वेदांता में एक और डीमर्जर, कंपनी के निवेशकों को फ्री में मिलेगा एक्स्ट्रा शेयर
वेदांता में एक और डीमर्जर, कंपनी के निवेशकों को फ्री में मिलेगा एक्स्ट्रा शेयर
Jul 30, 2026 05:23 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान
मुख्य बातें
- कंपनी के बोर्ड ने रियल एस्टेट कारोबार का वेदांता प्रॉपर्टी प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (VPPL) में डीमर्जर करने की मंजूरी दे दी
- डीमर्जर की योजना के तहत वेदांता के 20 शेयर रखने वाले निवेशक को वेदांता प्रॉपर्टी प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का 1 शेयर मिलेगा
वेदांता में एक और डीमर्जर
अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाली वेदांता ने अपने रियल एस्टेट बिजनेस को अलग करने का ऐलान किया है। कंपनी के बोर्ड ने गुरुवार को रियल एस्टेट कारोबार का वेदांता प्रॉपर्टी प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (VPPL) में डीमर्जर करने की मंजूरी दे दी। कंपनी का मकसद इन एसेट्स की वैल्यू को अनलॉक करना है। यह डीमर्जर वेदांता और वेदांता प्रॉपर्टी प्लेटफॉर्म्स (VPPL) के बीच एक स्कीम ऑफ अरेंजमेंट के जरिए किया जाएगा, जिसके लिए कानूनी और रेगुलेटरी मंजूरी की जरूरत होगी। कंपनी ने कहा कि वह सही समय पर BSE और NSE से नो-ऑब्जेक्शन लेटर (अनापत्ति पत्र) के लिए आवेदन करेगी।
20 शेयर पर मिलेगा VPPL का 1 शेयर
डीमर्जर की योजना के तहत वेदांता के 20 शेयर रखने वाले निवेशक को फ्री में वेदांता प्रॉपर्टी प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का 1 शेयर मिलेगा। कंपनी ने कहा है कि यह डीमर्जर वर्टिकल स्प्लिट के तौर पर किया जाएगा। यानी रियल एस्टेट परिसंपत्तियां एक अलग इकाई में चली जाएंगी जबकि बाकी कारोबार अपनी मौजूदा संरचना के तहत आगे बढ़ेगा।
वेदांता ने कहा कि अलग होने वाले अतिरिक्त रियल एस्टेट पोर्टफोलियो में लगभग 2,200 एकड़ औद्योगिक जमीन और लगभग 55,000 वर्ग फुट की रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रॉपर्टीज शामिल हैं। इस पोर्टफोलियो में पूरे भारत में 22 एसेट्स शामिल हैं, जिनमें लगभग 2,264 एकड़ जमीन और 53,185 वर्ग फुट रेजिडेंशियल और ऑफिस स्पेस शामिल है। ये एसेट्स महाराष्ट्र, गोवा, तमिलनाडु, गुजरात और कर्नाटक में फैले हुए हैं। पोर्टफोलियो में जमीन के टुकड़े, फ्लैट, इमारतें और बंगले शामिल हैं।
वेदांता ने कहा कि रियल एस्टेट एसेट्स को कई वर्षों में अलग-अलग अधिग्रहणों के जरिए इकट्ठा किया गया है और अभी ये ऑपरेटिंग बिजनेस का हिस्सा हैं। इनमें नॉन-कोर, रणनीतिक रूप से स्थित जमीन के टुकड़े, बनी-बनाई संपत्तियां और रियल एस्टेट की अन्य कंपनियों में निवेश शामिल हैं। कंपनी ने कहा कि रियल एस्टेट पोर्टफोलियो का अब तक सीमित इस्तेमाल हुआ है, जिससे इसकी पहचान कम रही है और इससे मिलने वाली वैल्यू भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है।
कैसे रहे वेदांता के नतीजे?
चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में वेदांता लिमिटेड का मुनाफा 71.8 प्रतिशत बढ़कर 5,473 करोड़ रुपये रहा। अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाली कंपनी का 2025-26 की पहली (अप्रैल-जून) तिमाही में मुनाफा 3,185 करोड़ रुपये था। कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में परिचालन आय 53.6 प्रतिशत बढ़कर 24,205 करोड़ रुपये हो गई जो एक साल पहले 15,754 करोड़ रुपये थी। तिमाही में कंपनी का कुल खर्च बढ़कर 17,558 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह 13,203 करोड़ रुपये था।
