उत्तन-विरार सी लिंक को मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेसवे से मिलेगी कनेक्टिविटी, प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी| Navbharat Live

उत्तन-विरार सी लिंक को मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेसवे से मिलेगी कनेक्टिविटी, प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी

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    रूपम सिंह

Updated On: Jul 30, 2026 | 03:59 PM IST

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सार

Mumbai Delhi Expressway: प्रस्तावित 55.12 किमी लंबे उत्तन-विरार सी लिंक को विरार के पास मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। MMRDA और केंद्रीय मंत्रालय ने दी सैद्धांतिक मंजूरी।

Proposed 55.12 km Uttan-Virar Sea Link gets in-principle approval to connect with Mumbai-Delhi Expressway at Khardi; to boost trade and logistics.

मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेसवे (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)

विस्तार

Uttan Virar Sea Link Mumbai Delhi Expressway Connection Approval: मुंबई और दिल्ली के बीच सड़क संपर्क को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। 55.12 किलोमीटर लंबे उत्तन-विरार सी लिंक को विरार के पास खर्डी के माध्यम से मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेसवे से जोड़ने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। यह निर्णय मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के बीच हुई बैठक में लिया गया।

मुंबई और पालघर की कनेक्टिविटी होगी बेहतर

इस परियोजना के पूरा होने के बाद मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) और पालघर जिले के बीच आवागमन अधिक तेज और सुगम हो जाएगा। इसके साथ ही माल ढुलाई, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों का मानना है कि बेहतर सड़क संपर्क से क्षेत्र में निवेश और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

नरीमन पॉइंट से विरार तक हाई-स्पीड सफर

उत्तन-विरार सी लिंक, एमएमआरडीए की प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं में शामिल है और इसे व्यापक तटीय सड़क नेटवर्क के हिस्से के रूप में विकसित किया जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद नरीमन पॉइंट से विरार तक निर्बाध हाई-स्पीड सड़क संपर्क उपलब्ध होगा, जिससे यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और उत्तर मुंबई तथा दक्षिण मुंबई के बीच आवाजाही अधिक आसान होगी।

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तकनीकी संशोधनों के बाद तय होगा अंतिम संरेखण

अधिकारियों के अनुसार, एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाले मार्ग का प्रारंभिक संरेखण लगभग तय हो चुका है। हालांकि, एमएमआरडीए द्वारा सुझाए गए कुछ तकनीकी संशोधनों को शामिल करने के बाद ही अंतिम संरेखण को मंजूरी दी जाएगी। इसके बाद परियोजना के अगले चरण की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होगी।

व्यापार और औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का मानना है कि उत्तन-विरार सी लिंक और मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेसवे के जुड़ने से व्यापार, परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा, माल परिवहन की लागत और समय दोनों में कमी आएगी तथा मुंबई महानगर क्षेत्र और पालघर जिले के समग्र आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

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