फर्जी वाहन फिटनेस प्रमाणपत्र पर सख्ती, परिवहन मंत्री के निर्देश, दोषी अधिकारियों पर होगी कार्रवाई| Navbharat Live

फर्जी वाहन फिटनेस प्रमाणपत्र पर सख्ती, परिवहन मंत्री के निर्देश, दोषी अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

  • Written By:

    रूपम सिंह

Updated On: Aug 01, 2026 | 09:35 AM IST

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सार

Maharashtra Fake Vehicle News: महाराष्ट्र सरकार ने वाहन फिटनेस प्रमाणपत्रों में गड़बड़ी पर कड़ा रुख अपनाया है। मंत्री सरनाईक ने जांच रिपोर्ट मांगी है और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।

Maharashtra govt orders probe into vehicle fitness certificate irregularities. Transport Minister Pratap Sarnaik warns of strict action against guilty RTO officers.

मंत्री प्रताप सरनाईक (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)

विस्तार

Maharashtra Fake Vehicle Fitness Certificate Probe: महाराष्ट्र सरकार ने वाहन फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया में सामने आई अनियमितताओं को गंभीरता से लिया है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने परिवहन आयुक्त को निर्देश दिए हैं कि मोटर वाहन अधिनियम के फॉर्म 38ए के तहत जारी किए गए फिटनेस प्रमाणपत्रों की विस्तृत जांच कर तत्काल सरकार को रिपोर्ट सौंपी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

नियमों की अनदेखी पर सरकार का सख्त रुख

परिवहन मंत्री ने कहा कि वाहन फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करते समय नियमों की अनदेखी या किसी भी प्रकार की अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी। सरकार का उद्देश्य फिटनेस प्रमाणन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है, ताकि सड़क सुरक्षा से जुड़े मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जा सके।

RTO में भ्रष्टाचार के आरोपों की भी होगी जांच

आरटीओ विभाग में भ्रष्टाचार के आरोपों की पृष्ठभूमि में सरकार पहले ही सख्त रुख अपना चुकी है। मानसून सत्र के दौरान परिवहन मंत्री के निर्देश पर सेवानिवृत्त और वर्तमान अधिकारियों की भूमिका की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। यह दल विभाग में हुई कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामलों की जांच कर रहा है।

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दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जिन अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध या दोषपूर्ण पाई जाएगी, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार का कहना है कि परिवहन विभाग में पारदर्शिता बढ़ाने, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और वाहन फिटनेस प्रमाणन प्रणाली को विश्वसनीय बनाने के लिए भविष्य में भी ऐसी निगरानी और जांच जारी रहेगी।

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