस्बे और गांवों की खबरों के लिए हरिभूमि का "ई-पेपर" पढ़ें। यहां क्लिक करें "epaper haribhoomi" या प्लेस्टोर से "हरिभूमि हिंदी न्यूज़" App डाउनलोड करें।)